बदला हुआ आदमी

बदला हुआ आदमी गाड़ी स्कूल के मैदान में आकर रुक गई। गेट पर मौजूद लोगों ने अन्दर जाकर मुख्य अतिथि के आगमन की सूचना दी। यह सुनकर आयोजकों में खुशी की लहर दौड़ गई। स्कूल के प्रधानाचार्य गाँव के कुछ गणमान्य नागरिकों के साथ गेट पर आए। सबने माल्यार्पण कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया…

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अब नहीं, तो कब ?

अब नहीं, तो कब ? बस के बगल वाली सीट बहुत देर से खाली थी। बस खुलने में अभी सात-आठ मिनट और रहे होंगे। खिड़की से बाहर की गहमा गहमी देख रही थी मृदुला। ऐसे हमारे यहाँ जैसा शोर वहाँ नहीं है। हमारे यहां तो चीखते खोमचे वाले, व्यस्त कुली, शोर करते बच्चे, झगड़ते परिवार…

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एक थी कल्ली

एक थी कल्ली   तूने आज फिर मुझे रुला दिया कल्ली। अपनी पच्चीस बरस की नौकरी में तेरी जैसी न जाने कितनी छोरियां इस बाल सुधार गृह में आई और चली गई। लेकिन तूने तो पहले दिन से ही …. ऐसा किया जिसे कोई नहीं भूल सकता। चोरी चकारी, मारपीट, हुल्लड़बाजी, गाली गलौच और फिर…

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माँ

माँ माँ सहनशक्ति की अनुपम मिसाल है, उसका हर रूप बच्चों हेतु बेमिसाल है। वह सृजनकर्ता है,नित प्राण रक्षक है, बच्चों पर आँच आ जाये तो बनती भक्षक है। वह अन्नपूर्णा है घर की संचालिका है, वह जो न हो घर मे तो घर का नही कोई मालिक है। वह हिम्मत है,वह ताकत है, वह…

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जीवन का मंत्र है प्रेम

जीवन का मंत्र है प्रेम प्रेम, प्रतीक है जीवन का मंत्र है आत्मवैभव का। प्रेम का कोई भी संबंध, वासना से नहीं, पृथक है,वासना! प्रेम की शर्तें नहीं उम्र,जाति, मज़हब या ,सामाजिक बंधन भी नहीं! प्रतिदान,प्रेम का सिर्फ प्रेम ही है, वस्तु या…….. दैहिक, सांसारिक ……कुछ भी नहीं! प्रेम देश से,प्रेम मातृभूमि से और माँ…

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प्रेम बंधन

प्रेम बंधन तुमने कम समझा है मुझे या शायद समझने की जरूरत ही नहीं समझी चलो जाने दो इस नासमझी पर भी मुझे तो प्यार ही आया सदा अब तुम समझो, न समझो ये तुम्हारी समझ और तुम्हें समय भी कहाँ समझने समझाने का पर देख लेना, एक दिन अपने दुपट्टे के कोने से बांध…

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मुर्दा खामोशी

” मुर्दा खामोशी “ तेरे जग में भीड़ बहुत है आगे बढ़ने की होड़ बहुत है मंज़िल की मुर्दा खामोशी रस्तों का पर शोर बहुत है ख़्वाबों के साये को थामे जीने की घुड़दौड़ बहुत है बुत से दिखते चलते फिरते मरे हुओं की फ़ौज बहुत है पीठों में खंजर…भोंकते प्यार जताते यार बहुत है…

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तेरे जैसा दोस्त कहाँ

जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी! सिर्फ हमारे प्यार में ही नहीं बल्कि दुनिया के हर रिश्ते में शामिल होना चाहिए दोस्ती का एक अहम भाव क्योंकि सुना है दोस्त तब भी जान लुटा सकते हैं जब दोस्त की जान पर बन आए फिर चाहे वो सही हो या गलत, दोस्त अपनाते हैं…

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