रानी की गुड़िया

रानी की गुड़िया “अम्मा मेरी गुड़िया गिर गई । अम्मा ट्रक रुकवाओ ना ।” नन्ही रानी बिलखती रही पर ट्रक चल चुका था । लॉक डाउन में पाँच दिन तक रानी अपनी अम्मा के कंधे पर बैठकर जयपुर से आगरा पहुंची थी। जब अम्मा थक जाती तो उसे पहिए वाले सूटकेस पर बिठा देती और…

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शिक्षा

शिक्षा विधिवत शिक्षा दे रहे , भाव हीन, नित ज्ञान । न संस्कार पोषित रहे, नहीं लेत संज्ञान । क्या होगा इस ज्ञान का, कहते प्रमाण पत्र । कोई नौकरी न मिलें, घूमो तुम सर्वत्र ।। अब शिक्षा के नाम पर, होता है व्यवसाय । शिक्षा रही न दान अब , कैसे जग समझाय ।…

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रामोतार की फोटो

रामोतार की फोटो “लो आ गए बड़के भैया की मोटर… राम- राम बड़के भैया! राम-राम चाची ! बड़ी दीदी राम-राम !” धारीदार पाटरे का पैजामा, फुल शर्ट को बाहों में लपेटे ,कंधे पर लाल रंग का अंगौछा डालें वह लगभग चार फुट पांच इंच का, रंग पक्का यह अदना सा व्यक्तित्व सबका अभिवादन कर रहा…

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कोरोना कोंस्पिरेसी

कोरोना कोंस्पिरेसी किसी बात को ठीक से समझने के लिए उसकी पृष्ठभूमि को समझना आवश्यक होता है | चीन से शुरू हुई इस वैश्विक महामारी को समझने के लिए भी उसकी पृष्ठभूमि जानना जरूरी है कि वह कब कैसे और किन परिस्थितियों में शुरू हुई | नवम्बर दिसम्बर 2019 में दो महत्वपूर्ण खबरें थी जिसे…

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Christmas

Christmas I dream of crucifixes tonight. And each one is painfully inspired. And Bread of Joy rises at dough bowls. The time has come for the Limit. The stars are coming down in a golden halo. And the mystery embraces us from above. The past was once. And today heavenly bread sends us The Throne….

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हमारी मातृ भाषा हिंदी

हमारी मातृ भाषा हिंदी हिन्दी हमारी मातृभाषा सरल ,सुन्दर और प्रभावशाली। समृद्ध भी है, साहित्य अपार है। फिर भी उपेक्षित, निम्न, और कंगाल है।अपने बच्चों द्वारा ही तिरस्कार है। अभिवादन, प्रशंसा, धन्यवाद सभी पर, विदेशी का अधिकार है। धीरे-धीरे घरों मैं बढ़ रहा इसका व्यवहार है। लिखित कथन अंग्रेजी वर्णमाला पर निसार है। यही प्रगति…

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ऑटिज्म

ऑटिज्म यह एक तरह का मानसिक रोग है। इस रोग के लक्षण बचपन में ही दिखाई देने लगते हैं। जन्म से लेकर 3 साल की आयु तक विकसित होने वाला ऐसा रोग है, जिससे बच्चे का मानसिक विकास रुक जाता है। ऐसे बच्चों का दिमागी विकास सामान्य बच्चे की तुलना में बहुत ही धीमी गति…

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पीपल का पेड़

पीपल का पेड़ पीपल का पेड़, टीलेके उस पार खड़ा , वह पीपल का पेड़, जिसकी पत्तियां सुबह की रोशनी में, पारे सी झिलमिलाती हैं, नितांत अपना सा लगता है, जिसके सूखे, लरजते पत्तों में, नजाने कितनी यादें छिपी हैं, यह पेड़ हमारी आस्था व् विश्वास का प्रतीक ही नहीं, किसी बूढ़े, ज्ञानी, तपस्वी सा…

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सोपान

सोपान  ऑफिस के एक बड़े से हॉल में गोविंद नारायण जी के सेवानिवृत्ति उपरांत विदाई समारोह का आयोजन किया गया था। वह आयुक्त के पद पर कार्यरत थे।साथ में उनकी धर्मपत्नी मालती जी भी आमंत्रित थी । गोविन्द जी अपने सेवाकाल में बेहद ईमानदार एवं कर्मठ ऑफिसर रहे थे । वे अपने से छोटे कर्मचारियों…

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