The Myriad Colors of Holi

The Myriad Colors of Holi- From Brij bhoomi to Imphal in Manipur The stage is aesthetically decorated and well illuminated. An adolescent Krishna enters stealthily with his friends. All are dressed as cowherds. Krishna has a peacock feather in his hair while ‘gopas’ have shaven heads with a distinctive tuft of hair. From their conversation…

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सादा जीवन उच्च विचार

सादा जीवन उच्च विचार आज १४ सितंबर २०२० ,जब सम्पूर्ण देश हिंदी दिवस के रूप में माना रहा है।सभी के जहन में यह बात उठती है कि इसके पीछे कारण क्या था।आज बताते हुए हर्ष हो रहा है कि मेरे परिवार में मेरे पिताजी की तीसरे व सबसे छोटी बहन के ससुर जी की जन्म…

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दिवाली का घरौंदा

दिवाली का घरौंदा मान्यताओं के अनुसार दीपावली प्रभु राम के चौदह वर्ष के वनवास के बाद पुनः अयोध्या नगरी लौटने पर मनाया जाता है। घर घर मिट्टी के दिए, वंदनवार ,रंगोली की सजावट से उनके आगमन की खुशी का इजहार करना ही उद्देश्य होता है। उस वक़्त को आज भी कुछ नए तौर तरीकों से…

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लॉकडाउन के पश्चात रोजगार और व्यवसाय के नये अवसर

“लॉकडाउन के पश्चात रोजगार और व्यवसाय के नये अवसर” “खेती न किसान को भिखारी को न भीख भली, वनिक को वनिज न चाकर को चाकरी। जीविकविहीन लोग सिद्यमान सोच बस, कहैं एक एकन सो ‘कहाँ जाइ का करी’।।” तुलसीदास ने भले ही ये पंक्तियां सोलहवीं शताब्दी के परिस्थितियों को देखते हुए रचा हो किन्तु ये…

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संपादकीय-दिव्या माथुर

संपादकीय  “दिव्या” जिजीविषा – यदि इस शब्द की व्याख्या करने के लिए मुझसे कहा जाए तो मैं एक शब्द में कर सकती हूँ “दिव्या”। मैं जब पहली बार उनसे मिली थी, एक दुबली-पतली नाज़ुक सी दिखने वाली काया पर जो चेहरा था उस पर साफ़ साफ़ शब्दों में यही लिखा हुआ था ‘जिजीविषा’ और आज…

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राम और राजनीति

राम और राजनीति संस्कृत के रम् धातु से बने कण-कण में बसने वाले राम,शब्द और नीति दोनों ही दृष्टियों से राजनीति की हवा में रचे बसे नजर आते हैं।राम की राजनीति को दो प्रकार से देखा जा सकता है। ‘राम की राज-नीति’ और ‘राम की राजनीति’। राम के नाम पर की जाने वाली राजनीति आज…

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एक आह्वान जगमगा उठा सारा हिंदुस्तान

  एक आह्वान जगमगा उठा सारा हिंदुस्तान… एक आह्वान जगमगा उठा सारा हिंदुस्तान… एक नहीं कई आशाओं के दीप सब ने मिलकर जलाया …इन आशाओं के दीप से रोशन होगा मानवता का सकारात्मकता। इतिहास याद रखेगा इस दिन को जब पुरा संसार डगमगा रहा था तब मेरा हिंदुस्तान जगमगा रहा था। एक दिया मेरी ओर…

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पवन बसंती

पवन बसन्ती ये पवन बसन्ती मतवाली, फागुन आया पीत बसन राग रंग कुछ मुझे न भाता , जब से मथुरा गया किशन। सपना सा हो गया सभी कुछ, हुई कहानी सी बातें । रह रह उठती हूक हृदय में , कौन सुने मन की बातें। सोच रही थी अपने मन में, किशन कन्हैया मेरा है…

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भाषा किसकी है?

भाषा किसकी है? 14 सितम्बर यानी ‘हिंदी दिवस’ फिर आने वाला है। इस कोरोना महामारी में कहाँ नया बैनर बनेगा? पिछले साल के बैनर में 2019 में केवल 19 को 20 करके काम चलाया जा सकता है, पर्यावरण की दृष्टि से संसाधन भी बचेगा, दफ्तर के बड़े बाबू ने सोचा। हर साल की गिनी-चुनी प्रतियोगिताएं…

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हरफनमौला बंशी

हरफनमौला बंशी बंशी उठ जा! देख सभी उठ गए |सूरज पंक्षी पेड़ पौधे| देख गाय भी रंभा रही | उठ जा तू भी |बंशी को अम्मा परेशान सी झकझोर रही थी| वो चादर को सिर तक ओढ़ कर कमरे की कोने वाली चौकी पर अड़ा सा पड़ा हुआ था | उठ जा रे लड़के…. उठ…

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