महकता बसंत
महकता बसंत महक रहा है हलका – हलका , बालों में गूँथा जो गजरा । बहक रहा है छलका – छलका , नयनन में हँसता वो कजरा । बिजुरिया सम दमके बिंदिया आँचल में मुखड़ा रही छिपाय । सजी धजी थिरके है सजनी , आस दीप नैन में चमकाय ! 2 बोल रही है बहकी…
महकता बसंत महक रहा है हलका – हलका , बालों में गूँथा जो गजरा । बहक रहा है छलका – छलका , नयनन में हँसता वो कजरा । बिजुरिया सम दमके बिंदिया आँचल में मुखड़ा रही छिपाय । सजी धजी थिरके है सजनी , आस दीप नैन में चमकाय ! 2 बोल रही है बहकी…
नए दौर की नई कहानी – डाॅ. वर्गीज कुरियन डाॅ. वर्गीज कुरियन से मेरा पहला परिचय हुआ था यू.पी.एस.सी. की परीक्षा की तैयारी करते हुए। उनके ‘अमूल’ और ‘श्वेत क्रांति’ की चर्चा किताबों में थी। 1948 से लेकर 1965 तक मैनेजर ‘अमूल’ की जबाबदारी उन्होंने बड़ी बखूबी निभाई और उस आदमी की सूझ बूझ और…
PRISON-PRISONER AND EDUCATION Let me start with an incidence that happened eight years ago. You may consider it as a small incident, but the impact it made on me has been huge. It demonstrated the real impact of education on human life, specially the life of a petty criminal. While on drive to a relative’s…
भारतीय संविधान और टी.टी. कृष्णामाचारी टी.टी. कृष्णामाचारी का प्रारंभिक जीवन हमारा देश सन् 1947 में अंग्रेज़ों की अधीनता से स्वतंत्र हुआ। तब विविधताओं से सम्पन्न भारत के शासन संचालन के लिए एक सुव्यवस्थित शासन प्रणाली की आवश्यकता थी। इसी उद्देश्य से भारत के संविधान के निर्माण की आवश्यकता महसूस की गई। संविधान निर्माण के लिए…
खोयी हुई आजादी… भीतर गहराई से हम स्वतंत्र प्राणी हैं। लगभग। जन्म के समय हमारी स्वतन्त्रता का बोध कराने के लिए, हमें बंधन मुक्त करने को नाभि की नाड़ भी काट दी जाती है, इसी तथ्य को दर्शाते हुए कि हमारा मूल संबंध स्वयं से होता है, न कि अन्यों से। ‘स्व-तंत्र’ का मतलब है…
तैयारी परीक्षा की आज केे इस प्रतिस्पर्धात्मक और महत्वकांक्षी युग में परीक्षा का महत्व और दबाव इस प्रकार बढ गया है कि बच्चे ही नहीं बल्कि पूरा घर परिवार भी परीक्षा की तैयारी में जुट जाता है। अगर बोर्ड की परीक्षा हो तब तो मानो पूरे घर मे ही कर्फ्यू लग जाती है। माँ पापा…
मेरी कहानी आत्मकथा ! कैसा विचित्र सा शब्द है ? आत्मा तो शाश्वत है, अनादि है अनंत है। स्वयं पूर्ण ब्रह्म है । उसकी क्या कथा हो सकती है? मेरी, तेरी, सारे जीव-जंतु की यहाँ तक कि पेड़ पौधों की भी आत्मा तो एक ही है । संभवतः बात हो रही है इस नीरजा नामक…
विकास का प्रयास कॉग्रेस के 65 साल सरकार के बाद भी देश बेरोजगारी, गरीबी, अशिक्षा और कुपोषण से ग्रस्त था देश। लेकिन हमारी सरकार जब से आई ,बेरोजगारी दूर करने के लिए स्टार्टअप इंडिया, मुद्रा लोन योजना, कौशल विकास जैसे योजनाओं को लागू कर युवाओं को प्रशिक्षित कर स्वयं रोजगार पैदा कर बेरोजगारी दूर…
MANMOHAN SINGH, AN HONEST ARCHITECT OF ECONOMIC REFORMS, AN EPITOME OF SIMPLICITY Tremendous water has flown down polluted river Yamuna ever since we lost the most qualified, honest and efficient to the core Prime Minister of the World. Demise of Dr. Manmohan Singh at the age of 92 years on 26th December is an irreparable…
गणतंत्र दिवस मनाएं स्वतंत्र भारत का उत्तम संविधान गण औ तंत्र की सुंदर विवरण छब्बीस जनवरी को दिया मान तंत्र है वो विधिवत संचालन इसका अर्थ साथी सबको बतायें आइए हम गणतंत्र दिवस मनायें गणतंत्र एक है अनोखी प्रणाली भारत का है सार्वजनिक मामला नही होता यह कोई निजी संस्था ना होता ये कभी निजी…