हिन्दी भाषा – आज के परिवेश में
हिन्दी भाषा – आज के परिवेश में अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी दिवस हाल में ही मनाया गया है | बधाइयों का दौर देश विदेश भर में चलें और सोशल मीडिया की भी शान बना | हिन्दी को अक्षुण्ण रखने की कसमें भी खूब खाई गईं | अनेकानेक चिंतायें प्रकट की जा रही थी कि इस दौर मे…
मास्टर साहब कहिन
मास्टर साहब कहिन किस्सा एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के मास्टर साहब की है।आज मास्टर साहब के घर पर अफरा-तफ़री का माहौल है।श्रीमती जी कपड़े प्रेस कर रही, सुपुत्र जूता पॉलिश कर रहा , स्वयं मास्टर साहब दाढ़ी बनाने में व्यस्त।कुल मिलाकर घर का माहौल बड़ा गर्म था।कोई और दिन होता तो बिना प्रेस कपड़ा, बिना…
भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की-सरोजिनी नायडू
विरासत: श्रीमती सरोजिनी नायडू भारतवर्ष के अमृतमहोत्सव पर यह कहना कदाचित अतिशयोक्ति नहीं होगा कि हर वर्तमान की नींव इतिहास में ही रखी जाती है, विशेषकर कला, संस्कृति, विज्ञान की। कृषि के क्षेत्र से लेकर औद्योगिकीकरण, तकनीकीकरण से डिजिटाइजेशन, मानवाधिकार के क्षेत्र में स्त्री पुरुष को सामाजिक, मानसिक एवं व्यवसायिक क्षेत्र में समान अधिकार का…
भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- भीकाजी कामा
मेडम भीकाजी रूस्तम कामा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में राष्ट्रवादी आंदोलन की प्रमुख नेता रहीं। भीकाजी कामा का जन्म 24 सितंबर, 1861 को बंबई (मुंबई) में पारसी समुदाय के एक अमीर एवं मशहूर शख्सियत भीकाई सोराब जी व जीजा बाई पटेल के घर हुआ था। उनका परिवार आधुनिक विचारों वाला था और इसका उन्हें काफी लाभ…
कोरोना के बाद की दुनिया
कोरोना के बाद की दुनिया पिछली सदी के दो विनाशक महायुद्धों ने हमारी दुनिया की राजनीति और अर्थव्यवस्था को बहुत हद तक बदला था। विश्व इतिहास में पहली बार कुछ ऐसा हुआ है जिसने राजनीति और अर्थतन्त्र के साथ लोगों का जीवन और जीने के तरीके भी बदल दिए हैं। महामारियां पहले भी आती रही…
प्रेम -बंधन
प्रेम -बंधन दो प्राणों का है अटूट ये बंधन । दो श्वांसों का श्वांसों से अनुबंध । दो प्राणों की मधुर आलाप है दो प्राणों की ये वेदना है। प्रेम ..मौन की बोलती भाषा प्रेम …हृदय की है परिभाषा । दो नयनों का स्मित -हास जीवन का है जो दीर्घ श्वास। प्रेम … राधा का…
संस्मरण प्रेमचंद जी के परिवार का
संस्मरण प्रेमचंद जी के परिवार का बचपन में पांचवीं, छटी से ही पुस्तकों में दिनकर, महादेवी वर्मा,मैथिली शरण गुप्त, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ जिनके नाम का तिराहा आज भी है, डॉ राम कुमार वर्मा, हरिवंश राय बच्चन जी जो इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के “अंग्रेज़ी डिपार्टमेंट , फ़िराक़ गोरखपुरी जी भी अंग्रेज़ी डिपार्टमेंट के हेड रहे पर दोनों…
Obliterating Time
Obliterating Time The earth shall I draw again… and time shall I intoxicate… Thus shall I obliterate the minutes of your absence Of sterile seasons, of gloomy days, Of faceless months! I shall obliterate the moments when my tears Swell up! LIVES without you Shall I build anew! Nights devoid of your form Shall I…
Rise of Sunak-First British P.M.of Indian Descent
Rise of Sunak-First British P.M.of Indian Descent It was a historic moment indeed for the Indians on the day of immensely illuminated festival of lights , celebrated with usual gaiety & enthusiasm after a two year gap, due to Covid pandemic in between. Forty two year old Rishi Sunak’s election as the leader of ruling…