उम्मीदें अभी बाकी हैं

उम्मीदें अभी बाकी हैं जितनी तेजी से मानव सभ्यता का विकास हुआ है, उतनी ही तेजी से प्रकृति और प्रदत प्राकृतिक संसाधनों का दोहन। शोध और अध्ययन भी अनवरत जारी हैं और सामने आने वाले निष्कर्ष कई बार चिंता और डर से युक्त परिस्थिति पैदा कर रहे हैैं। वैश्विक तापमान में वृद्धि एक बड़ी समस्या…

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फागुन में

फागुन में रंग उड़ने लगे हैं लाल पीले सखी री फागुन में गीत कोयल भी गाये सुरीले सखी री फागुन में मौसम लेता है अँगड़ाई पेड़ों पर नव कोंपल आई कलियाँ अपने घूँघट खोले गुन गुन करते भँवरे डोले रंग फूलों के हुए चटकीले सखी री फागुन में रंग उड़ने लगे हैं लाल पीले सखी…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- सरदार वल्लभ भाई पटेल

भारत के बिस्मार्क : लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल हम सभी को भारतवासी होने पर गर्व होता है पर यह स्वतंत्रता हमें हमारे पूर्वजों के बलिदान और त्याग से प्राप्त हुई है | लाखों स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना सर्वस्व त्यागा है तब आज हम आज़ादी की इस खुली हवा में साँस ले पा रहे हैं|…

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शिक्षा और नयी नीति

शिक्षा और नयी नीति शिक्षा वह आधार है,जो किसी भी व्यक्ति या देश को आत्मनिर्भर बनाती है, जीवन में बेहतर संभावनाओं को प्राप्त करने के विभिन्न अवसरों के रास्तों का निर्माण करती है और उज्जवल भविष्य के विकास और उत्तरोत्तर वृद्धि के लिए दरवाजे खोलती है। वैसे तो शिक्षा के उपयोग कई हैं, परंतु, बदलते…

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कलयुगी सावित्री

कलयुगी सावित्री रोज की तरह उस दिन भी धनिया काम करने आई तो बहुत बुझी बेजान सी दिख रही थी ।मैं अभी अभी स्कूल से लौटी थी इसलिए मैंने उस पर ध्यान नहीं दिया वह जूठे बर्तन उठाकर उन्हें साफ करने चल पड़ी ।मैं थोड़ी देर आराम करने के लिए बिस्तर पर लेट गई अक्सर…

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आजादी

आजादी क्या?? क्या कहा – ५० रूपये, दिमाग तो सही है तेरा।” काव्या ने जोर से कहा तो रिक्शा चालक ने भी कहा-“हाँ ,मैडम! कुछ अधिक नहीं मांग रहा। पचास रूपये बिल्कुल सही है। मुझे दे दें तो मैं आगे जाऊँ।” काव्या ने कहा “बिल्कुल नहीं दूंगी।२० रूपये लो।अब निकलो यहाँ से।” रिक्शे वाले ने…

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विजयी भारत

विजयी भारत “ह्रदय का ज्वार सड़कों पर फबेगा, कफन को बाँध सीने पर कहेगा। मचाने और बकंर सब हटा दो, किधर तोपें लगी हैं, यह भी तो बता दो। हमें सहना नहीं है, ये है ठाना, नहीं दबने का हासिल कुछ है ,जाना। तो अब रण हो रहेगा और अब ही, है शोणित तो बहेगा…

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हरि अनंत हरिकथा अनंता

हरि अनंत हरिकथा अनंता तुलसीदास के ‘हरि अनंत हरिकथा अनंता’ की तरह ही विविध आयामी और नवों रसों से भरपूर रामकथा भारत ही नहीं, विश्व के कई देशों में प्रचलित है। असल में देखा जाए तो आदिकवि वाल्मीकि कृत रामायण में जिन-जिन स्थानों का उल्लेख है, भौगोलिक उन सभी क्षेत्रों में साहित्य और संस्कृति के…

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