मैट्रिमोनियल

    मैट्रिमोनियल ‘ हैलो जी, मैं अरवी का पिता चेतक अरोरा। आपके बेटे की प्रोफाइल देखी है। आप मेरी बेटी की प्रोफाइल देखी लीजिए।’ ‘जी! अभी देखती हूं।’ सरुना तुरंत अरवी की प्रोफाइल देखने लगी। जिसमें लड़की का नाम, जन्म तारीख, जन्म समय, जन्म स्थान के साथ-साथ लड़की की ऊंचाई, रंग-रूप, प्राप्त शिक्षा और…

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यह कैसी आज़ादी

यह कैसी आज़ादी *********************** देश की आजादी को आज पूरे हुए बहत्तर बरस लेकिन आज भी आधी आबादी आजादी को रही तरस मंदिर हो या रेलवे स्टेशन लगा भिखारियों का तांता मौलिक सुविधाओं से जिनका दूर दूर तक नहीं है नाता दिहाड़ी मजदूरी, आधी तनखाह काम कर रहे मेहनतकश हालात देखकर इनके लगता गुलाम है…

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प्रेम

प्रेम हुई है जबसे सुन्दर भोर,उठा है अदभुत- अदभुत भाव। निहारे पाखी को चितचोर, सुखद है हृद का यह गहराव।। नयन को करके हमने चार , मिलाया हाथों से फिर हाथ । दिखा जन्मों-जन्मों का प्यार,निभाना साथी अब तुम साथ।। बुझे ना दीपक की लौ तेज, इसी बंधन में सुख अरु चैन। रखो अब हमको…

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हिन्दी फिल्में और हिन्दी का प्रसार

हिन्दी फिल्में और हिन्दी का प्रसार कहते हैं कि राजनीति, फिल्में और क्रिकेट — हम भारतवासियों का अस्सी से ज्यादा समय इनकी चर्चा करने में ही बीतता है। इन तीनों ने देश को कभी तोड़ा भी है और बहुत कहीं जोड़ा भी है। फिल्मों का तो भारतीय जीवन में और उनके मानस पटल पर बहुत…

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Happy Anniversary

जीवन साथी जीवन पथ पर अकेली थी . अल्हड सी थी अलबेली सी … चलते चलते अनजानी राहों पर .. मिल गए एक दिन तुम यूँ ही … मेरे जीवन साथी बन कर … बन मांझी पतवार थाम कर … उतर पड़ी जीवन नदिया में …. हाँथ थाम कर चल दी तुम संग .. जिधर…

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Christmas

Christmas I dream of crucifixes tonight. And each one is painfully inspired. And Bread of Joy rises at dough bowls. The time has come for the Limit. The stars are coming down in a golden halo. And the mystery embraces us from above. The past was once. And today heavenly bread sends us The Throne….

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साँझ

साँझ गाड़ी तेजी से पटना से राजगीर की ओर बढ़ रही थी। हल्की बूंदा-बांदी शुरू हो गई थी। आषाढ़ का महीना चढ़ा ही था। मोना सुबह आठ बजे पति राजेश के साथ घर से निकली थी। राजेश को ऑफिस के कार्य से वहाँ तीन दिनों के लिए रूकना था। मोना की एक सहेली रीना राजगीर…

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दो अक्टूबर के कुछ अनछुए पहलू

दो अक्टूबर के कुछ अनछुए पहलू राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी का नाम सिर्फ साबरमती आश्रम से ही नहीं जुड़ा है ।यह बात शायद काफी लोगों की जानकारी से अछूती हो सकती है। बात कुछ यूं निकली और जब मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में बुजुर्गों के बीच सिमट कर रह गई। बापू का लगाव और…

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प्रेमपत्र सन बहत्तर का

प्रेमपत्र सन बहत्तर का किशन आज बहुत लंबे समय के बाद तुम दिखे।समय को दिनों, महिनों और वर्षों में बाँटने की शक्ति कहाँ थी मुझमें।हर एक पल तो युग की तरह बीता था। कितने युग बीत गए इसका भान ही कहाँ रहा मुझे।मन तो सदा तुम्हें खोजता रहता था। आज तुम पर दृष्टि पड़ी तो…

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कथा, कथाकार और पाठक

अंतरराष्ट्रीय कथा महोत्सव  कथा, कथाकार और पाठक 4 जुलाई संध्या 7 बजे (IST), दोपहर 2.30 बजे (GMT) https://youtube.com/@grihaswamini7913 उपन्यास – तिलिस्म  उपन्यासकार – दिव्या माथुर-लंदन,ब्रिटेन समीक्षक शिखा वार्ष्णेय-लंदन, ब्रिटेन डॉ रीता दास राम-मुंबई, भारत अनिल शर्मा जोशी- दिल्ली, भारत अध्यक्ष प्रो जितेन्द्र श्रीवास्तव- दिल्ली, भारत संचालन – पूजा अनिल, स्पेन 1

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