मुहिम

मुहिम रेस्तराँ की चौड़ी खिड़कियों से भूरी पहाड़ी दिख रही थी। पेड़ों से विहीन ये पहाड़ियाँ मनुष्य के लालच को आईना दिखा रही थी। जंगल कटने से अल्मोड़ा जैसी जगह में भी पानी की किल्लत हो गई थी। बाथरूम में “पर्यावरण की रक्षा करें” का कार्ड था-कम पानी इस्तेमाल करें। ये आने वाली भयावहता को…

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कलियों को सुरभित होने दो

कलियों को सुरभित होने दो बीत गए पचहत्तर वर्ष देश को आजाद हुए, आ गया आजादी का अमृत महोत्सव काल। पर क्या सच में आजाद हुई आधी आबादी, क्या उसका भी चल रहा है स्वर्णिम काल? किया विचार किसी ने इस पर भी कभी? क्या सच में उन्नत हो रहीं नारी सभी अभी? आए दिन…

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कब हारा चुनौतियों से

  कब हारा चुनौतियों से ‘डॉ विकास सिंह का नाम हृदय चिकित्सा के क्षेत्र में बिहार के चर्चित और विश्वसनीय चिकित्सकों में आता है।’- अक्सर लोगों से यह सुनने को मिलता है- सुनकर अच्छा भी लगता है और साथ ही साथ अपनी जिम्मेदारी आप पर भरोसा करने वालों की वजह से कितना बढ़ जाता है…

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सिंदूर की रेखा

सिंदूर की रेखा   आज चंद्रमुखी 65 वर्षीय महिला, अपने किरायेदार विक्की बाबू के साथ बैंक जा रही थी, वर्ष में एक बार लाइफ सर्टिफिकेट के लिए जरूरी होता है जाना।तिमंजले घर मे चार किरायेदारों के परिवार के साथ अकेली ही जीवन बीता रही हैं।   सुबह 11 बजे बैंक पहुँच गयी। पूछताछ करने के…

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अपनी शक्ति पहचानो

अपनी शक्ति पहचानो निर्भया ! अब जागो डरो नहीं, तुम उठो अपनी शक्ति पहचानो कब तलक दामिनी सी अपना मुँह छुपाओगी कोई राम हनुमान नहीं आएँगे बचाने वानर सेना भी तुम बना नहीं पाओगी कृष्ण भी चीर ना बढ़ाएगा राम के रहते भी हरी गई थी सीता दुःशासनी दुनिया में अंधे तो थे ही अब…

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उजाले की ओर

उजाले की ओर शाम गहरा रही थी, एवं धूल भरी आंधियों के आसार नजर आ रहे थे। मैं तेज कदमों से भाग रही थी। बूंदा-बांदी शुरु हो चुकी थी। ओह! घर पहुँच तो जाऊँ बदरा तुम बरसते रहना। यों मौसम बड़ा ही सुहाना हो चला था। प्रचंड गर्मी से राहत तो मिली। सहसा सड़क किनारे…

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“नारी तुम”

“नारी तुम” हम नारी हैं, एक शक्ति हैं, इस गौरवशाली देश के, सदियों से देश का गौरव हैं, सदैव सर्वोच्च धरोहर हैं, इस जीवन को व्यर्थ न करो, नारी जीवन को सार्थक करो, हिम्मत को अपना साथी बनाकर, हर मंजिल को फतह करो, उठो लड़ो और आगे बढ़ो, हर संकट का हरण करो, नारी हैं…

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यू आर माय वैलेंटाइन

यू आर माय वैलेंटाइन मैं और तुम दो अलग अलग चेहरे दिल शरीर जान आत्मा व्यक्तित्व परिवार दोस्त वातावरण फिर भी हम ऐसे एक दूसरे मे यूं समाहित हुए मेरा सब कुछ हुआ तेरा तेरा सब कुछ हुआ मेरा तेरा मान सम्मान स्वभिमान सुख दुःख सफलता धन सम्पत्ति परिवार जिम्मेदारी हुई मेरी और मेरी हुई…

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गृह ही नहीं समाज की भी सेविका

  नीतू सिंह बनी लांयस क्लब की अध्यक्ष लायंस क्लब ऑफ जमशेदपुर कालीमाटी की पदस्थापना समारोह गोलमुरी क्लब के वीआईपी लाउंज में किया गया। मुख्य अतिथि डिस्ट्रिक्ट गवर्नर लायन संजीव पोद्दार जी एवं इंस्टॉलिंग अफसर पास्ट डिस्ट्रिक्ट गवर्नर सुदीप्तो मुखर्जी ने अध्यक्ष के रूप में नीतू सिंह, सेक्रेटरी अमृता जी एवं कोषाध्यक्ष के रूप में…

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