सावन महोत्सव

विजया गार्डन में वीमेंस ग्रुप द्वारा 2 अगस्त को विजया गार्डन क्लब हाउस में सावन महोत्सव का प्रोग्राम रखा गया जिसमें सावन क्वीन प्रतियोगिता एवं विभिन्न प्रकार के गेम, गीत-संगीत का आयोजन किया गया ।कार्यक्रम का संचालन अंजली और श्वेता पटनायक ने किया।वहीं जज की भूमिका में जिला परिषद अध्यक्ष बुलू रानी सिंह,  संपादक अर्पणा…

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‘ईदगाह’ मेरी पसंद

‘ईदगाह’ मेरी पसंद ‘ईदगाह’ हिन्दुस्तान के महान कहानीकार मुंशी प्रेमचंद जी की कहानी है। यह मुझे इसलिए बहुत अच्छी लगती है क्योंकि इस कहानी का मुख्य किरदार एक छोटा सा बच्चा है हामिद । यह अपनी दादी के पास रहता है क्योंकि उसके मां-बाप दोनों की मौत हो चुकी है। बचपन के सामान्य सपने व…

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मेरी मां

मेरी मां मेरी मां । तुमसा कोई नहीं इस जग में , सब से अच्छी हो तुम मां ! ! बचपन में जब चल नहीं पाता, गोदी में लेकर घुमाती थी तुम मां !! बचपन में जब पांव डगमगाते थे , मेरी बाहों को थाम- मेरा सहारा बन जाती थी तुम मां !! पढ़ते पढ़ते…

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राष्ट्रकवि डॉ रामधारी सिंह दिनकर

राष्ट्रकवि डॉ रामधारी सिंह दिनकर हिन्दी साहित्य और राष्ट्र के गौरव “राष्ट्र कवि डॉ रामधारी सिंह दिनकर जी”की जयंती के अवसर पर उन्हें ‌अपने अविस्मरणीय पल के श्रद्धासुमन अर्पित कर रही ‌हूँ। उन्हें शत-शत नमन।ऐसी‌ महान‌ व्यक्ति का एक संस्मरण मेरे विद्यार्थी जीवन ‌का है। बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी दिनकर जी का साक्षात्कार, अपनापन और…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- एम. एस. स्वामीनाथन

भारत के अन्नदाता- एम. एस. स्वामीनाथन खेतों में बालियान खड़ी थीं पर उसमें दाने कम थे भूखा था देश सारा और पड़े बेवस से हम थे दुखी हुआ स्वामीनाथन तब खोज कुछ ऐसी कर डाली हरित क्रांति आयी देश में मुस्कुरायी गेंहूं की बाली। गोदाम भरे अनाजों से जेबों में हरियाली छाई धरती उम्मीद से…

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देश सर्वोपरि

  देश सर्वोपरि देश है घर मेरा देश है घर तेरा फिक्र खुद की अगर है बचा लो इसे राह रौशन रहे चाह रौशन रहे तुम बनो सारथी और सँभालो इसे ! गाय ,गंगा , हिमालय की हो आरती , माँ से बढ़कर है हम सब की माँ भारती , आओ वंदन करें अभिनंदन करें…

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बेटी और बैल

बेटी और बैल बिहार के बेगुसराय में एक गरीब किसान ने अपनी बेटी को पढ़ाने के लिए अपने खेत और दो बैल बेच दिया- यह कल के राष्ट्रीय समाचार में था। उसे बाद उसके घर नेताओं की लाइन लग गयी, यह दिखने के लिए कि वो कितने सम्बद्ध हैं- उसकी गरीबी से और कितने प्रभावित…

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गिफ्ट

गिफ्ट आज पिंकी का जन्मदिन है। लोग आ रहे हैं और उसे विभिन्न प्रकार के गिफ्ट दे रहे हैं। पिंकी बड़े चाव से गिफ्ट लेती है, लेकिन पैकेट देखते ही मुरझाए चेहरे के साथ वह एक ओर रख देती है। मैं काफी देर से इस बात पर गौर कर रहा था। फिर मौका पाकर उससे…

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इस बार यूँ होली

इस बार यूँ होली कुछ सतरंगी सी चाहत यूँ आज मचल रही है जैसे इस फागुन होली अनकही भी कह रही है मेरी हसरतों को यूँ निखार देना तुम ले सूरज की धूप सूनहरी मेरी गालों पे लगा देना तुम सजा देना माँग मेरी पलाश के सूर्ख लाली से जो चूनर ओढ़ लूँ मैं धानी…

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