मानसिक तनाव-एक मंथन

मानसिक तनावः एक मंथन दोस्तों, हम सभी इस बात से भली-भाँति वाकिफ हैं कि मानसिक तनाव एक प्रकार का असंतुलन है जो कि हमारे दैनिक वातावरण, साथ रहने वाले लोगों के व्यवहार और इन सब के साथ, हमारे मन मस्तिष्क की प्रतिक्रियाओं का, सामंजस्य न बिठा पाने का परिणाम है, फलस्वरूप मन की शांति, भावनाओं…

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मेरे राम आ गए

मेरे राम आ गए   मेरे राम आ गए प्रभु फिर लौट कर अपने अयोध्या धाम आ गए मुकुट माथे सजा कर अब मेरे श्री राम आ गए   जगमग हुई अयोध्या नगरी प्राण प्रतिष्ठा हो रही ग्रहण है पांच सदियों का व्यथा उर की पुरानी है हुआ अवतार सरयू पर दबी इक इक निशानी…

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TEN COMMANDMENTS

TEN COMMANDMENTS On the eve of WORLD HEALTH DAY(7th April) My TEN COMMANDMENTS of COVID from PUBLIC’s perspective!!(कुछ महत्वपूर्ण पहलू सबके लिए) Rampaging COVID( Second of so many impending WAVES) makes a few things crystal clear.. 1)MASK is the only realistic protection. 2) Vaccine is NO protection except, perhaps less mortality & severity, but We…

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बस इतना सा

बस इतना सा नाम – सीमा भाटिया जन्मतिथि – 5 फरवरी, 1969 शिक्षा – स्नातकोत्तर (हिन्दी) लेखन की विधाएँ – गद्य और पद्य दोनों में प्रकाशित पुस्तकें – सांझा संग्रह_ संदल सुगंध, लम्हों से लफ्ज़ों तक, सहोदरी सोपान, अल्फाज़ ए एहसास (काव्य संग्रह) सफर संवेदनाओं का,आसपास से गुजरते हुए, लघुतम-महत्तम, सहोदरी लघुकथा २, लघुकथा कलश,…

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नागरिकता संशोधन कानून

नागरिकता संशोधन कानून   नागरिकता संशोधन कानून के बारे पढें और समझे । एक बहुत बड़ी भ्रांति फैलाई जा रही है कि यह बिल माइनॉरिटी के खिलाफ है, यह बिल विशेषकर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ है।किसी के बहकावे में ना आएं।हम एक हैं हमें कुछ राजनीतिक दलों के बहकावे में नहीं आना है। नागरिकता (संशोधन)…

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हां मैं प्रेम में हूं

हां मैं प्रेम में हूं प्रेम में हूँ..! हां मैं प्रेम में हूं..! स्वयं के..! और लगता मुझे… ये सारा संसार है प्रेममय…! शबनमी रेशमी एक सूत.. एक धागा महीन सा..! जुड़ता जोड़ता… रूहों की खुशबूओं से.. रूहों को… और रूहानियत से.. सराबोर ये ब्रम्हांड…! कल कल करता झरने सा…! अकूत स्तोत्र के खजानों संग……

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कोरोना कोंस्पिरेसी

कोरोना कोंस्पिरेसी किसी बात को ठीक से समझने के लिए उसकी पृष्ठभूमि को समझना आवश्यक होता है | चीन से शुरू हुई इस वैश्विक महामारी को समझने के लिए भी उसकी पृष्ठभूमि जानना जरूरी है कि वह कब कैसे और किन परिस्थितियों में शुरू हुई | नवम्बर दिसम्बर 2019 में दो महत्वपूर्ण खबरें थी जिसे…

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चिट्ठिया हो तो

चिट्ठिया हो तो …….. सुजाता ने कमरे की इकलौती खिड़की खोली। पिछले तीन दिनों से सुजाता इसी कमरे में ही पड़ी रहती है। इस पीली तीन मंजिली इमारत में खिड़कियाँ और दरवाजे बहुत कम हैं। सुजाता जब यहाँ तीन रात पहले आई थी, तो रात आठ बजे का समय था। टेबल के पीछे एक दुरूस्त…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- सत्यजित राय

भारतीय सिनेमा के रत्न – सत्यजित राय 2-3 साल की शैशवावस्था में पिता का साया सिर से उठ गया और मामा के यहाँ रहना हुआ। ननिहाल का वातावरण साहित्यिक और संगीतमय था। घर में तमाम लोगों का आना-जाना लगा रहता था। माँ सुप्रभा देवी अपना सारा लाड़-प्यार अपने इकलौते बेटे सत्यजित पर लुटातीं। बाबा (पिता…

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गुलाब

गुलाब तुम्हें तो पता भी नहीं होगा कि मेरे जीवन का पहला गुलाब जो तुमने दिया था अपने पहले प्रेमपत्र में लपेटकर मुझे उसे अबतक संभाल रखा है मैंने प्रेमपत्र के अक्षर धुंधला गए हैं कागज़ में जगह-जगह उभर आए हैं भूरे, चितकबरे धब्बे और लाल गुलाब की पंखुड़ियां सूखकर काली पड़ गई हैं मैं…

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