“नारी तुम”

“नारी तुम” हम नारी हैं, एक शक्ति हैं, इस गौरवशाली देश के, सदियों से देश का गौरव हैं, सदैव सर्वोच्च धरोहर हैं, इस जीवन को व्यर्थ न करो, नारी जीवन को सार्थक करो, हिम्मत को अपना साथी बनाकर, हर मंजिल को फतह करो, उठो लड़ो और आगे बढ़ो, हर संकट का हरण करो, नारी हैं…

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संवेदनशील कलम की धनी-टोनी मोरिसन

  संवेदनशील कलम की धनी-टोनी मोरिसन टोनी मोरिसन एक प्रख्यात अमेरिकी कवयित्री, नाटककार, और उपन्यासकार थीं। मॉरिसन ने अफ्रीकी अमरीकी जीवन को गहराई से जिया और उनमें से कहानियाँ गढ़ कर लोगों के सामने रखा। उनका लेखन मनोरम, काव्यमय गद्य का बेहतरीन उदाहरण है। यूँ तो सुरुचिपूर्ण लेखन में उनका परम विश्वास था, परन्तु जो…

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सौत

सौत प्रेमचंद जी ने अपने लेखन में शायद ही किसी मानवीय सम्बन्धों के आयाम पर अपनी कलम चलाने से खुद को अलग रखा हो |किसी भी रिश्ते की गहराई तक पहुँच जाना उनके लेखन को ऊंचाइयों तक ले जाता है |भारतीय समाज का ढांचा आपसी संवेदना के कारण टिका रहता है जो भारतीय समाज का…

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कलियों को सुरभित होने दो

कलियों को सुरभित होने दो बीत गए पचहत्तर वर्ष देश को आजाद हुए, आ गया आजादी का अमृत महोत्सव काल। पर क्या सच में आजाद हुई आधी आबादी, क्या उसका भी चल रहा है स्वर्णिम काल? किया विचार किसी ने इस पर भी कभी? क्या सच में उन्नत हो रहीं नारी सभी अभी? आए दिन…

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कोरोना और मेडिकल साइंस

कोरोना और मेडिकल साइंस वर्तमान समय में विश्व भर को कोरोना महामारी ने विभिन्न तरह से ग्रसित किया है, और कर रहा है। इसके द्वारा लाखों संख्या में संक्रमण और मानव जीवन का ह्रास हो रहा है, और मानव से मानव का हर तरफ भय के वातावरण ने सबको विचलित कर रख दिया है। इस…

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एमेनोरिया

कई बार पीरियड्स आने अचानक बंद हो जाते हैं । इसे हल्के में ना लें। यह रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स या हार्मोन्स से जुड़ी समस्या हो सकती है। किसी युवती के पीरियड्स आने अचानक बंद हो जाएं और यह स्थिति 6 महीने तक बनी रहे, तो इसे डॉक्टरी भाषा में एमेनोरिया कहते हैं। जमशेदपुर की सीनियर कंसलटेंट…

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“पसरते शहर ……….….. सिकुड़ते लोग” !!

  “पसरते शहर ……….….. सिकुड़ते लोग” !! सुविधाएं जब सनक और रुतबे का रुप ले लेती है, तो दबे पांव जिंदगी में घुन लगना शुरू हो जाता है। कभी शहर का मतलब सुख-सुविधाओं और बेहतर जीवन रहा होगा, पर आज शहरों की हालत देखते हुए ऐसा बिल्कुल नहीं नजर आता। अब हर कोई शहरों की…

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औरत ने जन्म दिया मर्दों को

“औरत ने जन्म दिया मर्दों को, मर्दों ने उसे बाज़ार दिया… जिस कोख से उसने जन्म लिया उस कोख का कारोबार किया!!” साहिर लुधियानवी की चुभती पंक्तियाँ, मुज़फ़्फ़रपुर कांड को भली भाँति दर्शाती है!..आज के परिवेश में देश में महिलाओं की स्थिति अच्छी नहीं कही जा सकती है…महिलाओं का शोषण दिनों दिन बढता जा रहा…

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