जनसंख्या: कितना उपादान, कितना व्यवधान

जनसंख्या: कितना उपादान, कितना व्यवधान जनसंख्या अर्थात जनशक्ति अर्थात सृष्टि का सबसे समर्थ ऊर्जा स्रोत, जो दूसरे ऊर्जा स्रोतों के बेहतर प्रयोग एवं बेहतर प्रयोग की दिशा में अन्वेषण में सक्षम होता है। जगत में जिसका भी अस्तित्व है- भौतिक/ अभौतिक, उन सबों का स्वामित्व है इसके पास। स्वामित्व है तो उत्तरदायित्व भी होना चाहिए।…

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AN AWAKENING

AN AWAKENING Spring painted in water colours now, An awakening that gardens miss Spring blooms, Green parks,serene woods,open spaces, Forest,nursery,horticulture sites in gloom. Playgrounds,a meeting place for young and old, Vanished to caprice of hoteliers,commercial builders, For skyscrapers,shopping malls,night clubs sold, Graveyard of Nature now on concrete shoulders. Population,corruption,materialism flourish in gaiety, The vultures of…

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प्रेम का गुलमोहर रौप दूँ

प्रेम का गुलमोहर रौप दूँ सुनो!! तुम और तुम्हारे ख्याल अब कली से गुलाब बन खिलने लगें हैं प्रियवर हवायें तुम्हारे आने का संकेत दे रहीं हैं चारों और मंद बयार में इश्किया खुशबू है मेरे मन की बगिया प्रफुल्लित है !! मैं लिख देती हूं एक नज्म़ ऊंगली से जो शून्य में और तुम…

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हिंदी साहित्य में ग्रामीण लोकप्रिय और कालजयी कहानियां

हिंदी साहित्य में ग्रामीण लोकप्रिय और कालजयी कहानियां आज 14 सितंबर यानी हिंदी दिवस है। हिंदी दिवस मनाने का औचित्य हिंदी के उपयोग को और अधिक बढ़ावा देने से पूर्ण होता है। हिंदी साहित्य अपनी सभी विधाओं में इतना समृद्ध है कि यहां पर उन सबका एक साथ जिक्र कर पाना संभव नहीं होगा। इसलिए…

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अयोध्या:इतिहास के आईने में

अयोध्या:इतिहास के आईने में हे राम, जीवन एक कटु यथार्थ है और तुम एक महाकाव्य ! तुम्हारे बस की नहीं उस अविवेक पर विजय जिसके दस बीस नहीं अब लाखों सर – लाखों हाथ हैं, और विभीषण भी अब न जाने किसके साथ है. इससे बड़ा क्या हो सकता है हमारा दुर्भाग्य एक विवादित स्थल में…

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परवाज़

परवाज़ वह पन्द्रह दिन पहले न्यूयॉर्क में बिजनेस मीटिंग मे भाग लेने आया। मीटिंग बहुत अच्छी रही और कम्पनी को नया प्रोजेक्ट मिल गया। वह बहुत खुश था उसे अपनी कामयाबी पर बहुत फक्र हो रहा था आज उसकी मेहनत सफल हुई। खुशी का एक कारण यह भी वह अपने वतन लौट रहा था ।…

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कफ़न

कफ़न घीसू और माधव दो पात्र हैं। घीसू पिता है माधव पुत्र है। बुधिया माधव की पत्नी है जिसकी मृत्यु हो चुकी है। घीसू और माधव गांव से पैसे इकठ्ठे करके शहर में कफ़न और अंत्येष्टि का सामान खरीदने जाते हैं लेकिन उस पैसे से शराब और चिकन खा लेते हैं। उन्होंने उम्र भर भूख…

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दिव्या माथुर-सुपर अचीवर

दिव्या माथुर -सुपर अचीवर वातायन- यूके की संस्थापक, रॉयल सोसाइटी ऑफ़ आर्ट्स की फ़ेलो, लंदन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन-2000 की सांस्कृतिक अध्यक्ष, यूके हिन्दी समिति की उपाध्यक्ष और कथा-यूके की अध्यक्ष­ रह चुकी, दिव्या माथुर का नाम ‘इक्कीसवीं सदी की प्रेणात्मक महिलाएं’, ‘ऐशियंस हूज़ हू’ और विकिपीडिया की सूचियों में भी सम्मलित है।  25 वर्षों तक नेहरु केंद्र-लन्दन में वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी के रूप…

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