पिता के नाम पत्र

पिता के नाम पत्र पूज्य पापा, सादर प्रणाम सबसे पहले आपको मैं पितृदिवस की हार्दिक शुभकामनायें देते हुये ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करती हूँ ।सुबह सबेरे जब हमने आपसे फोन पर बात की थी तब आपको उन खतों की याद दिलाई थी जो हमनें आपको लिखे थे बहुत लम्बे लम्बे खर्रों के…

Read More

सौम चन्द्रिका

सौम चन्द्रिका गरल गरल हुआ वदन सुधाविहीन सिंधु मन। जल रहा नयन नयन धुआं धुआं धरा गगन।। स्वार्थ छद्म से यहाँ चिनी गई इमारतें मूक प्राणियों के कत्ल से सजी इबादतें नाम पर विकास के हरा भरा भी कट रहा वक्ष भूमि का लहूलुहान जैसे फट रहा कर्णभेदती बिगाड़ती रही ध्वनि: पवन मूल से उखड़…

Read More

नर्तक

नर्तक वह मस्त होकर नाच रहा था। वह नटुआ नाच का अभ्यस्त लगता था. उसने हरे रंग की काँछ दार धोती और सिर पर पगड़ी पहनी थी जिसमें हरे तोते के पंख खोंसे गए थे। उसके शरीर का ऊपरी भाग नंगा था, लेकिन रंग बिरंगी मोतियों की माला और फूलों की माला से वह कुछ…

Read More

तड़प

तड़प यादों की धूप में बैठी अंजली का मन साइबेरिया के पंछी की तरह इस शहर से उस शहर उड़ रहा है । अपनी बालकनी से ही न जाने कहाँ कहाँ की सैर कर रही है ।आज उसका मन फिर से विचलित हो रहा था। उसे आज राज की यादें आ रही थी । गाँव…

Read More

हिन्दी 

हिन्दी  बचपन मे तुतलाकर बोली,वो मधुर से बोल हिन्दी अम्मा ने ‘माँ’ ‘माँ’ सिखलाया,प्यार का रस धोल हिन्दी दिल से आंँगन तक बहती नद,प्रीत की वह जीत हिन्दी उत्तुंग हिम शिख की ऊंचाई,धवल मणिकांत सी हिन्दी हिन्द महासागर गहराई,रत्न जो निपजाय हिन्दी। इसमेंअमृत सी मिठास है,सूरज की उजास हिन्दी ‘भारतेंदू’ ‘प्रेम’ महावीर’,ने भरे भंडार हिंदी।…

Read More

आओ करें हम जल का दान

आओ करें हम जल का दान मूख से मरे ना कोई बिन भोजन तरसे ना कोई कृषको का श्वेत रक्त थोड़ा अल्प बहे बंजर बसुंधरा की प्यास बुझानेको आओ करें हम जल का दान!! निमुह नीरीह पशुओं और गैया को खग चीं चीं कुहु गौरैया को शस्य श्यामला धरती मैया को आओ करें हम जल…

Read More

अनाथालय

अनाथालय   ये क्या है! मीटिंग में भी कोई – कोई आता है। लेटर में तो लिखा रहता है कि सबको अटेंड करना अनिवार्य है। लिखने – पढ़ने का कोई अर्थ नहीं है। बारह स्कूल से ग्यारह मुंडी। कम से कम पैंतीस – चालीस जन होंगे। हर बार यही होता है। अभी पाण्डेय जी कहेंगे…

Read More

सुधा मूर्ति

सुधा मूर्ति बीते 75 सालों में हमने हर वर्ष देश की आज़ादी का जश्न मनाया है और हम उन सभी वीर-वीरांगनाओं को याद करते रहे हैं, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उन सभी पुण्यात्माओं को मेरा नमन। आज कुछ अलग करते हुए हमें उन लोगों को भी याद करना…

Read More