मां के सपने

“मां के सपने” कितने सपने संजोए थे तूने, हम सबके संग, कितने सपने थे तुम्हारी आंखों में, कितनी कल्पनाएं थी, तुम्हारे आंखों में चमक, जिन्दगी जीने की ललक, एक उल्लास मन में लिए, सबको संवारा बड़ी लगन से, अपनी सजग नयन से, कई सपने भी टूटे, फिर भी !! तुम मुस्कुराती रही, हम-बच्चों के संग,…

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वीर स्थली का सिंह नाद

वीर स्थली का सिंह नाद 1 जुलाई, 2016 को भारतीय सेना की एक महत्वपूर्ण पलटन ‘9 पैरा स्पेशल फोर्सेस’ अपना 50वाँ स्थापना दिवस बड़े उत्साह और गर्व के साथ मना रही थी | सेना से सेवा निवृत हुए बहुत से अधिकारी भी सपरिवार इस महाकुम्भ में भाग लेने के लिए देश- देश से आए हुए…

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लॉकडाउन

लॉकडाउन आया कोरोना तू कहाँ से देश हमारे मचा मृत्य का तांडव विश्व भर में मचा हड़कंप ऐसा ज़िन्दगी ही सिमट गई चारदीवारी में बाज़ार हुए बंद सड़कें सुनी पलायन को मजबूर घर काम से बेघर मजदूर ऐसी मुश्किल घड़ी में डट कर खड़े हैं डॉक्टर नर्स मेडिकल स्टाफ करने को देखभाल वहीं पुलिसकर्मी सड़कों…

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विजयी भारत

विजयी भारत आप में से बहुतों ने १९६२ का युद्ध देखा होगा व उसकी कहानियां भी सुनी होंगी।मेरे भी ज़हन में आज कई दिनों से वो १९७५ का पाकिस्तान व भारत के युद्ध जिसके “सायरन” की गूंज,वो मेरे घर की छत से जहाजों की फर्राटेदार उड़ानें और उस पर हम दोनों बहनों को मां और…

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मेरी भूलों को कर दो माफ

मेरी भूलों को कर दो माफ तुम्हारे प्रेम में आकंठ डूबी थी मैं , कभी किसी बात पर रुठी न थी मैं, तुमने मेरे पंख काट कर सहेज दिये थे , बिना पंखों के भी खुश थी मैं तुमने कहा था कि पहले तुम गगन छू लोगे , अपने सपने पूरे कर लोगे , मैंने…

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सोशल डिस्टेंसिंग और सोशल नेटवर्किंग

सोशल डिस्टेंसिंग और सोशल नेटवर्किंग वैश्विक बीमारी कॉरोना ने आज विश्व की तमाम जनसंख्या को घर की चारदिवारी में क़ैद करवा दिया है । ” सोशल डिस्टेंसिंग ” आम बोलचाल का शब्द हो गया है , जिसका अर्थ भी सबको समझ में आ रहा है । समाज में पिछले कुछ वर्षों के प्रचलन पर ध्यान…

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My Mother

My Mother The lady who has a towering impact on me is my Mummy: Mrs Sushila Mohapatra. Being a daughter I was very much inclined towards my Dad. Always had a perception that mummy can’t be the best adviser. I used to share my details with my dad. He was my idol ,unlike every daughter….

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मुंशी प्रेमचंद

मुंशी प्रेमचंद मुझे नहीं लगता जिनकी रुचि साहित्य में होगी वो इस नाम से वाकिफ नहीं होंगे !! मुंशी प्रेमचंद मेरे प्रिय कथाकारों में से एक हैं सच कहूं तो उनकी कहानी “पूस की रात”और “ईदगाह”जब विद्यालय जीवन में पढ़ा था तभी से उनकी मुरीद हो गई!! कहना ग़लत नहीं होगा कि अगर लिखने- पढ़ने…

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पिता पूरा संसार है

पिता पूरा संसार है माँ आधार है तो पिता पूरा संसार है पूरी दुनिया में जो बिना थके चले वो बेशुमार प्यार है बच्चों का भविष्य सुधार सके इसके लिए हर दम तैयार है ऊपर से सख्त अंदर उनके प्यार ही प्यार है माँ आधार है तो पिता पूरा संसार है जिससे सीखा ईमानदारी का…

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मैं हूँ ना

मै हूँ ना हाँ, जिंदगी सिर्फ यादों का खेल ही तो है। एक उम्र के बाद ऐसा लगने लगता है जैसे जीने के लिए अब ज्यादा कुछ बचा ही नहीं ।बस अतीत की लम्बी गहरी सुरंग जैसी राहों पर मन भटकता रहता है हर-पल, हरदम । तनु के जीवन में भी ऐसा ही कुछ धा।…

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