मास्टर साहब कहिन

मास्टर साहब कहिन किस्सा एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के मास्टर साहब की है।आज मास्टर साहब के घर पर अफरा-तफ़री का माहौल है।श्रीमती जी कपड़े प्रेस कर रही, सुपुत्र जूता पॉलिश कर रहा , स्वयं मास्टर साहब दाढ़ी बनाने में व्यस्त।कुल मिलाकर घर का माहौल बड़ा गर्म था।कोई और दिन होता तो बिना प्रेस कपड़ा, बिना…

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काली मुन्नी

काली मुन्नी ”बड़ी भूख लगी है बुआ।आज मम्मी कहाँ हैं ? ” ”मम्मी अस्पताल में हैं।आपके एक और बहिनिया हुई है। ” बुआ के स्वर में व्यंग्य था, आँखों में उपहास।चाची की शह पाकर वह हंसी उड़ाने लगीं।ठीक वैसे ही जैसे लूडो के खेल में उसे हराने के बाद वह हँसती थीं। ”और अम्माजी ?…

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शब्द सुमन : राष्ट्रकवि के चरणों में

शब्द सुमन : राष्ट्रकवि के चरणों में “मुझे क्या गर्व हो ,अपनी विभा का, चिता का धूलिकण हूँ, क्षार हूँ मैं। पता मेरा तुझे मिट्टी कहेगी, समा जिसमें चुका सौ बार हूँ मैं।” कौन है ऐसा स्वपरिचय देता हुआ? अरे वह तो ,सरस्वती का वरद पुत्र, रामधारी सिंह ‘दिनकर’ नाम जिसका हुआ। ‘राम’ को धारण…

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महात्मा गांधी का जीवन विश्व कल्याण के लिए

महात्मा गांधी का जीवन विश्व कल्याण के लिए गांधीजी की कार्य शैली और साधना वसुधैव कुटुंबकम के सिद्धांत पर आधारित रही । गांधी जी के समन्वयवादी सिद्धांत मनुमष्य के विवेक की धुरी हैं । सत्याग्रह और अहिंसा पर आधारित गांधी जी की विचारधारा और कार्यशैली संपूर्ण विश्व के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है ।…

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वर्ल्ड हेल्थ डे

विश्व स्वास्थ्य दिवस (वर्ल्ड हेल्थ डे) विश्व स्वास्थ्य दिवस हर वर्ष ७ अप्रैल को मनाया जाता है। इसे मनाने की शुरूआत विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के द्वारा १९५० में की गई थी। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य है, सभी को स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक करना। पिछले कई वर्षों से…

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सुन लें

सुन लें आज ‘ऑटिज्म डे ‘है।यह भयंकर बीमारी है।सजग नहीं होने पर विकराल रूप ले लेता है।यह मानसिक रोग है।इससे ग्रसित बच्चे का मानसिक विकार के कारण विकास रूक जाता है। सामान्य बच्चों की अपेक्षा इन बच्चों का विकास बहुत धीमे गति से होता है। ऑटिज्म के बहुत कारण होते हैं।गर्भ काल में माँ की…

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हिन्दी हमारा मान है

हिन्दी हमारा मान है शीघ्र ही हिन्दी बनेगी, अब हमारी राष्ट्र-भाषा। हो यही विश्वास मन में, हम तनिक छोड़ें न आशा।। एक दिन यह बात सचमुच, सत्य होकर ही रहेगी। हिंद की भाषा किसी दिन, विश्व की भाषा बनेगी।। मान हिन्दी का रखेंगे, शान कम होने न देंगे। अन्य भाषा-भाव को भी, हम उचित सम्मान…

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देश की शान तिरंगा।

देश की शान तिरंगा। लहराये उतुंग शिखर पर देश की शान तिरंगा हमारा।। विश्व पटल पर विजयी है दे शांति का संदेशा प्यारा।। हम स्वतंत्रता के रंग में डूबे कश्मीर से कन्याकुमारी।। धर्म है सबकी मानवता एक राष्ट्र,एक नीति हमारी।। राष्ट्रभाक्ति है सबसे बढ़कर प्रेम से रहते हमसब मिलकर।। बलिदान हुए जो देश के लिए…

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मुक्तिधन

मुक्तिधन प्रेमचंद की हर कहानी अपने आप में बेजोड़ है। कोई न कोई सामाजिक संदेश उसमें छिपा ही होता है। लेकिन पिछले बरस भिन्न-भिन्न समुदाय के लोगों के गौमांस खाने संबंधी स्वीकारोक्तियों पर हिंदुस्तान जितना उबलता जाता था, मुंशी प्रेमचंद की लिखी ‘मुक्तिधन’ कहानी मेरे दिल को उतना ही ज्यादा याद आती गई । इस…

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मेरी भूलों को कर दो माफ

मेरी भूलों को कर दो माफ तुम्हारे प्रेम में आकंठ डूबी थी मैं , कभी किसी बात पर रुठी न थी मैं, तुमने मेरे पंख काट कर सहेज दिये थे , बिना पंखों के भी खुश थी मैं तुमने कहा था कि पहले तुम गगन छू लोगे , अपने सपने पूरे कर लोगे , मैंने…

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