भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- सुभाषचंद्र बोस

स्वतंत्रता संग्राम के अविस्मरणीय योद्धा :नेताजी सुभाष चंद्र बोस जब हम आजादी की लड़ाई के माध्यम से स्वतंत्र भारत का सपना देख रहे थे, उस समय हमारे बीच एक ऐसा शख्स था , जो स्वयं में पूर्णतः आश्वस्त था कि आजादी तो हमें मिलेगी। उसके लिए हर्जाना भी भुगतना पड़ेगा । लेकिन आजादी को मिलने…

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Be positive …The Gita

Be positive …The Gita Many pandemics have come and gone wreaking havoc on humanity. It is the choices we as civilizations have made that has brought on these calamities on ourselves. From 1918, the influenza type pandemics started. Remember the H1N1 pandemic in 1918 followed by years of pandemics in 1957,1968, 1977 the Spanish flue,…

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कोविड-19 और विश्व

कोविड-19 और विश्व साल 2020 नववर्ष की शुरुआत मंगल कामना एवं बधाइयों के साथ साथ कोरोना वाइरस की सूचनाओं से हुई । अंतर्राष्ट्रीय समाचारों में देश दुनिया की खबरों में कोरोना संक्रमण की सूचनाएं आने लगी ।चीन से कुछ ऐसे विडियो प्रसारित हुए जिसमें लोग खड़े- खड़े गिर रहे थे। खबरों का बाजार गर्म होने…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- नरेंद्र मोदी

  नरेन्द्र दामोदरदास मोदी युग –  प्रवर्तक और नव राष्ट्रचेतना के संवाहक    नरेन्द्र मोदी का नाम लेते ही मानस पटल पर स्पष्ट काल विभाजन उभर आता है – एक सन २०१४ के पहले का भारत और दूसरा सन २०१४ के बाद का भारत। यह ठीक वैसा ही है जैसे कि मोहनदास करमचंद गाँधी का…

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सकारात्मक मानसिकता

सकारात्मक मानसिकता देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।कितने लोगों की कुर्बानी से हमें स्वतंत्रता मिली है ।आज उन शहीदों को कोटि कोटि नमन।इस स्वाधीनता का दुरुपयोग किसी को नहीं करना चाहिए। आज हमारा देश बहुत तरक्की कर रहा है, प्रत्येक क्षेत्र में ही।एक ओर जहाँ हम चाँद पर पहुंच कर विकास के…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- सिंधुताई सपकाल

सिंधुताई सपकाल – अनाथों की मॉं  “लकीर की फकीर हूँ मै, उसका कोई गम नही, नही धन तो क्या हुआ, इज्जत तो मेरी कम नही!” यह कहने वाली हम सबकी माई सिंधुताई सपकाल जो कि 1400 बच्‍चों की मॉं है जिसके परिवार में  250 दामाद, 50 बहुएं और 250 गाएं हैं, उन्‍होंने अंधेरे में डूबती…

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क्यों हिंदी

क्यों हिंदी क्यों भाषा सुंदर भाती नही कतराते हैं सोचने की बात पले हैं बोल हिंदी है कुष्ट संकीर्ण मानसिक विचार दिखे क्यों होये सोचे करे सम्मान हिंदी हो घर शिक्षा हो मान उपयोग सोच विचार देवनागरी है मीठी भाषा है हिंदी है हिंदी सदियों मनोहर सदियों से नकल करें लोग गर्व करें हिंदी छोड़…

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कफ़न

कफ़न घीसू और माधव दो पात्र हैं। घीसू पिता है माधव पुत्र है। बुधिया माधव की पत्नी है जिसकी मृत्यु हो चुकी है। घीसू और माधव गांव से पैसे इकठ्ठे करके शहर में कफ़न और अंत्येष्टि का सामान खरीदने जाते हैं लेकिन उस पैसे से शराब और चिकन खा लेते हैं। उन्होंने उम्र भर भूख…

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यू आर माय वैलेंटाइन

यू आर माय वैलेंटाइन मैं और तुम दो अलग अलग चेहरे दिल शरीर जान आत्मा व्यक्तित्व परिवार दोस्त वातावरण फिर भी हम ऐसे एक दूसरे मे यूं समाहित हुए मेरा सब कुछ हुआ तेरा तेरा सब कुछ हुआ मेरा तेरा मान सम्मान स्वभिमान सुख दुःख सफलता धन सम्पत्ति परिवार जिम्मेदारी हुई मेरी और मेरी हुई…

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