सेवानिवृत्त

सेवानिवृत्त   “कनिका एक गिलास पानी लाना। आज बहुत थक गया हूँ ।” सोफ़े पर बैग रखते हुए युग ने अपनी पत्नी से कहा । “आप बैठिए । अभी लाई ।” कनिका ने युग से कहा । कनिका ने ट्रे में रखे पानी के गिलास और सोनपापड़ी को आगे बढ़ाते हुए युग से कहा, “…

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वो धुकधुक 

वो धुकधुक    “रात के दस बज गए, आज फैक्ट्री में कुछ ज्यादा ही देर हो गई!” घना सन्नाटा उसे दबोचकर जैसे उस पर हावी होना चाहता था मगर घबराती गरिमा स्ट्रीट लाइट की रोशनी की आड़ में अपनी चुन्नी से सिर ढक चेहरा छुपाती हुई बस स्टॉप की ओर जल्दी-जल्दी तेज कदमों से कभी…

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हिन्दवासी हिंदी बोलो

हिन्दवासी हिंदी बोलो हम हिंद में रहने वाले हैं हिंदुस्तानी ही कहलाते हैं हिंदी हमारी मातृभाषा है यह देश की राजभाषा है राष्ट्रभाषा भी बन जाएगी ए हिंदवासियों हिंदी बोलो जननी जन्मभूमि ये हमारी स्वर्ग से भी महान होती है तीसरी माँ है ये मातृभाषा प्रथम पूजनीय को त्याग क्यूँ पहने विदेशी ये जामें सबसे…

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बसंत

बसंत पतझड़ से शोभाहीन हुई, प्रकृति के नव शृंगार को। पिछले बरस की नीरसता हटा, आस के फूल पल्लवित करने को। वन उपवन को पुनर्जीवन देने, है एक और बसंत आने को। अंतर्मन में कहीं सुप्त पड़ी, मानवता झकझोरने को। एहसासों को अंकुरित कर, रिश्तों को नई तरंग देने को। काश, इस बार बसंत आए…

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भारत बनाम इंडिया विकास-गाथा !!

भारत बनाम इंडिया विकास-गाथा !! अनेक नामों में इस देश का एक नाम है भारतवर्ष। इस नाम में इसका प्राचीन गौरव समाहित है। ‘अमरकोश’ में वाचस्पति का एक श्लोक आता है- “स्यात भारतं किंपुरुष च दक्षिणां: रम्यं हिरण्यमयकर, हिमाद्रेरुत्तरास्त्राय:। भद्रश्वकेतुमालो तू द्वहो वर्षो पूर्वपश्चिमो इलाव्रित्त तू मध्यस्थ सुमेरुयर्ष तिष्ठति।।” इस श्लोक के अनुसार प्राचीनकाल में…

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Father’s Day

मेरे आदर्श और मैं उनकी छाया पापा के बारे में मैं क्या कहूं। दुनिया के सबसे अच्छे पिता थे। मेरे सबसे अच्छे मित्र सबसे अच्छे सलाहकार और सबसे अच्छे मार्गदर्शक थे। मैं जो कुछ भी हूं उन्हीं के कारण हूँ।पिता जी की सबसे अच्छी बात थी कि वह अपने बच्चों के साथ समय बिताते थे…

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हे माँ शारदे

हे माँ शारदे अंतर्मन में बसी है मूरत मनमोहिनी प्रेममयी सूरत हे माँ वीणावादिनी शारदे कृपा कर माँ, आशीष वर दे। शुक्ल पंचमी के पावन तिथि पर आती तू जब इस धरा पर बसंत के बयारों को साथ लाती नए प्रेम की कलियाँ खिलाती बाल वृद्ध में उमंगें भरती नव जीवन का आह्वान करती हे…

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मां की ममता

मां की ममता माँ मेरी माँ तूँ ममता की मूरत है, निश्छल और प्यारी हसीं तेरी सूरत है, वो एहसास आज भी मेरे पास है….. जब तूँ मुझे हर पल अपने आँचल में ही छुपा कर रखना चाहती थी, क्यूंकि तुम्हे डर था की किसी की नज़र न लग जाये मुझे,… मैं बड़ी हो गयी…

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शहादत

शहादत शहादत जो हुआ सो हुआ अब तू संभाल ले खुद को दूर चलना है, रास्ता अभी बाकी आशाओं की तरह | आसान नहीं है रास्ता यहाँ जंगल भी है फूलों भरी बगिया भी, खूंखार शेर भी है मासूम तितली भी | फिर भी चलना है लक्ष्य के लिए और दिल में प्रेम लिए.. |…

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