हमारी सांस्कृतिक ‌भूमि अयोध्या नगरी 

हमारी सांस्कृतिक ‌भूमि अयोध्या नगरी  परमपुज्य‌ अनंतश्री‌ विभूषित योगी सम्राट श्री श्री‌ १०००८. श्री‌ देवरहा बाबा ‌जी महाराज ‌ने वर्षों ‌पूर्व प्रयाग‌राज‌‌ के कुंभ के‌ मेले‌ मे‌ संतो‌ ,राजनितिज्ञों और‌ आम‌ जनता की जिज्ञासा एवं प्रार्थना को स्वीकार करते हुए ये सांत्वना ‌दी थी कि‌,,,”अयोध्या ‌मे‌ं राम‌जन्मभूमि पर‌‌ मंदिर का‌ निर्माण अवश्य ‌होगा‌। जन जन…

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अयोध्या – ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत

अयोध्या – ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत मानव सभ्यता के विकास के साथ साथ जीवन पद्धति में भी अनेक परिवर्तन आते रहे। पाषाण युग से वर्तमान आधुनिक कही जाने वाली इक्कीसवीं सदी तक मनुष्य ने अपने खान पान, आचार विचार, रहन सहन, वेशभूषा में भी बहुत बदलाव किए हैं। जिस नदी के जल से उसकी तृषा…

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प्लास्टिक के फुल

प्लास्टिक के फुल शिखा की आज क्लास नहीं थी। लेकिन तब भी वह आज कॉलेज आई थी। स्टाफरूम में अपना बैग रखकर वह बैठ गई थी। ये ऑल गर्ल्स कॉलेज’ है और ज्यादातर प्राध्यापिकाएँ महिला ही हैं। इकक्‍्का-दुक्का ऑफिस स्टाफ, कम्प्यूटर डाटा विशेषज्ञ और अर्थशाक्त्र के प्रोफेसर डॉ. भगत को छोडकर। जब उसने कॉलेज ज्वाइन…

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अयोध्या माहात्म्य: श्रीराम और अयोध्या

अयोध्या माहात्म्य: श्रीराम और अयोध्या उत्तर भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में फैजाबाद जिले में स्थित अयोध्या शहर, हिंदू भगवान राम के भक्तों के लिए एक तीर्थ स्थान है। अयोध्या राम का जन्मस्थान है जो एक मंदिर के निशान द्वारा चिन्हित है। दिसंबर 1992 तक जन्मस्थान पर एक मस्जिद था, जिसे 1940 के बाद से…

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सौभाग्यवती रहूँ

अमर ज्योति मैं कहां जाऊंगी मैं तो आती रहूंगी यूहीं सांसे टूटने तक अपनी गुनगुनाती रहूंगी यूहीं!! जब भी डूबने को होगा सांझ का ये सूरज, जुगनू बन आंगन में तेरे टिमटिमाती रहूंगी यूहीं… मोल नहीं मांगूंगी कभी अपनी मोहब्बत का, हक अदा करूंगी सदा अपनी इस उल्फत का, बेमोल अपने प्यार को लुटाती रहूंगी…

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बड़े शहर का छोटा सा गांव

बड़े शहर का छोटा सा गांव नई दिल्ली में छोटा सा गांव क़ुतुब मीनार से मात्र कुछ मिनट की दूरी पर। कीकर के पेड़ मीलों तक, साथ में चारों ओर हरियाली।सड़के भी २० बरस पहले निकली ,चारो ओर से घनी हरियाली में फैला हुआ।जहां आबादी संभ्रांत परिवार जाटों की ,अपने में मस्त होकर जीने वालों…

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मुंशी प्रेमचंद

मुंशी प्रेमचंद महान साहित्यकार युग दृष्टा, कालजई कथाकार मुंशी प्रेमचंद जी की जयंती पर हार्दिक नमन। मुंशी प्रेमचंद जी की कहानियां आज भी प्रसांगिक है। प्रेमचंद जी सर्वांगीण संपूर्णता के कुशल कथाकार कहे जाते हैं। प्रेमचंद जी कई भाषाओं के ज्ञाता भी थे उन्होंने पहले उर्दू में लिखा फिर हिंदी में लिखने लगे उन्होंने बहुत…

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न्याय

न्याय शहर के पॉश इलाके में पौश, बड़ी सी कोठी, गेट पर खड़े चौकीदार, घर में नौकर- चाकर शान- शौकत, फूलो से सजा हुआ बगीचा,रईसी में किसी चीज की कमी नहीं, हो भी क्यों ना। यहां के ‘डीएम’ का जो घर है। कहने की जरूरत नहीं दरवाजे पर बड़ा सा नेम प्लेट लगा था। सुनहरे…

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देश अपना

देश अपना देश हो चाहे जैसा भी, अपना देश होता है अपना l बहुतों जाते विदेश आजकल, ले आँखों में समृद्धि का सपना l है अवश्य पूर्ण अधिकार उनको, करने का अपने भाग्य की रचना l परन्तु, देश हो चाहे जैसा भी, अपना देश होता है अपना l हजारों अपने स्वार्थ के लिए, करते स्वीकार…

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