प्रेमचंद का ‘नशा’

प्रेमचंद का ‘नशा’ यूँ तो प्रेमचंद की सारी कहानियां दिल को छू लेने वाली हैं.पर उनमें से एक जो मेरे दिल में गहरी उतरती है वह है उनकी उत्कृष्ट रचना ‘ नशा ‘. यह कहानी हमारे स्कूल के हिन्दी पाठ्यक्रम का एक हिस्सा थी औऱ उस उम्र में भी इसका मर्म मुझे झकझोर गया था….

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मेरे प्रिय कथाकार और उनकी एक कहानी

एक उत्सव हिंदी कथा सम्राट प्रेमचंद एवं कथा, कथाकार और कथा प्रशंसकों के नाम।जुलाई माह प्रतिदिन संध्या सात बजे गृहस्वामिनी के यू ट्यूब चैनल पर । अंतरराष्ट्रीय कथा महोत्सव में 5 जुलाई संध्या सात बजे प्रसिद्ध और वरिष्ठ कथाकार  डॉ सी भास्कर राव जी की कहानी लेकर आ रही हैं कथाकार डॉ जूही समर्पिता और…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की-रानी लक्ष्मीबाई

मेरी महानायिका-झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई बुंदेलों हरबोलों के मुख हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वी तो झाँसी वाली रानी थी। आदरणीया स्वर्गीया सुभद्राकुमारी जी की रचना रानी लक्ष्मीबाई के साथ इतिहास में अंकित हो गई। यह काव्य कथा एक दर्पण की भाँति रानी जी की जीवनगाथा को अक्षरशः प्रतिबिंबित करती है। कविता पढ़ते…

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यू आर माय वैलेंटाइन

यू आर माय वैलेंटाइन मैं और तुम दो अलग अलग चेहरे दिल शरीर जान आत्मा व्यक्तित्व परिवार दोस्त वातावरण फिर भी हम ऐसे एक दूसरे मे यूं समाहित हुए मेरा सब कुछ हुआ तेरा तेरा सब कुछ हुआ मेरा तेरा मान सम्मान स्वभिमान सुख दुःख सफलता धन सम्पत्ति परिवार जिम्मेदारी हुई मेरी और मेरी हुई…

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पर्यावरणविद

पर्यावरणविद राखी का त्यौहार आने में भले ही 2 महीने पड़े हों लेकिन भाई-बहनों ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। खासकर जो बहनें अपने भाईयों से मिलो दूर बैठी हैं वो राखी से एक महीने पहले ही उन्हें राखी भेज देंगी। बात अगर राखी ट्रैंड की करें तो आजकल हर कोई इको-फ्रैंडली राखी में…

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वीरांगना बीना दास

वीरांगना बीना दास आज से ठीक 88 वर्ष पूर्व 6 फरवरी 1932 का दिन था, जब कलकत्ता विश्वविद्यालय के कनवोकेशन हाल में बैठे सैकड़ों लोग एक युवती द्वारा लगातार चलायी जा रही गोलियों से स्तब्ध रह गए, जिनका निशाना कोई और नहीं बल्कि बंगाल का तत्कालीन गवर्नर स्टेनले जैक्सन था। हालाँकि जैक्सन बच गया पर…

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विश्व रंगमंच दिवस

विश्व रंगमंच दिवस के. मंजरी श्रीवास्तव थिएटर और कविता का जाना-माना नाम है. मंजरी इसलिए विशेष हैं कि वे थिएटर नहीं करतीं बल्कि थिएटर करनेवालों की बखिया उधेड़ती हैं अर्थात नाट्य समीक्षक हैं, नाट्य आलोचक हैं और एक मुकम्मल शब्द में कहें तो नाट्यविद हैं, कलामर्मज्ञ हैं. मंजरी पिछले 17 वर्षों से दिल्ली में रह…

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