हिन्दी-दिवस
हिन्दी-दिवस तुम प्राण देश की हो “हिन्दी “पर हो तुम किस तरह उजड़ी? किसने उजाड़ा है तुमको? किसने संहारा है तुमको? विलुप्त सी हो चली हो तुम भारत धरा से विस्मृत हो कर तुमही तो भारत मनु की सतरूपा थीं जिसने किया था समर्पण एक दिन भारत मनु को अपना सर्वस्य देकर पर परतंत्रता के…