सांझ जिंदगी की

सांझ जिंदगी की जिंदगी सतत परिवर्तनशील है। जन्म लेने से अंत तक, न जाने कितने अंजान रास्तों से चलते, फिसलते, ठोकरें खाते, संभलते हम निरंतर उस राह पर चलते रहते हैं, जिसकी मंजिल का हमें भी पता नहीं होता। जीवन की सांझ ढलने से पहले सोचा न था कि कभी ऐसा मोड़ आएगा, जो मुझे…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- तुलसी गौड़ा

पद्मश्री तुलसी गौड़ा    “मुझे खुशी है कि मैंने यह पुरस्कार जीता। मैंने कई अन्य पुरस्कार भी जीते हैं।इन सभी पुरस्कारों के बावजूद, पौधे मुझे सबसे ज्यादा खुशी देते हैं।” -यह भावाभिव्यक्ति जीवन के 77 वें वसंत में प्रवेश कर चुकीं कर्नाटक की आदिवासी महिला तुलसी गौड़ा की है, जिनका नाम अब दुनिया आदर से ले रही…

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दूसरी फूलो

दूसरी फूलो आज अचानक से फूलो का चेहरा मेरे सामने कौंध गया और फ्लैश बैक की तरह उसका जीवन परत-दर-परत खुलने लगा। उसका वास्तविक नाम फूलवंती था पर, उसके जीवन में सुगंध का कहीं नामों निशान तक नहीं था। बाल्यावस्था में ही उसने मां को खो दिया था । पिता शादी कर दूसरी मां ले…

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बेटी और बैल

बेटी और बैल बिहार के बेगुसराय में एक गरीब किसान ने अपनी बेटी को पढ़ाने के लिए अपने खेत और दो बैल बेच दिया- यह कल के राष्ट्रीय समाचार में था। उसे बाद उसके घर नेताओं की लाइन लग गयी, यह दिखने के लिए कि वो कितने सम्बद्ध हैं- उसकी गरीबी से और कितने प्रभावित…

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जाना है बहुत दूर

जाना है बहुत दूर आज उम्र के इस पड़ाव पर आकर अपने बारे में कुछ सोचने की कोशिश करती हो तो मेरा बचपन सबसे पहले मुझे याद आता है । मेरा जन्म कलकत्ता में हुआ था। मेरे माता पिता शिक्षित और बहुत संस्कारवान थे । परिवार में कोई चीज की कमी नहीं थी और हमें…

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एनीमिया एक ज्वलंत स्वास्थ्य समस्या

एनीमिया एक ज्वलंत स्वास्थ्य समस्या   एनीमिया शरीर में एक बीमारी की स्थिति है, जिसमें शरीर में लाल रक्त कणों की कमी हो जाती है इसे रक्ताल्पता या खून की कमी भी कहा जाता है । स्त्री का रक्त आयरन 11.6 से 15 gm / dl एक पुरूष का आयरन 13.2 से 16.6 gm/ dl…

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जीवनसाथी

जीवनसाथी (करवाचौथ पर जीवनसाथी को समर्पित) रिक्त स्थान के मध्यांतर का भराव हो तुम कभी सुनी है धड़कनों के बीच की एक गहराई सुनो वह मेरी गहरी आवाज़ हो तुम..!! अक्सर दिमाग में उठते है कई सवाल और उन सवालों के जवाब कभी नही मिलते सुनो एक गुमशुदा प्रतिउत्तर हो तुम …!! शांत बहते पानी…

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मूक बलिदान

मूक बलिदान अंग्रेज सेनापति जनरल ‘हे’ आश्चर्य से भर उठे। महल को भस्म कर देने का आदेश उनके होठों तक आकर रुक गया था। महल के बरामदे में एक अत्यंत सुंदर अल्पवयस्क बालिका खड़ी थी। मुखमंडल पर तेज और गाम्भीर्य। अब तक कहाँ थी यह ?पूरा महल तो छान मारा था। कहीं कोई नजर नहीं…

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वृंदावन की होली

वृंदावन की होली आज जो चली वृंदावन की टोली गीतों की मीठी सुरम्य बोली लगी थाप ढोल पर धमक-धम थिरक-थिरक रंगों की झोली हंसते-हंसते नज़रें झुकीं भोली। गगनांगन में मची धूम वृंदावन की मिट्टी राग रंगी लाल, पीली, नीली, काली धरा भूरी, यमुना काली गोवर्धन की काया हरी-भरी कदम्ब पेड़ हुआ भर-भर पीला उबटन और…

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