संवैधानिक उपचारों की छत्रछाया में भारतीय महिलाएं

संवैधानिक उपचारों की छत्रछाया में भारतीय महिलाएं 26 जनवरी, 2021 को देश का 72 वां गणतंत्र दिवस हमने मनाया। वैश्विक महामारी के तहत बदले हुए परिवेश में इस राष्ट्रीय गौरव दिवस को हम सभी ने अपने-अपने दृष्टिकोण से मूल्यांकित किया, ह्रदय में राष्ट्र के प्रति स्थित अपने -अपने श्रद्धा के भाव के अनुपात में व्यवहार…

Read More

भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की-रानी लक्ष्मीबाई

मेरी महानायिका-झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई बुंदेलों हरबोलों के मुख हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वी तो झाँसी वाली रानी थी। आदरणीया स्वर्गीया सुभद्राकुमारी जी की रचना रानी लक्ष्मीबाई के साथ इतिहास में अंकित हो गई। यह काव्य कथा एक दर्पण की भाँति रानी जी की जीवनगाथा को अक्षरशः प्रतिबिंबित करती है। कविता पढ़ते…

Read More

कलयुगी सावित्री

कलयुगी सावित्री रोज की तरह उस दिन भी धनिया काम करने आई तो बहुत बुझी बेजान सी दिख रही थी ।मैं अभी अभी स्कूल से लौटी थी इसलिए मैंने उस पर ध्यान नहीं दिया वह जूठे बर्तन उठाकर उन्हें साफ करने चल पड़ी ।मैं थोड़ी देर आराम करने के लिए बिस्तर पर लेट गई अक्सर…

Read More

छाप ‘मंत्र’ की

छाप ‘मंत्र’ की सर्वाधिक लोकप्रिय साहित्यकार प्रेमचंद की बहुत सी कहानियों ने मुझे पुनः-पुनः पढ़ने के लिए विवश किया| उनकी कहानियों के कथानक और चरित्र हमारे आस-पास की घटनाओं और चरित्रों से इस कदर मिलते-जुलते है कि हमारे भावों और संवेदनाओं को छूते हैं| साथ ही उनका लेखन आज भी प्रासंगिक हैं| प्रेमचंद की कहानियों…

Read More

बेटियों की पहचान

बेटियों की पहचान 21वीं सदी के इस भारत से यह प्रश्न है मेरा, दे सको तो दो इस प्रश्न का उत्तर हमें। नित्य प्रति कोख में क्यों मारी जाती है बेटियां ? क्यों वासना के चादर में लपेटी जाती है बेटियां ? मत भूलो ,,,, परिवार का बोझ कहार बन उठाने लगी है बेटियां ,…

Read More

भारत की बातें

भारत की बातें ये भाषण भी ले लो, ये राशन भी ले लो, हमें मत सुनाओ तुम्हारी कहानी, सुनाओ हमें सिर्फ़ भारत की बातें. वो गीता की गरिमा, वो वेदों की बानी। वो भारत का दुनिया को रस्ता दिखाना, वो शांति, अहिंसा की राहों पे जाना, वो चाणक्य, अकबर, शिवाजी, वो राणा, वो झांसी की…

Read More

भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- बाल गंगाधर तिलक

लोकमान्य-बाल गंगाधर तिलक १८५७ की क्रांति क्यों विफल रही ? क्यों तात्या टोपे, रानी लक्ष्मीबाई का बलिदान विफल हुआ ? क्योंकि हम एक साथ लड़े ही नहीं !! कौन है ये ब्रिटिश ? कौन सा है उनका ब्रिटेन देश ?? अगर हम सब भारतीय एक साथ थूंकेगे तो उनका देश बह जाएंगा ! ऐसे कड़े…

Read More

माँ

माँ माँ तो केवल माँ होती है , हर सुख -दुख में ठंडी छाँव होती है । गरम थपेड़े सहकर भी बच्चों की रहनुमा होती है । सूरज की पहली किरण वह , चाँद की चमकती रोशनी वह, नीले आसमान -सी विशाल वह , हवा का सुगंधित झोंका वह , ममता से भरी गागर वह…

Read More