हिंदी है भारत की कला व संस्कृति की पहचान

हिंदी है भारत की कला व संस्कृति की पहचान विश्व करे इसका सम्मान । संस्कृत की बेटी हिंदीभाषियों की है शान। भारतीय कला व संस्कृति की यही है पहचान । तभी तो भारतेंदु ने लिखा था। – निज भाषा उन्नति अहै सब उन्नति कौमूल, बिनु निज भाषा ज्ञान के मिटै न हिय कौ सूल ।…

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हम तैयार हैं

हम तैयार हैँ सब ठीक ही चल रहा था बस छोटे मोटे उतार – चढ़ाव थे ज़िंदगी गुज़र रही थी कुछ लंबे , कुछ निकट पड़ाव थे कि अचानक सब जम सा गया जीवन का रेला कुछ थम सा गया सब ठिठक गये कुछ सिहर भी गये ये आखिर क्या हो रहा है पृथ्वी खुलकर…

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नया सूरज

नया सूरज चारों तरफ है फैला अनजानी आशंकाओं का घना कोहरा रुक गया जीवन बंदिशों के घेरे में आओ गढ़ें एक नया सूरज जिसकी रश्मियों के तेज में हो जाए भस्म सभी डर न रहे कोई बेटी अजन्मी रात के अंधेरे में कुचलने से बच जाए सुनहरी धूप न मसल पाए कोई उभरती कली को…

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लॉकडाउन और कोरोना- वारियर्स की चुनौतियां

लॉकडाउन और कोरोना- वारियर्स की चुनौतियां कोरोना वायरस का संक्रमण-काल स्वयं में एक स्थैतिक परिवर्तक (static variable) है, जिसके सापेक्ष ‘जनता’ और ‘कोरोना वारियर्स’ के संकटों और चुनौतियों को समझना मेरे इस लेख का मुद्दा है। मनुष्य को किसी भी तरह की यथास्थिति बहुत भाती है। हम अलग-अलग खेमों में चाहे जितने भी विरोध, प्रतिवाद…

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माटी का सपूत

माटी का सपूत देशभक्ति अपने उबाल पर थी, जय हिंद के नारों से गली-गली, मोहल्ला-मोहल्ला गूंज उठता था, समूचा देश एक क्रांति के दौर से गुजर रहा था । आए दिन देशभक्ति और वीरो की हुंकार देश की जनता के प्राणों में नये जोश भर देती थी, देशभक्तों की टोलियों द्वारा योजनाएँ बनाकर ट्रेनों पर…

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स्वतः एक बदलाव

स्वतः एक बदलाव आज पूरा विश्व कोरोना की महामारी से त्रस्त है। दुनियाभर को पीड़ित करने वाला कोरोना वायरस प्रकृति से ‘जूनेटिक’ है। इसका मतलब यह है कि यह जानवर से मनुष्यों में फैलता है लेकिन कोविड 19 जैसे कुछ कोरोना वायरस मनुष्यों से मनुष्यों में फैलते हैं। कोरोना एक खास प्रकार का वायरस है…

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राष्ट्र निर्माण में चित्रगुप्त-समाज का योगदान

राष्ट्र निर्माण में चित्रगुप्त-समाज का योगदान भगवान श्री चित्रगुप्त जी महाराज कायस्थों के पूर्व पुरुष एवं कुल देवता हैं।(स्कंदपुराण) वह स्वर्ग में धर्मराज के दरबार के महालेखा अधिकारी हैं और प्राणियों के धर्माधर्म कार्यों का लेखा-जोखा रखते हैं। वे मेधा के अधिष्ठाता देवता हैं। उन्हें धर्मराजपुरी का न्यायाधीश कहा जाता है। वह धर्म को जानने…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- नरेंद्र मोदी

  नरेन्द्र दामोदरदास मोदी युग –  प्रवर्तक और नव राष्ट्रचेतना के संवाहक    नरेन्द्र मोदी का नाम लेते ही मानस पटल पर स्पष्ट काल विभाजन उभर आता है – एक सन २०१४ के पहले का भारत और दूसरा सन २०१४ के बाद का भारत। यह ठीक वैसा ही है जैसे कि मोहनदास करमचंद गाँधी का…

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