त्योहारों में उल्लास

त्योहारों में उल्लास ढूंढना हो अगर त्योहारों मे तो उसका ध्येय ढ़ूंढ़िए उद्देश्य ढ़ूंढ़िए। उपहारों के बंद डब्बों मे लेने वाले की मुस्कान देनेवाले का अरमान ढ़ू़ंढ़िए। त्योहार धर्मों का नहीं उमंग और उल्लास का होता है, बड़ी कठिन डगर है इस जीवन की ये छोटे छोटे त्यौहारों के पड़ाव ना होंगे तो हम थक…

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TEN COMMANDMENTS

TEN COMMANDMENTS On the eve of WORLD HEALTH DAY(7th April) My TEN COMMANDMENTS of COVID from PUBLIC’s perspective!!(कुछ महत्वपूर्ण पहलू सबके लिए) Rampaging COVID( Second of so many impending WAVES) makes a few things crystal clear.. 1)MASK is the only realistic protection. 2) Vaccine is NO protection except, perhaps less mortality & severity, but We…

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बस इतना सा

बस इतना सा नाम – सीमा भाटिया जन्मतिथि – 5 फरवरी, 1969 शिक्षा – स्नातकोत्तर (हिन्दी) लेखन की विधाएँ – गद्य और पद्य दोनों में प्रकाशित पुस्तकें – सांझा संग्रह_ संदल सुगंध, लम्हों से लफ्ज़ों तक, सहोदरी सोपान, अल्फाज़ ए एहसास (काव्य संग्रह) सफर संवेदनाओं का,आसपास से गुजरते हुए, लघुतम-महत्तम, सहोदरी लघुकथा २, लघुकथा कलश,…

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति

राष्ट्रीय शिक्षा नीति आज भारत बहुत ही मजबूत ज़मीन पर खड़ा है क्यों कि अगले दशक में भारत विश्व के गिने चुने राष्ट्रों में शामिल हो जायेगा जिसकी जनसंख्या में युवाओं का प्रतिशत अधिक होगा। ऐसे राष्ट्र के विकास के लिए एक सुदृढ़ शिक्षा नीति का होना आवश्यक है।अभी से ही अगले दशक की योजना…

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हिन्दी – राजभाषा या राष्ट्रभाषा

हिन्दी – राजभाषा या राष्ट्रभाषा हिन्दी भारत की आत्मा है। यह हर भारतवासी के अस्तित्व व अस्मिता की पहचान है। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में हिन्दी की प्रमुख भूमिका रही है। गांधी जी ने यह महसूस किया था कि हिन्दी के द्वारा ही लोगों को जोड़ा जा सकता है क्योंकि हिन्दी ज्यादातर लोगों के आम…

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माँ की याद

माँ की याद ————— तुम याद बहुत आती हो माँ। खुद में तुमकों, तुममें खुद को पाती हूँ, माँ तुम याद बहुत आती हो माँ। आती हैं याद बचपन की। जब बच्चो को करती प्यार डांट और फटकार लगाती, तब तुझको खुद में पाती हूँ माँ। तुम याद———-। हम बच्चों के खातिर, दिन भर करती…

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हम हिन्दुस्तानी की है शान

हम हिन्दुस्तानी की है शान प्यारी “मां” की बिंदी । सबकी प्यारी हिंदी।। भारत वर्ष में चारों ओर बोलने वाली अनगिनत भाषाओं में यह कहना की कौन सी भाषा अधिक व कौन सी कम बोली जाती है। उत्तर भारत में हमेशा से ही हिन्दी बोली जाती हैं कि । अनेकों लेखक ,कवि ,संतों ने हिंदी…

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सुहानी बारिश

सुहानी बारिश “मुनियाँ के दद्दा !…… सो गये का ?” पत्नी ने झिंझोड़ कर पूछा तो करवट ले कर उठते हुए रामदीन बोला …. “नहीं री नींद कहाँ आवेगी …. तीन दिनों से पानी पड़ रहो है ….. बच्चन के पेट में अन्न का दानों भी नहीं गयो । समझ नहीं आ रहो का करें”…

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बेटी और बैल

बेटी और बैल बिहार के बेगुसराय में एक गरीब किसान ने अपनी बेटी को पढ़ाने के लिए अपने खेत और दो बैल बेच दिया- यह कल के राष्ट्रीय समाचार में था। उसे बाद उसके घर नेताओं की लाइन लग गयी, यह दिखने के लिए कि वो कितने सम्बद्ध हैं- उसकी गरीबी से और कितने प्रभावित…

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आत्मिक प्रेम

आत्मिक प्रेम   राजमहल का उद्यान- प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण, रंग-बिरंगे फूलों की क्यारियों से होती हुई तितलियों की परिक्रमा, मधुप का गूँजन, सरोवर की शीतलता और शीतल मंद सुरभित वायु उस रमणी को याद करने पर मजबूर कर दिया, जिसकी चर्चा तीनों लोकों में है। निषध देश का राजकुमार नल अंतःपुर के उद्यान में…

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