अयोध्या की ऐतिहासिकता

अयोध्या की ऐतिहासिकता   अयोध्या की ऐतिहासिकता को समझने से पूर्व यह जान लेना आवश्यक है कि अयोध्या शब्द “अयुद्धा” का बिगड़ा हुआ रूप है ।अयोध्या के अस्तित्व का इतिहास आरंभ होता है सूर्यपुत्र वैवस्वत मनु द्वारा इसे बसाए जाने से। विश्व प्रसिद्ध ग्रंथ रामायण में उल्लेख है कि — अयोध्या नाम नगरी तत्रासीत लोक…

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संवेदनशील कलम की धनी-टोनी मोरिसन

  संवेदनशील कलम की धनी-टोनी मोरिसन टोनी मोरिसन एक प्रख्यात अमेरिकी कवयित्री, नाटककार, और उपन्यासकार थीं। मॉरिसन ने अफ्रीकी अमरीकी जीवन को गहराई से जिया और उनमें से कहानियाँ गढ़ कर लोगों के सामने रखा। उनका लेखन मनोरम, काव्यमय गद्य का बेहतरीन उदाहरण है। यूँ तो सुरुचिपूर्ण लेखन में उनका परम विश्वास था, परन्तु जो…

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पलाश

पलाश ’’माँ…….माँ ………. हमारे खेत की मुँडेर पर जो पेड़ लगे हैं उन पर कितने सुन्दर फूल आऐं हैं, देखा तुमने?” “वह तो हर साल आते हैं……. इन्हीं दिनों, होली के समय……… टेसू कहते हैं उसे….” “माँ….उन फूलों का रंग कितना सुन्दर है, गहरा पीला…नारंगी…….. कहीं कहीं काले धब्बे हैं पर माँ ऐसा लग रहा…

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तीसरी दुनिया की इन्सान

तीसरी दुनिया की इन्सान जी.. सुनो .. मैं एक अलग दुनिया की इन्सान हूं. जो बिन नींव के महल बनाती हूं.. और ताउम्र उनके टिक जाने ……..का इंतजार भी करती हूं. समुन्दर से आकाश में तारों की इस बाढ़ में.. देखो.. इक दिया .लिये….. खडी़ हूं मैं.. दुखों की इस बगिया का .. अश्रु सिचंन…

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और कितने कुरुक्षेत्र

और कितने कुरुक्षेत्र आज ऑफिस में बड़ी गहमा-गहमी थी। पूरे दो घंटे की माथापच्ची के बाद आकाश ने कम्पनी के बारे में एक प्रस्तुति तैयार की थी। उसे एक बढ़िया मौका मिलेगा अपनी प्रतिभा दिखाने का। दरअसल, ये कम्पनी नई ही बनी थी। चार साल पहले कनाडा से स्वदेश लौटे श्री मनोज बख्शी ने शुरु…

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तिरस्कार

तिरस्कार टैक्सी जा कर बड़े से गेट के सामने रूक गई। दरवाजा खोल कर आशा बाहर निकली उस के पीछे दोनों छोटे बच्चें। आशा ने टैक्सी का किराया चुकाया, बैग कंधे पर डाला और दोनों बच्चों का हाथ पकड़ कर गेट के सामने आ खड़ी हुई। दरबान ने देखा तो सलाम किया फिर सिर झुका…

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बढ़ती जनसंख्या परेशानी का सबब

बढ़ती जनसंख्या परेशानी का सबब ग्यारह जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के रूप में मनाया जाता है।इसको मनाने का उद्देश्य बढ़ती जनसंख्या के प्रति ध्यान खींचना है और लोगों को जागरूक बनाना है।आज पूरे विश्व में हर सेकेण्ड में चार बच्चों का जन्म होता है जबकि मृत्यु दर इसकी आधी है।अगर जनसंख्या इसी दर से…

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Our Special Guest

Our Special Guest “Please! Please let me through… I must see Jesus… The King of the Jews!” From Bethany and the Mount of Olives He’s coming today… they have laid palm branches and their cloaks all along His pathway! It’s so very busy… with everyone making preparations… for the Passover being so close…and the shepherds…

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पीपल का पेड़

पीपल का पेड़ पीपल का पेड़, टीलेके उस पार खड़ा , वह पीपल का पेड़, जिसकी पत्तियां सुबह की रोशनी में, पारे सी झिलमिलाती हैं, नितांत अपना सा लगता है, जिसके सूखे, लरजते पत्तों में, नजाने कितनी यादें छिपी हैं, यह पेड़ हमारी आस्था व् विश्वास का प्रतीक ही नहीं, किसी बूढ़े, ज्ञानी, तपस्वी सा…

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राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर रामधारी सिंह दिनकर जिन्हें हम ‘जनकवि’ और ‘राष्ट्रकवि’ के नाम से भी जानतें हैं और जो बिहार ही नहीं वरन् पूरे भारत के साहित्यिक आकाश में सूर्य के समान दैदिप्यमान नक्षत्र थें, हैं और रहेंगे… यथा नाम तथा गुण…. । यूं तो दिनकर की ख्याति एक वीर रस के कवि के…

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