भारतीय गणतंत्र का मूल्यांकन

भारतीय गणतंत्र का मूल्यांकन कोविड-19 से उपजी समस्याओं और दुश्चिंताओं के बीच देश 72वां गणतंत्र दिवस मनाने की तैयारी में है।धर्मनिरपेक्ष ,समाजवादी और लोकतान्त्रिक गणराज्य भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था। इसी उपलक्ष्य में प्रत्येक वर्ष राष्ट्रपति द्वारा दिल्ली के राजपथ पर राष्ट्र-ध्वजारोहण किया जाता है।सभी भारतीय नागरिकों द्वारा यह…

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आरोहण

आरोहण उस दिन पता नहीं मैं किस कार्य से कार्यालय की ओर गई थी । ऐसे अमूमन मैं कक्षाओं में ही उलझी रहती हूँ और कार्यालय की ओर जाना संभवतः तभी हो पता है – जब तक मुझे कोई आवश्यक कार्य न आन पड़े । बहुत याद करने पर भी उस दिन कार्यालय की ओर…

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A Successful Woman

A Successful Woman What is success? Is it a subjective feeling of contentment with a job well done? A target achieved and a goal reached after overcoming obstacles? Or is it an evaluation by others, based on certain accepted benchmarks? Is it achievable at every little milestone of life? Or is it a lifetime achievement…

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लॉकडाउन और कोरोना- वारियर्स की चुनौतियां

लॉकडाउन और कोरोना- वारियर्स की चुनौतियां कोरोना वायरस का संक्रमण-काल स्वयं में एक स्थैतिक परिवर्तक (static variable) है, जिसके सापेक्ष ‘जनता’ और ‘कोरोना वारियर्स’ के संकटों और चुनौतियों को समझना मेरे इस लेख का मुद्दा है। मनुष्य को किसी भी तरह की यथास्थिति बहुत भाती है। हम अलग-अलग खेमों में चाहे जितने भी विरोध, प्रतिवाद…

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वास्तविक आजादी से दूर

  वास्तविक आजादी से दूर हम भारतवासी पिछले 70 वर्षों से आज़ादी की खुशफ़हमी में जरूर जी रहे हैं, परन्तु क्या वास्तव में हम स्वछन्द, स्वतन्त्र और निर्भीक जीवन बिता पा रहे हैं। आज भी देश का एक बड़ा वर्ग जीवन के मूलभूत आवश्यकताओं, जैसे, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्याप्त सन्तुलित आहार इत्यादि से भी वंचित है।…

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लंग कैंसर

      लंग कैंसर पुरी दुनिया में होने वाले कैंसरों में सबसे अधिक लंग कैंसर के रोगी ही होते हैं ।हमारा शरीर अनेक प्रकार के अलग-अलग कोशिकाओं से निर्मित है, साधारणतः हमारा शरीर आवश्यकतानुसार नई कोशिकाओं के उत्पादन को नियंत्रित करता है ,जब कुछ कोशिकाएँ उत्पादन की नियंत्रण से बाहर हो जाए, बदलना शुरू…

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रत्न बड़े अनमोल

   रत्न बड़े अनमोल-                    ————————-    औषधि मणि मंत्राणाम्, ग्रह-नक्षत्र  तारिका। भाग्यकाले भवेत् सिद्धिः , अभाग्यं निष्फलं भवेत ।। अर्थात, औषधि, मणि(रत्न) एवं मन्त्र, ग्रह-नक्षत्र जनित रोगों को दूर करते हैं। यदि समय सही है तो शुभ फल प्राप्त होते है, जबकि विपरीत समय में ये…

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राम तुम्हारा चरित स्वयम् ही काव्य है

राम तुम्हारा चरित स्वयम् ही काव्य है अयोध्या की यात्रा एक चिर प्रतीक्षित अविस्मरणीय यात्रा थी, वर्षों की कामना पूर्ण हो रही थी और अपनी कल्पना के साकार हो पाने की अनुभूति हो रही थी,,, इतिहास के पन्नों पर बिखरी अयोध्या नगरी की अनगिनत कहानियाँ, उनके सच, और उस यथार्थ का मुखर मौन और उनके…

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फिर नयी सुबह तो आयेगी ‌

फिर नयी सुबह तो आयेगी ‌ दिसंबर की शीत लहर और एक वायरस ने चीन के वुहान शहर को अपने आलिंगन में ले लिया और फिर उसका आगोश कसता गया,बढ़ता गया।सुना गया कि वुहान की प्रयोग शाला में किसी छीना झपटी में यह वायरस लाखों लाख की संख्या में ज़मीन पर गिरा तो आदमी के…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की-स्वामी विवेकानंद

नवजागरण के अग्रदूत- स्वामी विवेकानन्द स्वामी विवेकानंद एक ऐसा नाम है जिसमे यदि मैं कहूं पूरा भारत समाया है तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। एक ऐसे आध्यात्मिक गुरु जिनके तेज के सामने पूरा विश्व झुक गया।उनके जीवन चरित्र को कुछ शब्दों में बांध पाना बहुत मुश्किल है,फिर भी एक छोटी सी कोशिश है। स्वामी विवेकानन्द का…

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