कोरोना के साथ एकवर्षीय यात्रा

कोरोना के साथ एकवर्षीय यात्रा 2020 का यह साल भी अपने अवसान की ओर है, पर ऐसा साल रहा यह जिसने पूरी दुनिया की ही रफ्तार को थामने की कोशिश की, बहुत हद तक सफल भी रहा यह। एक वायरस-नोवेल कोरोना, जो पूरी दुनिया को डर और संशय की गिरफ्त में बाँध लेता है, सामाजिक…

Read More

फ्योंली से अनमोल कोई फूल नही

फ्योंली से अनमोल कोई फूल नही यह तब की बात है जब यह माना जाता था कि हिसंक से हिंसक वन्यजीव भी मानव मांस नहीं खाते हैं। उसी जमाने में एक बहुत प्यारी सी लड़की हुई थी -फ्योंली। उसे प्रकृति से बहुत प्रेम था। यूं ही विचरते-विचरते एक दिन वह किसी जंगल में भटक गई।…

Read More

ख्वाब

ख्वाब नैना मेरे चुप मत रहना , कह दो दिल की बात। ख्वाब सुहाने जब भी देखे ,बहते क्यों हर रात।। कभी निराशा ने है जकड़ा , पर उम्मीदें साथ । कभी हँसाते कभी रुलाते , कभी छोड़ते हाथ।। संवेदित हैं मेरी पलकें, या दिल के जज़बात । ख्वाब सुहाने जब भी देखे, बहते क्यों…

Read More

चेहरा बनाये बेदाग

चेहरा बनाये बेदाग स्कीन पर किसी प्रकार का दाग केवल आपकी खुबसूरती पर ही दाग नहीं है बल्कि आपके आत्मविश्वास को भी कम करता है । साथ ही साथ यह मानसिक तनाव का कारण भी बन जाता है। लेकिन आज के इस आधुनिक युग में अब प्रत्येक प्रकार के दाग का इलाज संभव है। केवल…

Read More

आजादी के पहले का हिंदुस्तान चाहिए

आजादी के पहले का हिंदुस्तान चाहिए हमें कश्मीर नहीं पूरा पाकिस्तान चाहिए, आजादी से पहले का हिंदुस्तान चाहिए। हम हैं अमन के रखवाले युद्ध छेड़ते नहीं पर हम छेड़ने वालों को कभी छोड़ते नहीं तुमने जो की मक्कारी उसे कैसे सहेंगे पुलवामा का बदला अब हम लेकर रहेंगे हमें अब और नहीं बेटों का बलिदान…

Read More

सपनों का भारत

” सपनो का भारत “ हो न अमन की कमी इस जहां में मिलजुल सब रहें इस जहां में हर विस्थापितों को मिले आशियाना रहे अनाथ ना कोई इस जहां में आतंकी के आतंक का हो खात्मा उन्हें भी प्यार मिले इस जहां में बागों में खिले हर इक कली कहीं कुम्भला न जाए इस…

Read More

बदल रही है भारत की तस्वीर

बदल रही है भारत की तस्वीर हमारा गणतंत्र -हमारी राष्ट्रीय एकता-सम्प्रभुता-और अस्मिता का एक गौरवशाली दिन, पूर्ण स्वराज्य की अवधारणा के साकार प्रतिफलन का एक उज्जवल क्षण , एक नई सुबह-जागृति की, विश्वास की,एकता व गर्व-बोध से भरे गणतंत्र की, हाथों में तिरंगे झंडे उठाये हजारों बच्चों की एक सम्मिलित आवाज ” भारत माता की…

Read More

अपने राम

अपने राम   इनके,उनके,किनके राम, सबके होते अपने राम। कबिरा के भी अपने राम, तुलसी के भी अपने राम।   तन में राम,मन में राम, सृष्टि के कण -कण में राम। क्षण में राम, तृण में राम, सब भक्तों के दिल में राम।   केवट के भी अपने राम, सबरी के भी अपने राम। सुग्रीव…

Read More