नमन

नमन गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुरेव परंब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः।। कहते हैं हमारा अहम और खुद की शंकाए ही हमें अपने गुरुजनों और अपनों के पास या करीब जाने से रोकती हैं। स्वतः हम इसके जिम्मेदार होते हैं। हमारे मन के अंदर का कचरा हम में इस क़दर भरा रहता हैं कि वह दूसरी अच्छी…

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रहस्यमयी रानी-मिस्र की क्लियोपेट्रा Vll

रहस्यमयी रानी-मिस्र की क्लियोपेट्रा Vll क्लियोपेट्रा मिस्र की सबसे सफल व खूबसूरत रानी थी। उसने अपनी सुंदरता , चतुराई , षड्यंत्रकारिता, कामुकता व बुद्धिमत्ता के बल पर कई वर्षों तक सफलतापूर्वक राज किया। आज भी इस रहस्यमयी शख्सियत के ऊपर शोध जारी है। यह सिलसिला थमा नहीं है। साथ ही, यह कहना भी न्याय संगत…

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नवगीत की सशक्त हस्ताक्षर- शांति सुमन

नवगीत की सशक्त हस्ताक्षर- शांति सुमन जिनका व्यक्तित्व सुगंधित फूलों का बगीचा है, जिनकी शाब्दिक अभिव्यक्ति में शांति का संदेश है, जिनकी कलम किसी अदृश्य को सदृश्य से जोड़ती है, जिनकी भावाभिव्यक्ति में उन्मुक्त कंठ की जादूगरी है , जिनके शब्दों में खो जाता है सुनने वाले का मन ऐसे स्वनाम धन्य है आदरणीय शांति…

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हिंदी पर ग़ज़ल

हिंदी पर ग़ज़ल वतन की आन है हिन्दी , वतन की शान है हिन्दी वतन की आत्मा हिन्दी, वतन की जान है हिन्दी ॥ सरल है व्याकरण इसका ,सरल है लिखने पढ़ने में करें हम काम हिन्दी में,बहुत आसान है हिन्दी ॥ विलक्षण सभ्यता साहित्य का दर्शन कराती है ज़मानेभर में भारत देश की,पहचान है…

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डॉक्टर-एक फरिश्ता

डॉक्टर-एक फरिश्ता डॉक्टर धरती का एक फरिश्ता है, मरीजों का दिल से एक रिश्ता है, मरीजों का नब्ज देख भांप वो लेता, हिम्मत, हौसला बुलंद रखता, हरदम दिमाग से काम वो लेता, बचाकर जीवन वो कितनों की, बनाया सबसे एक रिश्ता है, वो !!!!! एक डॉक्टर नहीं फरिश्ता है, कितने मरीजों को जीवन दान दिया,…

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नारीशक्ति बनाम नारीवाद

नारीशक्ति बनाम नारीवाद दुनिया की आधी आबादी स्त्री;सृजन की स्वामिनी, सृष्टि की सारथी ,पृथ्वी सी पोषिका, हवा सी जीवनदायिनी ,महक की भाँति मनाहाल्दिका, सुमन की तरह सौंदर्यसम, हरियाली की भाँति हर्षिका, वर्षा की तरह नवजीवनवर्धिका परंतु कालक्रम में कई बार और कितनी जगह विसंगतियों के समक्ष खड़ी। “यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता:” कई जगह…

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ये गुलाब कब से विदेशी हो गया

ये गुलाब कब से विदेशी हो गया वो किताबों के पन्नों में महकता रहा ताउम्र प्रेमी जोड़े के बीच एक ‘पर्दा’ बना दिलों को जोड़ गया कहीं शेरवानी में और बारात में ‘कली’ बन पिन में लगाया गया कभी गजरे में सजा कभी ‘सेज ‘ पर सजाया गया उम्र भर इसको कभी मन्नतों की चादर…

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एकल परिवार

एकल परिवार   नीलेश बहुत अच्छी कंपनी में मैनेजर था। वह अपनी सहकर्मी रीटा को पसंद करता था। माता-पिता भी दोनों की शादी के लिए तैयार हो गए… और रजिस्ट्रर्ड शादी करवाकर 150-200 लोगों को पार्टी दे दी। क्योंकि माता-पिता दोनों ही अपने नौकरी एवं कार्यक्षेत्र में व्यस्त होने की वजह से शादी की व्यवस्थाओं…

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नंदा पांडेय की कविताएं 

नंदा पांडेय की कविताएं    1.तुम बन गए बुद्ध !   तुम जानते थे कि शिव ! बनना आसान नहीं है पर, तुम्हें बनना था शिव! पीना था विष !   अनन्त गुहाओं से घिरे चुप्पी के घने दौर में बात-बात पर स्याही उगलती तुम्हारी कलम जब लिखना चाहती थी मजहबी दस्तावेज ! तब तुम…

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