भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- रतन टाटा

रतन नवल टाटा “मैं सही निर्णय लेने में विश्वास नहीं करता। मैं निर्णय लेता हूं और फिर उन्हें सही करता हूँ।” – रतन टाटा भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण (2000) और पद्म विभूषण (2008) से सम्मानित रतन टाटा एक प्रसिद्ध भारतीय उद्योगपति हैं, जिन्होंने न केवल देश में, बल्कि विदेशों में भी ख्याति प्राप्त की…

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बाल मनोविज्ञान की सर्वश्रेष्ठ कहानी ईदगाह

बाल मनोविज्ञान की सर्वश्रेष्ठ कहानी ईदगाह प्रेमचन्द की कहानियां हमारे आसपास और दैनंदिन जीवन की हर छोटी-बड़ी घटनाओं से प्रेरित होती है,उनको पढ़ते समय यही प्रतीत होता है जैसे यह घटना हमारी आंखों के सामने घटित हो रही है अथवा हमारे परिवेश से ही जुड़ी हुई है, विशेष रूप से बाल मनोविज्ञान से जुड़ी कहानियां,अपनी…

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यू आर माय वैलेंटाइन

यू आर माय वैलेंटाइन लम्हा इक छोटा सा फिर उम्रे दराजाँ दे गया दिल गया धड़कन गयी और जाने क्या-क्या ले गया वो जो चिंगारी दबी थी प्यार के उन्माद की होठ पर आई तो दिल पे कोई दस्तक दे गया उम्र पहले प्यार की हर पल ही घटती जा रही उसकी आँखों का ये…

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उगादि : एक नई शुरुआत

उगादि : एक नई शुरुआत “उगादि’ या ‘युगादि’ कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना एवं महाराष्ट्र का बहुत अनूठा त्यौहार है। महाराष्ट्र में इसे ‘गुड़ी पर्व के नाम से जाना जाता है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के सभी क्षेत्रों में मनाया जाने वाला यह त्यौहार चैत्र (चैत) माह के शुक्ल पक्ष के पहले दिन मनाया जाता…

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छठ की महिमा

छठ की महिमा जब विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यता की स्त्रियां अपने सम्पूर्ण वैभव के साथ सज-धज कर अपने आँचल में फल ले कर निकलती हैं, तो लगता है जैसे संस्कृति स्वयं समय को चुनौती देती हुई कह रही हो, “देखो! तुम्हारे असँख्य झंझावातों को सहन करने के बाद भी हमारा वैभव कम नहीं हुआ…

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TEN COMMANDMENTS

TEN COMMANDMENTS On the eve of WORLD HEALTH DAY(7th April) My TEN COMMANDMENTS of COVID from PUBLIC’s perspective!!(कुछ महत्वपूर्ण पहलू सबके लिए) Rampaging COVID( Second of so many impending WAVES) makes a few things crystal clear.. 1)MASK is the only realistic protection. 2) Vaccine is NO protection except, perhaps less mortality & severity, but We…

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माँ!!तुझ से ही तो…

माँ!!तुझ से ही तो… जीवन में उजाला था, तेरे बगैर खुद को… बड़ी मुश्किल से संभाला था। तुम अटूट बंधन…. एक मजबूत स्तंभ थी, झकझोरती हुई संवेदना… अनवरत बहती धारा थी। तेरी आँचल में ही तो… हंस के,रो के… सारा बचपन गुजारा था, तेरे बगैर खुद को… बड़ी मुश्किल से संभाला था। ना जाने कितने…

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