प्रेमचंद जयंती

कलम के सिपाही हिंदी साहित्य के सम्राट, प्रगतिशील विचारों के पुरोधा,युगद्रष्टा और कलम के सच्चे सिपाही मुंशी प्रेमचंद जी को शत शत नमन।बेहद ही साधारण देखने वाले प्रेमचंद का व्यक्तित्व अत्यन्त अद्वितीय था।गृहस्वामिनी उनके 139वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करती है ।   साहित्य-गगन का चाँद साहित्य-गगन का चाँद विहंसता है अम्बर में, और धरा…

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एक निमंत्रण मानसून को

एक निमंत्रण मानसून को आसमान मे तक, श्याम बादलोँ को, दे दिया उन्हें नेह निमंत्रण। आ मानसून आ, बहा ले जा अपने साथ, पिशाचिनी कोरोना को। जिसने कितनी माँओं से उनके बच्चें छीने, और कितने बच्चों से छिना, उनके पिता का दुलार। जिसके कुचक्र में फँसकर कराह रही हेै आदमजात। आ मानसून आ, बहा ले…

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मैं आप की बेटी हूँ

मैं आपकी बेटी हूँ मैं उन सब बेटियों की तरफ से लिख रही हूँ जिन्हें अपनी बात रखने का कभी मौका नहीं मिला। कभी संकोचवश, कभी आदतन। घर की दहलीज के भीतर रहने वाली बेटियाँ, कदमताल पर आगे चलने वाली बेटियाँ — कुछ व्यथाएँ अनकही रह गई। लेकिन बाबा, अब्बू, बाबू जी, पापा की लाड़ली…

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पंगा: जीवन का व्यर्थता बोध

पंगा: जीवन का व्यर्थता बोध ‘यह हीनता, अपर्याप्तता और असुरक्षा की भावनाएँ हैं जो व्यक्ति के अस्तित्व के लक्ष्य को निर्धारित करती हैं।’ – एल्फ़्रेड एडलर ‘नया ज्ञानोदय’ के जुलाई २००८ में प्रकाशित दिव्या माथुर की कहानी ‘पंगा’ पहले भी पढ़ी थी, अच्छी लगी थी। दोबारा पढ़ते हुए उसके कुछ अनछूए पहलुओं पर ध्यान गया।…

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महात्मा गांधी का जीवन विश्व कल्याण के लिए

महात्मा गांधी का जीवन विश्व कल्याण के लिए गांधीजी की कार्य शैली और साधना वसुधैव कुटुंबकम के सिद्धांत पर आधारित रही । गांधी जी के समन्वयवादी सिद्धांत मनुमष्य के विवेक की धुरी हैं । सत्याग्रह और अहिंसा पर आधारित गांधी जी की विचारधारा और कार्यशैली संपूर्ण विश्व के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है ।…

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जीवनादर्शों के मसीहा: लाल बहादुर शास्त्री

जीवनादर्शों के मसीहा: लाल बहादुर शास्त्री “जय जवान, जय किसान” का उद्घोष, चहुँ दिशाओं में गुंजित करने वाला। अपने छोटे -सधे डग में भी, अदम्य साहस संचित करने वाला।। जिसकी सादगी और सरलता ही, उसकी राजनीति का सिद्धांत बनी। कैसे कह दें हम कि शासन -प्रशासन, और षड्यंत्रों की हमेशा गहरी छनी।। विकट परिस्थितियों के…

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बेरंग जिंदगी में रंग भर दें

बेरंग जिंदगी में रंग भर दें बेरंग जिंदगी में रंग भर दें, चलो होली के रंग में रंग दें, नफरत की दीवार तोड़ कर, आओ प्रेम को संग कर दें। बुराई की होलिका जलाएं, अपने कलुषित विचारों को मिटाएं, नही तकलीफ हो किसी मन में चलो कुछ इस तरह त्योहार मनाएं। प्रेम के रंग में…

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तीसरी दुनिया की इन्सान

तीसरी दुनिया की इन्सान जी.. सुनो .. मैं एक अलग दुनिया की इन्सान हूं. जो बिन नींव के महल बनाती हूं.. और ताउम्र उनके टिक जाने ……..का इंतजार भी करती हूं. समुन्दर से आकाश में तारों की इस बाढ़ में.. देखो.. इक दिया .लिये….. खडी़ हूं मैं.. दुखों की इस बगिया का .. अश्रु सिचंन…

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बड़े शहर का छोटा सा गांव

बड़े शहर का छोटा सा गांव नई दिल्ली में छोटा सा गांव क़ुतुब मीनार से मात्र कुछ मिनट की दूरी पर। कीकर के पेड़ मीलों तक, साथ में चारों ओर हरियाली।सड़के भी २० बरस पहले निकली ,चारो ओर से घनी हरियाली में फैला हुआ।जहां आबादी संभ्रांत परिवार जाटों की ,अपने में मस्त होकर जीने वालों…

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वेलेंटाइन डे

वेलेंटाइन डे सफर के दौरान मिले दो शख्स ट्रेन में बैठे उदय…ने सामने सीट पर बैठी लड़की से पूछा…”कहाँ जा रही हो?” गुस्से में लाल चेहरे से तमतमाती लड़की ने जवाब दिया,”पता नहीं “। “टिकेट कहाँ की कटाई हो?” “जहाँ ट्रेन रूकेगी, मेरी किस्मत मुझे जहाँ ले जाए”।लगता है बहुत परेशान हो…? उचित समझो तो…

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