शजर

शजर इक पिता सा छाँव करता था शजर कमनिगाही भी वो सहता था शजर । (शजर:वृक्ष कमनिगाही : उपेक्षा) ख़ुद की तो उसने कभी परवाह न की, दूसरों के सुख से सजता था शजर । उसकी बाहों में तसल्ली पाते थे, आसरा पंछी का बनता था शजर । नाच उठता था हवा की ताल पे,…

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मुस्लिम आक्रांताओं का आक्रमण और बाबरी मस्जिद का निर्माण

मुस्लिम आक्रांताओं का आक्रमण और बाबरी मस्जिद का निर्माण समूचे विश्व में भारत ही एक ऐसा देश है जिसकी सभ्यता और संस्कृति हजारों साल से विरासत के रूप में विद्यमान रही है। प्राकृतिक संसाधनों और धन धान्य से संपन्न ये देश अनेकों रियासतों में विभक्त होने के बावजूद विश्व मे प्रमुख स्थान के रूप में…

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अनुत्तरित प्रश्न

अनुत्तरित प्रश्न एक बार फिर… नहीं..नहीं.. इस बार आने दो मुझे। .. क्यों नहीं आने देती हो… मैं आना चाहता हूँ… नहीं वह सब नहीं होगा जिसका तुम्हें भय है… तुम बहुत अच्छी हो। .. वह भी बहुत समझदार है… देखा नहीं उसने अपनी जिम्मेदारियां कितनी खूबसूरती से निभाईं हैं… … माना उसका विश्वास उठ…

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द्विचाली

द्विचाली उठ जाग मुसाफिर भोर भयो अब रैन कहाँ जो सोवत है………खर्र खरर्र इसी गाने को गुनगुनाते हुए शिक्षिका सावित्री शीक के झाड़ू से झाड़ू लगा रही थी जहाँ उसके साथ संगत कर रहे थे शीक के झाड़ू की खरर्र खर्र चिड़ये चुनमुन की चहचहाहट और खेतों की ओर जाते गोधन की टनर् टनर् घंटी।…

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अयोध्या माहात्म्य: श्रीराम और अयोध्या

अयोध्या माहात्म्य: श्रीराम और अयोध्या उत्तर भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में फैजाबाद जिले में स्थित अयोध्या शहर, हिंदू भगवान राम के भक्तों के लिए एक तीर्थ स्थान है। अयोध्या राम का जन्मस्थान है जो एक मंदिर के निशान द्वारा चिन्हित है। दिसंबर 1992 तक जन्मस्थान पर एक मस्जिद था, जिसे 1940 के बाद से…

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Awakening

Awakening conscience which flows through the veins doesn’t allow forgetting about oneself despite this you sleep with the hard sleep of Jonas you don’t dump the world on the other side of your eyelids you remain motionless dying while alive Izabela Zubko Poetess, journalist and translator Warsaw, Poland translate by: Anna Meysztowicz 0

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मनिहारिन 

मनिहारिन    रंग बिरंगी चूड़ियां किसे सम्मोहित नहीं करती । चाहे छोटी सी बच्ची हो,चाहे नवयौवना हो या फिर वो वैधव्य की अवस्था हो जिसमें समाज के द्वारा चूड़ियां पहनना निषिद्ध होता है, किन्तु चूड़ियों का आकर्षण कम नहीं होता। उनकी छनछन से तो बड़े बड़े विश्वामित्र सरीखे पुरुषों का ध्यान भी भंग हो जाता…

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वह “गुलाब” तुम ही हो

वह “गुलाब” तुम ही हो मेरे मन को जो भाता है दुख में भी जो हंसाता है वह “गुलाब” तुम ही हो । दर्शन जिसके जब भी पाऊँ असीम सुखों में खो जाऊँ वह “गुलाब” तुम ही हो । होठों पे रहती मृदु हास स्पर्श में कोमलता का अहसास वह “गुलाब” तुम ही हो ।…

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एक निमंत्रण मानसून को

एक निमंत्रण मानसून को आसमान मे तक, श्याम बादलोँ को, दे दिया उन्हें नेह निमंत्रण। आ मानसून आ, बहा ले जा अपने साथ, पिशाचिनी कोरोना को। जिसने कितनी माँओं से उनके बच्चें छीने, और कितने बच्चों से छिना, उनके पिता का दुलार। जिसके कुचक्र में फँसकर कराह रही हेै आदमजात। आ मानसून आ, बहा ले…

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