कोरोना बेचारगी और विडम्बनाएं

कोरोना बेचारगी और विडम्बनाएं कैसा खुलासा था हमारी बेचारगी का कि मिटाने के लिए स्थानीय श्रमिकों की भी भूख शुरू किया जा रहा था दुबारा भवन निर्माण जब तक इसकी चर्चा हो रही थी दूरस्थ भोपाल में ठीक था सब बहुत परेशान थीं शहर की एक अग्रणी कवयित्री अंतर राष्ट्रीय ख्याति की घूम रही थीं…

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चुनौतियाँ हमसे बड़ी नहीं

चुनौतियाँ हमसे बड़ी नहीं मैं पुष्पांजलि मिश्रा जीवन के चार दशक पार करने के बाद जब अपने जीवन के बारे में सोचती हूँ तो इसे ईश्वर की कृपा मानती हूँ और भविष्य के लिए आशावादी हूँ ।ईश कृपा, माता-पिता व गुरु जनों का आशीष, अपनों के प्यार से सजे, नकारात्मकता और निराशा से दूर अपने…

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समर्पित जीवन

समर्पित जीवन जब से होश संभाला स्वयं को शिक्षकों के बीच पाया | हिंदी के प्रखण्ड विद्वान्-दादा डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव राजेन्द्र कॉलेज छपरा के प्राचार्या थे जिन्होंने अपने ज्येष्ठ पुत्र शैलेन्द्र की शादी हिन्दी स्नातकोत्तर की गोल्ड मेडलिस्ट वीणा से बिना कुण्डली देखे बिना उपजाति पूछे ,सिर्फ अंक पत्र देखकर की थी | शैलेन्द्र और…

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कैसे कहूं चहूं दिशा में गुणगान करु

कैसे कहूं चहूं दिशा में गुणगान करु ममता तेरी भावों में मैं बांध नहीं पाती मां तुम मेरे लिए क्या हो कैसे बतलाऊ चाहकर भी मै शब्दों में ढाल नहीं पाती समय चक्र पर बैठे देखा है हरदम तुमको सबकी खुशियों को गढकर प्रेम ही भरते देखा खुद को मिटाकर हमे कामयाब बनाने जुनून तेरी…

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उचित सहयोग

उचित सहयोग   जब से संदीप को पैरालिटिक अटैक आया था और उसका कामकाज बंद सा ही हो गया था, तब से परिवार की आर्थिक स्थिति डवाँडोल रहने लगी थी। वैसे तो उसकी पत्नी काजल बहुत ही समझदार और संतुलित महिला थी, हिसाब किताब से घर चलाना उसे आता था, किसी से सहयोग लेना भी…

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कविता का साधक हो जाना

कविता का साधक हो जाना “जीवन का सुख-दुःख, यश-अपयश, सहज धीर होकर अपनाना, सबसे दुष्कर है जीवन में, कविता का साधक हो जाना..!! कौन भला झेले जीवन में, चिंताओं की अनहद ढ़ेरी, कौन भला चाहे आँखों में, सपनों के शव, पीर घनेरी, लेन देन के वणिक जगत में, कौन भला स्वीकार करेगा, जनमानस की तनिक…

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Legitimately Illegitimate

Legitimately Illegitimate Internationally famed best selling author, Padmini Dutta Sharma has come out with her 10th blockbuster ‘Legitimately Illegitimate’, available worldwide via Amazon at $5.37. This novel is being edited, published, printed and distributed worldwide by KDP Amazon. A very intriguing novel that delves deep into the intricate and complex human psychology of men and…

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तीसरी दुनिया की इन्सान

तीसरी दुनिया की इन्सान जी.. सुनो .. मैं एक अलग दुनिया की इन्सान हूं. जो बिन नींव के महल बनाती हूं.. और ताउम्र उनके टिक जाने ……..का इंतजार भी करती हूं. समुन्दर से आकाश में तारों की इस बाढ़ में.. देखो.. इक दिया .लिये….. खडी़ हूं मैं.. दुखों की इस बगिया का .. अश्रु सिचंन…

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जीना सिखाती ज़िन्दगी

जीना सिखाती ज़िन्दगी आज पहली बार अज़ीब सी मनःस्थिति है। लोग न जाने कैसे बड़ी बड़ी बातें कर लेते हैं किसी के बारे में भी मेरे साथ कभी भी कोई बुरा व्यवहार करता है तो मुझे बुरा लगता है। कोशिश रहती है कि मेरी तऱफ से कभी कोई आहत न हो।पर जब अति हो जाती…

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बंद किताबें और खुलती पहचान

बंद किताबें और खुलती पहचान इंग्लैंड के सितंबर की गुलाबी सर्दियों की मीठी ठंडक के साथ एक खास सुबह की शुरुआत हुई। हल्की धुंध में ढकी सड़कें और पेड़ों से झरते सुनहरे, नारंगी और लाल रंग के पत्ते मानो प्रकृति का कोई जादुई कैनवास तैयार कर रहे थे। आसमान में उड़ते पक्षियों की चहचहाहट, पेड़ों…

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