शिक्षा और नयी नीति

शिक्षा और नयी नीति शिक्षा वह आधार है,जो किसी भी व्यक्ति या देश को आत्मनिर्भर बनाती है, जीवन में बेहतर संभावनाओं को प्राप्त करने के विभिन्न अवसरों के रास्तों का निर्माण करती है और उज्जवल भविष्य के विकास और उत्तरोत्तर वृद्धि के लिए दरवाजे खोलती है। वैसे तो शिक्षा के उपयोग कई हैं, परंतु, बदलते…

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तेरे मेरे सपने

तेरे मेरे सपने ज़मीन के उस छोटे से टुकड़े पर पूरा एक जहाँ फैला है…. बृज और गौरा की दुनिया जिसमें सपने रूप बदल तितली से उड़ा करते हैं। पानी के इंजन की धक-धक और काले धुएँ में, बहते पानी में, धरती में दबते बीज में, अंकुरण में और नवांकुर के ऊपर आने में अनगिनत…

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छमहु नाथ अवगुण मोरे

छमहु नाथ अवगुण मोरे हर कहानी को कोई सुनने वाला होना चाहिए। मैं यह कहानी इसीलिए लिख रही हूँ क्योंकि मैं जबसे पूर्णिमा से मिली, मैं उसके जज्बे की कायल हो गई। उसकी कहानी में शक्ति है, संदेश है और एक सीख भी। नैतिकता के प्रश्न को मैंने छुआ ही नहीं। पूर्णिमा मुझे एक दुकान…

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यू आर माय वैलेंटाइन

यू आर माय वैलेंटाइन   प्यार मोहब्बत आशिकी ये बस अल्फाज थे। मगर… जब तुम मिले तब इन अल्फाजोंं को मायने मिले बदलना आता नहीं हमें मौसम की तरह, हर इक रुत में तेरा इंतज़ार करते हैं, ना तुम समझ सकोगे जिसे क़यामत तक, कसम तुम्हारी तुम्हें इतना प्यार करते हैं।   0

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नमक सत्याग्रह और गांधी जी

   नमक सत्याग्रह और गांधी जी   अपने जीवन के शुरुआती कुछ साल पढ़ाई व् काम के सिलसिले में इंगलैंड व् दक्षिण अफ्रीका में बिताने के बाद जब १९१५ में गांधी जी भारत लौटे तो वे एक बदले हुए इंसान थे. वहां अंग्रेजों का दुर्व्यवहार झेलने के कारण उन्हें भारतवर्ष  की आजादी सर्वोपरि लगी. वे…

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कहानी ‘मेला’ एक वैचारिक दृष्टिकोण

कहानी ‘मेला’ एक वैचारिक दृष्टिकोण साहित्य संसार की प्रतिष्ठित कथाकर, जो, केवल कहानियों में ही नहीं, नाटक, उपन्यास, कविता, निबंध, पत्रकारिता,लगभग साहित्य की अधिकांश विधाओं में अपना हस्तक्षेप रखतीं हैं और अपने लेखन के लिये अनेक साहित्य सम्मान से नवाज़ी गईं हैं। प्रबुद्ध, सरल -सहज, सौम्य, चेहरे पर,निर्बाध, निश्छल हँसी ऐसे दिखती है,जैसे पूस में…

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साक्ष्य में राम

साक्ष्य में राम राम तुम्हारा चरित ही स्वयं काव्य है कोई कवि बन जाए सहज सम्भाव्य है राष्ट्र कवि मैथिली शरण गुप्त की ये पंक्तियाँ राम के चरित्र का अन्यतम रूप प्रदर्शित करती हैं। राम का चरित्र एक आदर्श पुंज है और उस चरित्र को जिसने भी गुना है वह यश के चरम पर पहुँचा…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- श्यामाप्रसाद मुखर्जी

श्यामा प्रसाद मुखर्जी व्यक्तिगत जीवन-श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंगाल के प्रतिष्ठित परिवार में जन्म ।१९२१ में बी॰ए॰ किया। १९२६ में लंदन से लॉ किया। ३३ वर्ष की आयु में सबसे कम उम्र के कुलपति (कलकत्ता विश्व विध्यालय) बनने का गौरव प्राप्त किया। अभिभावक- आशुतोष मुखर्जी और जोगमाया देवी। जीवन साथी-सुधा देवी। संतान-अनुतोष,देबातोष,सबिता,आरती शिक्षा- लॉ कैरियर- स्वतंत्र…

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जय श्री राम

जय श्री राम    राम जी की शरण में चले आइए प्रेम प्रभु जी से सच्चा सभी पाइए कौन अपना है संसार में ये कहो राम जी के ही गुण बस सदा गाइए   राम जी सबके दुख आप हर लीजिए और सब पर दया आप अब कीजिए पाप सबने किए हैं बहुत ही यहाँ…

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