गृह दाह

गृह दाह हिंदी साहित्य के एक आधार स्तभं और अभिन्न अंग के रूप में मुंशी प्रेमचंद की ख्याति केवल भारत ही नहीं अपितु विश्व भर में फैली है। अपने सरल, सहज और स्वाभाविक लेखन से उन्होंने जनमानस के हृदय पर भारत के समाज ,उसके संस्कार , रिवाजों , आदर्शों के साथ – साथ भावपूर्ण कथाओं…

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मेरी माँ

मेरी माँ ऐसी मेरी माँ , ऐसी मेरी माँ नहीं किसी के जैसी मेरी माँ गुणों की खदान, मेरे परिवार की पहचान, जीवन के मूल्यों का पाठ पढ़ाती, शिक्षक होने का सही अर्थ दर्शाती ऐसी मेरी माँ, ऐसी मेरी माँ नहीं किसी के जैसी मेरी माँ।। इसका जीवन संघर्षों की कहानी, हँस हँस कर सुनाती,…

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मिटेगा कोरोना

मिटेगा कोरोना कैसी हाहाकार मची है कैसा कहर ये ढाया है। पूरी दुनियाँ त्रस्त हुई कोरोना ने दहलाया है। अपने अपने घर में रहना बाहर नहीं निकलना है। जंग शुरू महामारी से है देश से बाहर करना है। दुश्मन ये कमज़ोर नहीं है मानवता का घातक है। जात पांत से दूर ये वायरस इंसानों का…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- सरदार उधम सिंह

शाहिद-ए-आजम:सरदार उधम सिंह उधम सिंह जी का जन्म 26 दिसंबर 1899 में पंजाब के संगरूर जिले के सुनाम गांव में हुआ था। और उनको उस समय लोग शेर सिंह के नाम से जाना करते थे ।उनके पिता सरदार तेहाल सिंह जम्मू उपली गांव के रेलवे क्रॉसिंग में वॉचमैन का काम किया करते थे। उनकी माता…

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लॉकडाउन के पश्चात रोजगार और व्यवसाय के नये अवसर

“लॉकडाउन के पश्चात रोजगार और व्यवसाय के नये अवसर” “खेती न किसान को भिखारी को न भीख भली, वनिक को वनिज न चाकर को चाकरी। जीविकविहीन लोग सिद्यमान सोच बस, कहैं एक एकन सो ‘कहाँ जाइ का करी’।।” तुलसीदास ने भले ही ये पंक्तियां सोलहवीं शताब्दी के परिस्थितियों को देखते हुए रचा हो किन्तु ये…

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Invocation

Invocation To You, Our Lady of life The distinct You bridge the hearts of our world You deceive the sun not to set to offer a heavenly embrace Generously you endure the pain Wisely You dominate bright horizons Your tears become earth’s breath Your hands are solid rocks You scatter clouds in your passage Oh,…

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बदलाव

बदलाव सोनम अपने बेटे के साथ घर का कुछ जरुरी सामान लेने निकली । कार में बैठते ही बेटा बोला मम्मी आज इडली बनायेगें,कल पाव भाजी ,और परसों…तरसों का सामान भी गिनवाने लगा। मैंने कहा ठीक है बेटा जो खाना हो एक ही बार लें लो आज ही सारा सामान, इस बंद के समय मैं…

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लघुकथा- माँ के साथ फोटो

लघुकथा- माँ के साथ फोटो बड़ा ही अजीब आदमी है हमारा बॉस। अभी पिछले साल ही ट्रांसफर होकर आया था। उसका हर काम ही अलग निराला होता है, जाने कहाँ से उसे क्या विचार आ जाते हैं, बड़ी IIM से MBA करके आया हुआ है, उसकी नियुक्ति,ऑफिस में कर्मचारियों में बढ़ते हुए डिप्रेशन को कम…

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प्रतिभाशाली रानी- एलिजाबेथ प्रथम

प्रतिभाशाली रानी- एलिजाबेथ प्रथम वे गगन सी विस्तृत,सूरज सी ओजस्वी और ध्रुव तारे सी उज्ज्वल थीं । वे उच्च चारित्रिक मूल्यों वाली सशक्त महिला थीं और एक महान रानी थी। एलिजाबेथ प्रथम का जन्म 7 सितम्बर, 1533 को पैलेस ऑफ प्लेसेंटिया ,ग्रीनविच, इंग्लैंड में हुआ था। हेनरी अष्टम और उनकी दूसरी पत्नी ऐनी बोलिन की…

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