न्याय

न्याय शहर के पॉश इलाके में पौश, बड़ी सी कोठी, गेट पर खड़े चौकीदार, घर में नौकर- चाकर शान- शौकत, फूलो से सजा हुआ बगीचा,रईसी में किसी चीज की कमी नहीं, हो भी क्यों ना। यहां के ‘डीएम’ का जो घर है। कहने की जरूरत नहीं दरवाजे पर बड़ा सा नेम प्लेट लगा था। सुनहरे…

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एकल परिवार

एकल परिवार   नीलेश बहुत अच्छी कंपनी में मैनेजर था। वह अपनी सहकर्मी रीटा को पसंद करता था। माता-पिता भी दोनों की शादी के लिए तैयार हो गए… और रजिस्ट्रर्ड शादी करवाकर 150-200 लोगों को पार्टी दे दी। क्योंकि माता-पिता दोनों ही अपने नौकरी एवं कार्यक्षेत्र में व्यस्त होने की वजह से शादी की व्यवस्थाओं…

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डॉ. सच्चिदानंद जोशी से अलका सिन्हा का संवाद

डॉ. सच्चिदानंद जोशी से अलका सिन्हा का संवाद            वातायन-वैश्विक की 91वीं वार्ता संगोष्ठी में प्रसिद्ध रंगकर्मी, संस्कृति साधक, व्यंग्यकार, निबंधकार एवं शिक्षाविद् श्री सच्चिदानंद जोशी जी के साथ  अक्षरम साहित्यिक संस्था की महासचिव प्रसिद्ध कथाकार एवं कवयित्री अलका सिन्हा जी का आत्मीय संवाद सकारात्मक रचनात्मकता के भाव से मन को समृद्ध करने वाला रहा।…

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लौट आया मधुमास

लौट आया मधुमास देविका कहीं शून्य में घूरे जा रही थी लेकिन मस्तिष्क में लगातार उथल-पुथल चल रही थी। आज हर हालत में उसे एक निर्णय पर पहुंचना था। पिछले कई दिनों से वह अनवरत दिल और दिमाग के संघर्ष में बुरी तरह फंसी थी,उलझी थी….पर अब…अब और नहीं।कहीं दूर से आती माँ की आवाज़…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- सत्यजित राय

भारतीय सिनेमा के रत्न – सत्यजित राय 2-3 साल की शैशवावस्था में पिता का साया सिर से उठ गया और मामा के यहाँ रहना हुआ। ननिहाल का वातावरण साहित्यिक और संगीतमय था। घर में तमाम लोगों का आना-जाना लगा रहता था। माँ सुप्रभा देवी अपना सारा लाड़-प्यार अपने इकलौते बेटे सत्यजित पर लुटातीं। बाबा (पिता…

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वह “गुलाब” तुम ही हो

वह “गुलाब” तुम ही हो मेरे मन को जो भाता है दुख में भी जो हंसाता है वह “गुलाब” तुम ही हो । दर्शन जिसके जब भी पाऊँ असीम सुखों में खो जाऊँ वह “गुलाब” तुम ही हो । होठों पे रहती मृदु हास स्पर्श में कोमलता का अहसास वह “गुलाब” तुम ही हो ।…

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Random lines

Random lines.. Some memories always linger Some incidents often trigger Few instances buzz loud Very few silently sound Often past carry forward in action As if present has to accept the motion Carrying the concept we think , Concurrence may happen in future So our action becomes it’s reaction We always think we are right…

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ये पात्र हर तीसरे घर में हैं ….

ये पात्र हर तीसरे घर में हैं …. प्रेमचन्द को याद करते ही ढेर सारे पात्र साथ साथ चले आते हैं, दिमाग में मन्डराने लगते हैं फ़िर चाहे वह धुनिया,झुनिया, गोबर, होरी, निर्मला, तोताराम हों या कहानियों में से झांकते हलकू, अलगू जुम्मन ,खाला, बड़े घर की बेटी, बुधिया, हामिद, दादी, हीरा मोती की जोडी…

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Another Taj Mahal

Another Taj Mahal Nestled below the lower Himalayas and the Barail ranges are the emerald green hills of Mizoram. Verdant forests, azure blue sky, brown and green rolling hills and sparkling waterfalls impart this magnificent land of the Mizos (Ram means land in Mizo) a unique charm. Sandwiched between Tripura on its west and Myanmar…

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कोविड -19 और गर्भवती स्त्री

कोविड -19 और गर्भवती स्त्री आज कोविड-19 ने पूरे विश्व को अपने चपेट में ले लिया है । विश्व में बढ़ते हुए संक्रमण को संभालने और इलाज करनें के लिए हर स्तर पर विस्तार से कार्य हो रहें हैं। इस वायरस के तीव्रता को मेडिकल सेवा और रिसर्च में लगें, हर क्षेत्र के चिकित्सकगण और…

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