जीते भारतवर्ष

जीते भारतवर्ष बेटे की शहादत पर गर्व के साथ-साथ… दुःख और दर्द के अथाह सागर में डूबा परिवार, बहुत आक्रोशित है हर हाल में लेना चाहता है बदला दुश्मन देश से…. लेकिन फ़िर भी उस परिवार का पिता नहीं चाहता है वो युद्ध वो नहीं चाहता किसी और पिता के कंधों को सहना पड़े जवान…

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हिंदी अपने राजभाषा के गौरव से बहुत दूर

हिंदी अपने राजभाषा के गौरव से बहुत दूर वैचारिक संप्रेषण के लिए भाषा को आवश्यकता होती है। धरती पर जब से मनुष्य का अस्तित्व है तभी से वह भाषा का प्रयोग कर रहा है। ध्वनि एवं संकेत दोनों रूपों में वैचारिक आदान-प्रदान होता रहा है। भारत भाषा और बोलियों की दृष्टि से समृद्ध देश है।…

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शत शत नमन

  शत शत नमन ममता से ओतप्रोत वे सभी ममतामयी सम्मानीय माताएं जिनका प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों ही रूप से मेरे और मेरे अपनों के जीवन में महत्वपूर्ण योगदान रहा हैं उन सभी माताओं एवं मेरी जन्मभूमि भारत माता के श्री चरणों में मैं सत् सत् नमन करता हूं एवं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं…

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बंद किताबें और खुलती पहचान

बंद किताबें और खुलती पहचान इंग्लैंड के सितंबर की गुलाबी सर्दियों की मीठी ठंडक के साथ एक खास सुबह की शुरुआत हुई। हल्की धुंध में ढकी सड़कें और पेड़ों से झरते सुनहरे, नारंगी और लाल रंग के पत्ते मानो प्रकृति का कोई जादुई कैनवास तैयार कर रहे थे। आसमान में उड़ते पक्षियों की चहचहाहट, पेड़ों…

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विवेकानंद एक विचारक 

विवेकानंद एक विचारक  धर्म की गहराई को जानने के बाद उन्होंने विश्व में अध्यात्मिक क्रांति छेड़ दी। पश्चात जगत में सनातन धर्म वेदों तथा ज्ञान शास्त्र से विश्व को परिचित कराया। वर्षो से सनातन हिन्दू धर्म पर अनेकानेक आघात किये गए पर उसे समाप्त नहीं किया जा सका।क्योकि सनातन धर्म जीवन है । उन्होंने बताया…

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नवरंग

नवरंग बरसात पर लिखी गई होगी कविता और प्रेमिका के बिछोह के गीत, पर गाँव में तो बरसात बड़ी मुसीबत है। हर तरफ पानी, कीचड़। रास्ते बंद। ना बिजली ना कहीं आना-जाना। तीन किलोमीटर चलकर जाओ तब पक्‍की सड़क मिलती है। गाँव की कच्ची पगडंडी को पकड़कर उसने तो बारहवीं क्लास तक पढ़ लिया। भैया…

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उम्मीदें अभी बाकी हैं

उम्मीदें अभी बाकी हैं जितनी तेजी से मानव सभ्यता का विकास हुआ है, उतनी ही तेजी से प्रकृति और प्रदत प्राकृतिक संसाधनों का दोहन। शोध और अध्ययन भी अनवरत जारी हैं और सामने आने वाले निष्कर्ष कई बार चिंता और डर से युक्त परिस्थिति पैदा कर रहे हैैं। वैश्विक तापमान में वृद्धि एक बड़ी समस्या…

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यू आर माय वैलेंटाइन

यू आर माय वैलेंटाइन मैं और तुम दो अलग अलग चेहरे दिल शरीर जान आत्मा व्यक्तित्व परिवार दोस्त वातावरण फिर भी हम ऐसे एक दूसरे मे यूं समाहित हुए मेरा सब कुछ हुआ तेरा तेरा सब कुछ हुआ मेरा तेरा मान सम्मान स्वभिमान सुख दुःख सफलता धन सम्पत्ति परिवार जिम्मेदारी हुई मेरी और मेरी हुई…

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निःस्वार्थ प्रेम की दास्तान है वैलेंटाइन

निःस्वार्थ प्रेम की दास्तान है वैलेंटाइन ये कटु सत्य है कि प्रेम मानवीय वृत्तियों का दिव्यतम रूप है।प्रेम पाषाण ह्रदय को भी पिघलाकर सरस बना देता है उसके अभाव में सब कुछ नीरस लगता है।जिस ह्रदय में प्रेम का संचार हो जाता है उसका मन मयूर की भांति नाचने लगता है।वाक़ई प्रेम एक अछूता एहसास…

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बसंती बंसरी

बसंती बंसरी सुनो-सुनो बंसरी का शोर नाच उठा वन मोर …. सुरों की पिचकारी छुटी भींगा तनमन भींगा जनजन … पीला संयम मन झझ्कोरे सुधि पीये बंजारा .. सुनो सुनो बंसरी का शोर…… नाच उठा मन मोर…. दौड़ चली पीड़ा कल की फिजाओं की तनहाई गीतों के तालों में डोले मन मौसम की शहनाई.. सुनो-सुनो…

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