मानवता की ओर

मानवता की ओर जमशेदपुर की सबसे चर्चित चेहरों में से एक हैं बेहद ही खूबसूरत,हंसमुख मिलनसार,कर्मठ,संवेदनशील एवं दयालु इतनी की दिन रात समाज के उत्थान एवं कल्याण के लिए के पूर्ण रूप से समर्पित रहतीं हैं। आज हम मानवता की ओर में जानीमानी समाजसेविका, सांस्कृतिक कार्यकर्ता एवं साहित्यकार पूरबी घोष से बातचीत करेंगे जिससे हम…

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माँ

माँ मां की महिमा कोई कैसे कहे । है अपरंपार जगत में माँ ।। हर मुश्किल का हल है माँ । अनगिन पुण्यों का फल है माँ ।। अपनी हर संतान की खातिर। अमृत सा प्रभावी जल है माँ ।। माँ के जैसा कोई और नहीं मां के जैसी माँ ही है ना ।। है…

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गढ़ा हमारे जीवन को ऐसे

गढ़ा हमारे जीवन को ऐसे , जैसे गढ़े कोई सुनार या कलाकार शब्द नहीं हैं मेरे पास कि रूप दे सकूँ उनको साकार मजबूत इरादों वाली,गंभीर, सहनशील,गुणी ,सुशीला, सौम्या। जिसने हम भाई-बहनों के जीवन को गढ़कर आकार दिया । पिता के साथ मजबूती से हर वक्त उनको हमने देखा खड़ी । हमारी हर परेशानी में…

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कफन

कफन उपन्यास सम्राट प्रेमचंद जी के, सभी उपन्यास,कहानियाँ वक्त की नब्ज को पकड़ कर लिखी गईं है।समाज का दर्पण हैं।यूँ तो मुंशी जी की सभी रचनायें अप्रतिम हैं,लेकिन जब किसी एक की पसंद का बात हो तो यकायक बिजली सी कौंध जाती है,स्मृति पटल पर वह रचना,जो किसानों के शोषण,साहूकार,जमींदारों के प्रभुत्व को दर्शाने के…

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हिम्मत की ईंट

हिम्मत की ईंट इस वर्ष बारिश भी कितनी हो रही है । बूँदों के सारे खजाने लुटाने का इरादा लगता है मेघों का ,परन्तु बदले तेवर का क्या अर्थ। सौम्य के अलावा प्रचण्ड रूप का भी दिग्दर्शन हो रहा है -अविरल शक्तिप्रदर्शन , मानो जनजीवन के भयादोहन करने का विषम आनंद लूटना चाह रहे हों…

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होली में

होली में जाहिर हम जज़्बात करेंगे होली में तुमसे खुल कर बात करेंगे होली में ।। तुम उसको आंखों आंखों में पढ लेना हम जो इजहारात करेंगे होली में ।। खोल के दिल के दरवाजों को तुम रखना पेश तुम्हे सौगात करेंगे होली में ।। खुशबू से भर देंगे तेरे दामन को फूलों की बरसात…

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रूहानियत

रूहानियत ‘एक कहानी लिखनी है मुझे, सच्ची कहानी.. मेरे और आपके प्यार की।’ ‘क्या दुनिया हज़म कर पाएगी इसे? और फिर लिखोगी क्या इसमें?’ ‘सिर्फ दर्द, मेरा और आपका..’ ‘फिर तो भूल ही जाओ.. कोई नहीं पढ़ेगा इसे।’ और यही चुनौती तो वह शुरुआत थी मेरी और अरुण जी की कहानी की, जिसे मैं न…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- राजा राम मोहन राय

नवजागरण युग के पितामह- राजा राम मोहन राय राजा राम मोहन राय 18 वी सदी के महापुरुष,आधुनिक समाज के जन्मदाता,ब्रह्म समाज के संस्थापक,देश को जगाने वाले स्वतंत्रता सेनानी,बहुआयामी समाज सेवी, भारत भाषायी प्रेस प्रवर्तक तथा बंगाल के नवजागरण युग के पितामह। स्वर्गीय राजा राममोहन राय का जन्म 22 मई 1772 को राधा नगर जिला मुर्शिदाबाद,…

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एमिली डिकेंसन – नई धारा की कवयित्री

एमिली डिकेंसन – नई धारा की कवयित्री “मै कोई भी नहीं, तुम कौन हो क्या तुम भी, कोई नहीं हो ? एमिली डिकेंसन की इस कविता से आशय निकाल सकते हैं कि एमिली बहुत ही अकेली और अपने जमाने में अलग किस्म की कवयित्री रही होंगी । अकेलेपन को उन्होंने अपना साथी बनाया और बहुत…

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बूढ़ी काकी

बूढ़ी काकी हिंदी कहानी विधा में मुंशी प्रेमचंद का नाम सर्वोपरि है | मानव समाज की अनुभूतियों संवेदनाओं, एवं व्यवहार का यथार्थ चित्रण करती हुई प्रेमचंद जी की रचनाएं पाठक के हृदय को सीधे स्पर्श करती हैं | पाठक स्वयं को कहानी का एक पात्र समझकर उन कहानियों में खो सा जाता है | आगे…

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