शिक्षा का उद्देश्य और नई शिक्षा नीति

शिक्षा का उद्देश्य और नई शिक्षा नीति अच्छी पढ़ाई, अच्छा जीवन’ – ये नारा शायद सदियों से बच्चों को, उनके माता-पिता को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता रहा है। शिक्षा से अनेक द्वारा खुल जाते हैं; ज्ञान के, अच्छे समाज के, अच्छी नौकरी के। मानव जाति में एक जिज्ञासु प्रवृत्ति है और…

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जेन गुडाल – एक विचारविज्ञानी

जेन गुडाल – एक विचारविज्ञानी ‘एक मशहूर शायर ने कहा है – “पत्थरों के शहर में दूब ना तलाशो इन्हीं पत्थरों पर चल के आ सको हो तो आओ” सच है ! महिलाओं को सफल होने के लिए पत्थरों पर ही चलना होता है। विश्व की सभी महिलाओं के लिए यह पंक्तियां लागू होती हैं।…

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भाग्यरेखा ने उकेरा

भाग्यरेखा ने उकेरा भाग्य रेखा ने उकेरा स्वप्न रेशम रूप तेरा ले रहा आकार अंतर में सलोना रूप तेरा।। मांगती रहती विधाता से सुमन रस राग भीगे। दे रहा प्रारब्ध ही यूं हो सदय उपहार मेरा।। पलक के आह्लाद पर है वाणियों का मूक पहरा। खिलखिलाती आ गयीं खुशियां, ह्रदय का मार फेरा।। अधर कोपल…

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PEACE ON EARTH

PEACE ON EARTH Christmas is a time of venerable peace, You can look at bejewelled stacks of trees, And the world often perceived as intense, When family reunions break messy fences. Snow’s candid praise bedecks the gate, Children hang their socks and wait , It is the eve of Christmas never late, Harbinger of change…

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टिंगू

‘‘टिंगू’’ ‘‘मृदु….. देखो भई कौन है’’ इन्होंने मुझे नीचे के बरामदे से आवाज लगाई. सुबह का अखबार पढ़ते समय तनिक व्यवधान हो तो इनकी आवाज ऐसी ही रूखी हो जाती है. मैं सीढ़ियाँ फाँदती नीचे आई तो देखा कि एक बारह तेरह साल का लड़का साफ धुली हुई हाफ पैंट व टी-शर्ट पहने अपनी माँ…

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कैसे मनाएँ

कैसे मनाएँ कैसे मनाएँ आज़ादी का जश्न..? कैसे भुलाएँ कोरोना के ग़म…? विश्व पुरुष जब अश्रु बहाता हो, कैसे भारत माँ का श्रिंगार करें हम .. कैसे भुलाएँ कोरोना के ग़म। मानवता पर जब घना संकट मंडराता हो, जीवन ,मृत्यु से दया की भीख माँगता हो, मृत्यु का तांडव अविराम चलता हो.., हर गली-मोहल्ले में…

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गणतंत्र का सबसे मजबूत अस्त्र शिक्षा

गणतंत्र का सबसे मजबूत अस्त्र शिक्षा 72 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर विशेष शुभकामनाएं। 21वीं सदी का पहला गणतंत्र, युवा भारत के सपनों का गणतंत्र, अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपनी पहचान बनाता, राज करता भारतीय गणतंत्र, जन गण मन तक राष्ट्रीयता के संदेश पहुंचाता गणतंत्र । हमारी शैक्षणिक विरासत पर हमें गर्व है…. नालंदा तक्षशिला…

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विवेकानंद एक विचारक 

विवेकानंद एक विचारक  धर्म की गहराई को जानने के बाद उन्होंने विश्व में अध्यात्मिक क्रांति छेड़ दी। पश्चात जगत में सनातन धर्म वेदों तथा ज्ञान शास्त्र से विश्व को परिचित कराया। वर्षो से सनातन हिन्दू धर्म पर अनेकानेक आघात किये गए पर उसे समाप्त नहीं किया जा सका।क्योकि सनातन धर्म जीवन है । उन्होंने बताया…

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शिक्षक

  शिक्षक जननी, प्रथम, सर्व श्रेष्ठ शिक्षक होती है अपनी, लिए गोद में पीना खाना है सिखलाती; नन्हें नन्हें पैरों से चलना है वो सिखलाती। अब बारी आती है उन शिक्षकों की, जो प्यारे प्यारे नौनिहाल को, सहनशक्ति बिन विचलित हुए क ख ग ए बी सी का पाठ पढ़ाते हैं, ख़ुद बच्चा बन बच्चों…

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प्रकाशोत्सव

प्रकाशोत्सव ताल ठोक रहा तम का दानव लिए अँधेरा मन का दूर खड़ा मानव दिखावे के रोशनी सजती सबके घर – द्वारे मन का तम मिटा ना सका तू मानव, प्यारे ……….. ताल ठोक रहा ………. रात – रात पूरी चला मंज़िल ना पाया लौट बुद्धू घर को आया चला जिस डगर वह भी निकला…

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