बसंत

बसंत आया बसंत हर्षित हुए अनंग धरती का मगर देख हाल सिकुड़ा किंचित मस्तक भाल दिल्ली में जब देखा तनाव बदले अपने मन के भाव किया उन्होंने एक एलान लड़ूंगा अबकी मैं भी चुनाव दिखाऊंगा अपना प्रभाव रति लाना मेरा धनुष बाण सुनो सब मेरा संकल्प पत्र मैं ही हूं बस तुम्हारा विकल्प तुम भी…

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‘सावन के झूले पड़े, तुम चले आओ’

‘सावन के झूले पड़े, तुम चले आओ’ सावन के मौसम में बड़े पैमाने पर वर्षा होती है जिसे मानसून कहा जाता है. “मानसून में तीन अलग-अलग कारक शामिल होते हैं – हवा, जमीन और समुद्र। मानसून का वर्णन प्राचीन काल से ही होता आ रहा है। ऋग्वेद और सिलप्पाधीकरम, गाथासप्तशती , अर्थशास्त्र, मेघदूत, हर्षचरित्र जैसे…

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शाश्वत प्रेम

शाश्वत प्रेम मचलती-बलखाती नदियाँ, किनारों से टकराती नदिया, अपनी रवानगी में बहती चली जाती है मौन सागर में समाने को। खुद को खो कर कुछ पाना है, हार में ही जीत है यह कहती जाती है नदियाँ! गुलाब खिला है खुश्बूओं से सुवासित है। पर खो देता है अपनी सुगंध मुरझाने पर। आखिर वो खुश्बू…

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पीली कोठी

पीली कोठी आज सुबह से पीली कोठी के पिछले भाग में खूब सारी हलचल मची थी। पीली कोठी का पिछला हिस्सा अब पीला भी कहाँ रहा। हल्के गुलाबी और हरे रंगों में सराबोर वह अब इस पीली कोठी का हिस्सा ही नहीं लगता। शायद कोई ब्याह शादी होगी। प्रतिभा का मन हुआ कि उधर जाए…

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नमक का दरोगा

नमक का दारोगा हिंदी साहित्य के इतिहास में उपन्यास और कहानियों की बात हो और मुंशी प्रेमचंद का नाम न हो ऐसा हो ही नहीं सकता है। प्रेमचंद युगांतकारी कथाकार हैं ।इनकी कहानियों में किसानों की दयनीय दशा सामाजिक बंधनों में तड़पती नारियों की वेदना वर्ण व्यवस्था का खोखलापन हरिजनों की पीड़ा आदि का बड़ा…

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माँ

माँ माँ सहनशक्ति की अनुपम मिसाल है, उसका हर रूप बच्चों हेतु बेमिसाल है। वह सृजनकर्ता है,नित प्राण रक्षक है, बच्चों पर आँच आ जाये तो बनती भक्षक है। वह अन्नपूर्णा है घर की संचालिका है, वह जो न हो घर मे तो घर का नही कोई मालिक है। वह हिम्मत है,वह ताकत है, वह…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की-ए पी जे अब्दुल कलाम

महामहिम अब्दुल कलाम— सपनों का सौदागर!   देश की स्वतंत्रयोत्तर समुन्नति की, विज्ञान के क्षेत्र के महानायक श्री अबुल पकीर जैनलुब्दीन अब्दुल कलाम साहब का नाम तक लेते हुए जबान लड़खड़ाती है और महानता देख गर्दन ऊँची हो जाती है। हिंदू पौराणिक कथाओं में स्वर्गाधिपति इंद्र की कथाएँ प्रसिद्ध है। इंद्र ऐसा पद है जो…

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हिन्दी और हम

हिन्दी और हम हर देश की आबोहवा में रची होती है वहाँ की भाषा, ।साँस की तरह जिलाए रखती है, रीत, प्रीत, जन, मन, संस्कृति, संस्कारों को। अपनी माटी में जैसे पेड़ सिर उठाये खड़ा रहता है, बिल्कुल वैसा ही संबल मिलता है अपनी भाषा से…. क्या संसार में कहीं का एक दृष्टांत उद्धृत कर…

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Random lines

Random lines.. Some memories always linger Some incidents often trigger Few instances buzz loud Very few silently sound Often past carry forward in action As if present has to accept the motion Carrying the concept we think , Concurrence may happen in future So our action becomes it’s reaction We always think we are right…

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चूड़ियों की खनक

  चूड़ियों की खनक रवि के पैर का उत्साह जैसे हवा से बात कर रहा था।घर जल्दी पहुंचने के लिए उसके पैर आतुर हो रहे थे। उसने कभी सोचा भी नहीं था कि वक्त के साथ हमें यू इतने लम्बे समय तक इस तरह अलग रहना पड़ेगा । पूरे एक वर्ष बाद आज उससे मिल…

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