माँ ब्रह्मांड है

मां इस शब्द में पूरा ब्रह्मांड समाया हुआ है। मां शब्द अतुलनीय है मां की कोई भी तुलना नहीं हो सकती मां अपने आप में परिपूर्ण है। कोई भी बच्चा अपनी मां के बिना इस धरती पर कोई भी शिक्षा पूरी नहीं कर सकता। अपने संतान की पहली शिक्षक है मां। मां निस्वार्थ है मां…

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हमारी राजभाषा हिन्दी

हमारी राजभाषा हिन्दी हिंदी हमारी राजभाषा है ये भाषा जग में सबसे उत्कृष्ट है है ये सहज सुंदर अपनत्व लिए इसका सौंदर्य अति विशिष्ट है हिंदी मात्र एक विषय ही नही न सिर्फ़ पढ़ने लिखने की भाषा है ये देश की अखंडता एकता की हमारे स्वाभिमान की परिभाषा है हमारी हिंदी है एक समृद्ध भाषा…

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क्लारा बार्टन- नर्सिंग की प्रणेता

क्लारा बार्टन- नर्सिंग की प्रणेता जीवन काल-दिनांक: 25 दिसंबर, 1821 – 12 अप्रैल, 1912 (क्रिसमस दिवस और गुड फ्राइडे) व्यवसाय- नर्स, मानवतावादी, शिक्षक पारिवारिक पृष्ठभूमि- पिता: स्टीफन बार्टन, किसान, चयनकर्ता और विधायक (मैसाचुसेट्स), माता : सारा (सैली) स्टोन बार्टन, चार बड़े भाई-बहन: दो भाई, दो बहनें शिक्षा- लिबरल इंस्टीट्यूट, क्लिंटन, एनवाई (1851), क्लारा बार्टन ने…

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शिव प्रेम स्वरूप

शिव प्रेम स्वरूप   प्रेम की बात हो और मोहन का नाम ना आए ऐसा विरले ही होता है। ज्यादातर लोग कान्हा को ही प्रेम का पर्याय मानते हैं। पर मैं, मुझे सदैव से ही ‘शिव’ प्रेम की पराकाष्ठा के स्वरूप लगे हैं। सभी कुछ देखा, सहा, जिया है शिव ने। इस संसार में प्रेम…

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आ लौट के आ…

आ लौट के आ… उफ्फ बारह बज गये। एक लम्बी सांस ले उसने लैपटॉप शट ऑफ किया और दोनो हाथ ऊपर कर उंगलियां एक –दूसरे में फंसा चटका दीं। चटर- चटर की आवाज के साथ ही एक पुरानी याद कहीं भीतर कुनमुनाई और दादी का सफेद बालों से घिरा ममतालू चेहरा हवा में उभर आया।होती…

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Before Christmas

Before Christmas One day before Christmas comes Twenty-four hours before enjoining the Christmas carol My fingers have sung themselves with poetry I filled the sheets of my life with the lyrics of my songs Then I’m going to look for you I invite to accompany me here Feel the presence of the little Lord Jesus…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- नरेंद्र मोदी

  नरेन्द्र दामोदरदास मोदी युग –  प्रवर्तक और नव राष्ट्रचेतना के संवाहक    नरेन्द्र मोदी का नाम लेते ही मानस पटल पर स्पष्ट काल विभाजन उभर आता है – एक सन २०१४ के पहले का भारत और दूसरा सन २०१४ के बाद का भारत। यह ठीक वैसा ही है जैसे कि मोहनदास करमचंद गाँधी का…

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स्त्री विमर्श के बहाने

स्त्री विमर्श के बहाने स्त्री विमर्श, महिला सशक्तिकरण और वीमेंस लिब यह सब कुछ ऐसे शब्द हैं जिनकी चर्चा आजकल जोरों पर है या दूसरे शब्दों में कहा जा सकता है कि आधुनिक समय में सबसे ज्यादा ट्रेंड करने वाले शब्द हैं, जो कि बहुत आवश्यक भी है। महिलाओं पर पुरूषों के राज करने की…

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झूठ झूठ और झूठ-झूठ के माध्यम से सच की तलाश

झूठ झूठ और झूठ-झूठ के माध्यम से सच की तलाश ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है कि कोई कवि या कवयित्री एक ही विषय को लेकर एक पूरा संग्रह ही रच डाले। दिव्या माथुर इस माने में एक अपवाद मानी जा सकती हैं, जिन्होंने ‘ख़याल तेरा’, ‘रेत का लिखा’, ‘11 सितम्बर – सपनों की…

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Biography Of Elisa Mascia

Biography of Elisa Mascia Elisa Mascia was born in Santa Croce di Magliano (Cb), on 13/04/1956, she lives and works in San Giuliano di Puglia (Cb). Retired teacher. Writing is a real need for life and draws inspiration from anything or any surrounding event. She has participated in various national and international poetry competitions obtaining…

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