सावन की हरीतिमा
सावन की हरीतिमा सावन की हरीतिमा धानी ये धरती, कजरारी मेघा बारिश की छम छम हरी बिंदिया हरी साड़ी, मह- मह महकती हरी मेहंदी की धमधम!! झूलों की उठान गोरी की तान, बलखाती नदियां मेघों का घम घम!! बौराया मन भरमाया तन, बूंदों की सरगम हवाओं का सन -सन! ये मौसम ये सावन धुला धुला…