आजादी का अमृत महोत्सव :राष्ट्र प्रथम ,सर्वदा प्रथम

आजादी का अमृत महोत्सव :राष्ट्र प्रथम ,सर्वदा प्रथम   इस वर्ष,15 अगस्त 2023 को भारत ” राष्ट्र प्रथम, सर्वदा प्रथम ” की थीम के साथ 77वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहा है । इसके साथ ही यह खड़ा है-आजादी के अमृत महोत्सव की उत्सवभूमि पर।आज़ादी के अमृत महोत्सव की आधिकारिक यात्रा की शुरुआत 12 मार्च ,…

Read More

पलाश

पलाश ’’माँ…….माँ ………. हमारे खेत की मुँडेर पर जो पेड़ लगे हैं उन पर कितने सुन्दर फूल आऐं हैं, देखा तुमने?” “वह तो हर साल आते हैं……. इन्हीं दिनों, होली के समय……… टेसू कहते हैं उसे….” “माँ….उन फूलों का रंग कितना सुन्दर है, गहरा पीला…नारंगी…….. कहीं कहीं काले धब्बे हैं पर माँ ऐसा लग रहा…

Read More

जादू टोना

जादू टोना “माँ इतने समय बाद हम गाँव आये हैं । यहाँ का वातावरण शहर से अभी तो शांत है मगर देखो न यहाँ भी हर घर में अब कार स्कूटर हो गए हैं। लोगों ने जैसे पैदल चलना ही छोड़ दिया।” विस्मित सी मालती चारों ओर खेतों को निहारती हुई बोली। “बेटा इसे ही…

Read More

माँ की याद

माँ की याद ————— तुम याद बहुत आती हो माँ। खुद में तुमकों, तुममें खुद को पाती हूँ, माँ तुम याद बहुत आती हो माँ। आती हैं याद बचपन की। जब बच्चो को करती प्यार डांट और फटकार लगाती, तब तुझको खुद में पाती हूँ माँ। तुम याद———-। हम बच्चों के खातिर, दिन भर करती…

Read More

सच्चा साथी

सच्चा साथी रीना मण्डल के घर से जोर जोर से लड़ने झगड़ने की आवाज़ आ रही थी । रात के सन्नाटे में तो आवाज़ और भी तेज सुनाई देती है।कुछ देर के बाद आवाजें बन्द हो गयी और रीना के रोने की हल्की-हल्की सी आवाजें आने लगीं । यह उनकेे घर की लगभग हर तीसरे-चौथे…

Read More

बस इतना सा

बस इतना सा नाम – सीमा भाटिया जन्मतिथि – 5 फरवरी, 1969 शिक्षा – स्नातकोत्तर (हिन्दी) लेखन की विधाएँ – गद्य और पद्य दोनों में प्रकाशित पुस्तकें – सांझा संग्रह_ संदल सुगंध, लम्हों से लफ्ज़ों तक, सहोदरी सोपान, अल्फाज़ ए एहसास (काव्य संग्रह) सफर संवेदनाओं का,आसपास से गुजरते हुए, लघुतम-महत्तम, सहोदरी लघुकथा २, लघुकथा कलश,…

Read More

Glory Of India

Glory Of India May old glory of India always wave, Above tumult in three colours fray, Honour great heroes who are brave, Standing by the ethical justice stay. Rich traditions and heritage true, Robust hearts everywhere rule, Symbol of prayers bear their fruits, Battles are won based on the truth. May haters of our land…

Read More

पूर्व-पक्ष

पूर्व-पक्ष दिव्या माथुर से मेरा परिचय लगभग ढाई दशक पूर्व हुआ और इसका श्रेय डॉ. लक्ष्मीमल्ल सिंघवी को है जो उस समय ब्रिटेन के भारतीय उच्चायुक्त थे और हिंदी के प्रचार-प्रसार में सक्रिय थे। दिव्या के दूसरे काव्य संकलन ‘ख़याल तेरा’ का आमुख उन्होंने ही लिखा था इसलिए वह उनकी काव्य प्रतिभा से परिचित थे।…

Read More

मैं उन्हें पहचान ही न सकी

मैं उन्हें पहचान ही न सकी निशान्त ने जब बताया कि उसके रिसर्च डिपार्टमेन्ट में कोई डॉ. कृष्णन् मुंबई से सीनियर एनर्जी प्लानर के पद पर एक वर्ष के लिए आ रहे हैं तो जेहन में खुशी की लहर सी दौड़ गई। निशान्त के रिसर्च डिपार्टमेन्ट में पन्द्रह लोग पन्द्रह देशों के, मतलब हमारे लिये…

Read More

बड़ी बहू

बड़ी बहू “अरे सुनती हो अम्मा! सोनू मोनू के लिए बड़ा अच्छा रिश्ता मिल रहा है।” राम प्रसाद जी ने मां को बड़ी प्रसन्नता से बताया। उनका एक एक अंग उनकी प्रसन्नता को प्रकट कर रहा था। मां अपनी बहू को आंख के इशारे से पास में बुलाती हुई बोली,”अरे किसने बताया है रिश्ता और…

Read More