पर्यावरण संरक्षण

“पर्यावरण संरक्षण “ धरती कहे पुकार के जरा देख मुझे संतान मेरे अपने ह्रदय के प्यार से अपनी चक्षु की नमी से कब समझोगे मेरा प्रेम जो सदा है समर्पित तुम्हारे लिए सदियों से और तुम लुटते हो मेरा सौन्दर्य मेरी मुस्कान चीर देते हो मुझे मेरी ये पीड़ा जो समझोगे कभी मैं हूँ इंतजार…

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AN AWAKENING

AN AWAKENING Spring painted in water colours now, An awakening that gardens miss Spring blooms, Green parks,serene woods,open spaces, Forest,nursery,horticulture sites in gloom. Playgrounds,a meeting place for young and old, Vanished to caprice of hoteliers,commercial builders, For skyscrapers,shopping malls,night clubs sold, Graveyard of Nature now on concrete shoulders. Population,corruption,materialism flourish in gaiety, The vultures of…

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नारियाँ

नारियाँ नित हौसलों के दीप जलाती हैं नारियाँ हर फर्ज अपना हँसके निभाती हैं नारियाँ मुश्किल में हार मानती नहीं है ये कभी जो ठान लें वो करके दिखाती हैं नारियाँ कमजोर इनको आप समझना न भूलकर काँधे पे घर का बोझ उठाती हैं नारियाँ अब लक्ष्य इनका चार दिवारी नहीं रहा दुनिया मे नाम…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- डाॅ बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर

डॉ भीमराव अम्बेडकर के अनुप्रयोग भीमराव रामजी अम्बेडकर (14 अप्रैल 1891 – 6 दिसंबर 1956) एक भारतीय विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री , समाज सुधारक और राजनीतिक नेता थे, जिन्होंने संविधान सभा की बहसों से भारत के संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति का नेतृत्व किया, जिसने पहले कैबिनेट में कानून और न्याय मंत्री के रूप में…

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योगेश

योगेश उसकी अक्सर याद आती रहती है। बल्कि शायद हमेशा ही वह मेरे जेहन में रहता है। मेरा चपरासी था। यूँ कहिये कि मेरा अभी-अभी चपरासी हुआ था। हुआ यूँ कि मैंने अपने स्थायी चपरासी को कई बार अचानक मेरे ऑफिस के सोफे पर लेटे देख लिया था और एक बार तो मेरे ही सोफे…

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बिन पिता के

बिन पिता के स्वाभिमान, सुरक्षा, स्नेह, समर्पण वटवृक्ष सी छाया जिसने की अर्पण चरणों में जिसके सब कर्म धर्म समझाया जिसने जीवन का मर्म माँ के जीवन के, जो थे परिभाषा मिली उन्हीं से अदम्य जिजीविषा निष्ठा, कर्त्तव्य, पोषण, अनुशासन मूल मंत्र सा जिसने, फूंका अंतर्मन बिन तुम्हारे अधूरा हर संकल्प तुम बिन दूजा न…

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परिणति

परिणति   अभी थोड़ी देर पहले जाकर घर का काम निपटा है। चलो अच्छा हुआ महरी भी आकर चली गई। चैन की सांस ली मैंने।अब दो घंटों की छुट्टी। रोहित चार बजे तक आएगा और उसके पापा आठ बजे तक।अपने कमरे में आकर मैंने एक पत्रिका उठाई और पेज पलटने लगी।तभी मोबाइल बज उठा।किसका हो…

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जय श्री राम

जय श्री राम   आई है बेला अति पावन घर आ गए मेरे रघुनंदन बह रही भक्ति की है धारा राममय हुआ है जग सारा   भगवा ओढ़ लिया नील गगन ने रच दिया इतिहास आज धरा ने बिगुल बज गई अब राम युग की हुई प्राण-प्रतिष्ठा राम लला की   देख मूरत श्री राम…

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हिंदी अतुल्य भाषा है

हिंदी अतुल्य भाषा है यह तो हम सब जानते हैं कि प्रत्येक राष्ट्र की पहचान उसकी भाषा से होती है क्योंकि जब तक दो व्यक्ति आपस में लिखित या मौखिक रूप से बात नहीं करेंगे, तब तक न तो वह व्यापार कर सकते हैं और न ही एक दूसरे को किसी प्रकार का अन्य सहयोग…

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वर्ल्ड हेल्थ डे

विश्व स्वास्थ्य दिवस (वर्ल्ड हेल्थ डे) विश्व स्वास्थ्य दिवस हर वर्ष ७ अप्रैल को मनाया जाता है। इसे मनाने की शुरूआत विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के द्वारा १९५० में की गई थी। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य है, सभी को स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक करना। पिछले कई वर्षों से…

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