पूर्व-पक्ष
पूर्व-पक्ष दिव्या माथुर से मेरा परिचय लगभग ढाई दशक पूर्व हुआ और इसका श्रेय डॉ. लक्ष्मीमल्ल सिंघवी को है जो उस समय ब्रिटेन के भारतीय उच्चायुक्त थे और हिंदी के प्रचार-प्रसार में सक्रिय थे। दिव्या के दूसरे काव्य संकलन ‘ख़याल तेरा’ का आमुख उन्होंने ही लिखा था इसलिए वह उनकी काव्य प्रतिभा से परिचित थे।…
Christmas
CHRISTMAS The happiest season is here again, shielded faces can’t stop us from recapturing, that brightest star that led to the three wise men, to find the Christ that was born in Bethlehem. Heaven and nature sing; Joy to the World the Lord has come! Christmas, it’s Christmas, time to love! Humanity is wanting for…
मुस्लिम आक्रांताओं का आक्रमण और बाबरी मस्जिद का निर्माण
मुस्लिम आक्रांताओं का आक्रमण और बाबरी मस्जिद का निर्माण समूचे विश्व में भारत ही एक ऐसा देश है जिसकी सभ्यता और संस्कृति हजारों साल से विरासत के रूप में विद्यमान रही है। प्राकृतिक संसाधनों और धन धान्य से संपन्न ये देश अनेकों रियासतों में विभक्त होने के बावजूद विश्व मे प्रमुख स्थान के रूप में…
हमारी हिन्दी
हमारी हिन्दी हिन्दी भारत की हर श्वास है, इक नवीन विश्व की आस है। तन में बहता अरुण रक्त है, हर भारतवासी इसका भक्त है। हिंदी प्रेम-विजय की बोली, मानवता पनपी इसकी झोली। यही ग्रीष्म-शीत ऋतु बसंती, माँ देवी के माथे की बिंदी। वर्ण से शब्द, शब्द से वाक्य, हर भाव में भाषा महान है।…
एक सख्त खलनायक
एक सख्त खलनायक धूप में बहते अपने पसीने, कठोर परिश्रम और पीड़ा के लिए वह देखना चाहता था उसकी आँखों में प्रेम, आर्द्रता और करुणा परन्तु वह देखता था रूखापन, कठोर अनुशासन और धैर्य क्योंकि पिता जानता है कि दुनिया निर्मम, निर्मोही और निष्ठुर हैं बच्चों के लिए जरूरी है माँ की छाया में रहते…
भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- गुलजारी लाल नंदा
ईमानदारी की एक मिसाल-गुलज़ारी लाल नंदा किसी घर में एक बुजुर्ग व्यक्ति अकेले किराया पर रहते थे ।वह अत्यंत निर्धन थे तथा कुछ महीनों से किराया भी नहीं दे पा रहे थे ।अंततः एक दिन मकान मालिक ने उन बुजुर्ग का सारा सामान सड़क पर फेंक दिया ।सामान भी क्या ,दो चार बर्तन और दो…
दधीचि के देश में
दधीचि के देश में देश युद्धस्तर पर कोरोनावायरस से लड़ रहा है।पूरे देश में आज लगभग सवा दो करोड़ लोग जो अलग-अलग स्तर के संक्रमण से गुजर रहे हैं, हमारी मदद और सकारात्मक पहल की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं, उन्हें इनकी बहुत आवश्यकता भी है। इस बीमारी के बदलते स्वरूप और…
चलकर देखें
चलकर देखें इरादा कर ही लिया जब कि चलते जाना है फिर जरूरी है क्या कि अँधेरे को हम डरकर देखें हौसला लेकर चलें हल की तरह कांधे पर जहाँ पर रौशनी का घर है वहाँ चलकर देखें कसैलेपन के लिए जिंदगी ही काफी है ये जरूरी नहीं कि हर बार हम मरकर देखें…