महिलाओं में क्यों होती है आयरन डेफिशिएंसी
महिलाओं में क्यों होती है आयरन डेफिशिएंसी 1. पीरियड्स के दौरान ब्लड लॉस पीरियड्स में सामान्य तौर पर आपका 80 मिलीलीटर खून निकलता है।अच्छी डाइट से इस लॉस को रिकवर किया जा सकता है। लेकिन अगर आपको ज्यादा ब्लीडिंग होती है, पीरियड्स 5 से 7 दिन के होते हैं या डाइट में आयरन युक्त भोजन…
हत्या की शिनाख़्त का सपना
हत्या की शिनाख़्त का सपना कोई नींद में बोल रहा था. नहीं, ये रात के सन्नाटे में किसी के फ़ोन पर झगड़ने की आवाज़ नहीं थी, ये एक बहकी हुई बेहोश आवाज़ थी, मैं अचानक डर गयी. यह आवाज़ नशे में बहकी हुई नहीं थी, नींद में बेहोश थी, लस्त पस्त। मैं उसे पहचानती थी….
TESTIMONY OF A MOTHER
TESTIMONY OF A MOTHER The Queen of Heaven weeping with tears that rend her heart, Who mourns as she grasps and clasps the body parts , Of pierced and bloodless body of her lifeless son , A pietà of human flesh and bone as the only ONE . Mother with Child the perfect image of…
अंतर्नाद
अंतर्नाद आप सबों की शुभकामनाओं से आज मुझे आंतरिक हर्षोल्लास है कि मेरा प्रथम काव्यसंग्रह”अंतर्नाद” जो मेरी १५१ कविताओं का संग्रह है,निकट भविष्य में प्रस्तुत होने वाला है। यह काव्य संग्रह मेरे पिता स्वर्गीय ‘श्री हरीश चंद्र सर्राफ’को समर्पित है।भले ही वो भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, पर दिल में आज भी जीवित…
त्योहारों में उल्लास
त्योहारों में उल्लास ढूंढना हो अगर त्योहारों मे तो उसका ध्येय ढ़ूंढ़िए उद्देश्य ढ़ूंढ़िए। उपहारों के बंद डब्बों मे लेने वाले की मुस्कान देनेवाले का अरमान ढ़ू़ंढ़िए। त्योहार धर्मों का नहीं उमंग और उल्लास का होता है, बड़ी कठिन डगर है इस जीवन की ये छोटे छोटे त्यौहारों के पड़ाव ना होंगे तो हम थक…
शादी एक गुनाह
शादी एक गुनाह अभी पूजा करने के लिए आसन बिछा कर शांत चित्त होकर बैठी ही थी कि बाहर दो महिलाओं की तेज़ आवाज़ में बात करने की चिरपरिचित आवाज़ आने लगी। फ़िर भी उधर से अपना मन हटाकर मै पूजा करने लगी थोड़ी देर के बाद उन दोनों में से एक महिला ज़ोर ज़ोर…
एक अलग सा सावन
एक अलग सा सावन अब के सावन बारिश कुछ अलग सी फुहार लेे आई है बिरह से सींची बूंदों को बहने से अखियां न रोक पाई है न खिल रही इन हाथो में मेहंदी की लाली न दील के बगीचे में सजती कदंब की डाली हरी चूड़ियां आजकल गुमसुम सी है रहती न जाने उसकी…
निर्मला
निर्मला मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित प्रसिद्ध हिन्दी उपन्यास निर्मला का प्रकाशन१९२७ में हुआ था । यह उपन्यास मुझे बहुत ही ज़्यादा पसंद है। निर्मला उपन्यास बेमेल विवाह एंव दहेज प्रथा पर आधारित है।यह बेहद मार्मिक कहानी जो दिल को छू जाती है।यह एक प्रकार से मनोवैज्ञानिक उपन्यास है। मानस पटल पर एक छाप छोड़ देती…