सर्दी में जरूरी है नियमित व्यायाम

सर्दी में जरूरी है नियमित व्यायाम सर्दियों में एक्टिव रहना कठिन हो सकता है।आरामदायक कंबल और आलस हमें अपने बिस्तर पर रहने का लालच देता है। यह वह समय भी है जब हम आलसी और ऊर्जा की कमी महसूस करते हैं। हालांकि, अगर आप सुस्ती से जूझ रहे हैं और ठंड के मौसम में तरोताजा…

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हिंदी है भारत की कला व संस्कृति की पहचान

हिंदी है भारत की कला व संस्कृति की पहचान विश्व करे इसका सम्मान । संस्कृत की बेटी हिंदीभाषियों की है शान। भारतीय कला व संस्कृति की यही है पहचान । तभी तो भारतेंदु ने लिखा था। – निज भाषा उन्नति अहै सब उन्नति कौमूल, बिनु निज भाषा ज्ञान के मिटै न हिय कौ सूल ।…

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माँ

माँ मैंने कितना ही उसका दिल तोड़ा फिर भी वह मुझे दिल का टुकड़ा कहती रही मैंने कितना भी उसे बुरा भला कहा फिर भी वह मुझे सूरज चंदा कहती रही मैंने कितना ही उसे सताया फिर भी वह मेरी राहों के कंकड़-कांटे चुनती रही क्योंकि वह मां थी शक्ति भर उसने हर विपदा से…

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ऑनलाइन खाना

    ऑनलाइन खाना पिताजी के इस दुनिया से जाने के बाद माँ का आना-जाना लगा ही रहता था। प्रिया उनकी इकलौती संतान थी,पिताजी के जाने के बाद माँ एकदम अकेली पड़ गई थी।घर का कोना-कोना पिता जी के साथ बिताए मधुर पल की याद दिलाता रहता,जब माँ घर के अकेलेपन से डरने लगती तो…

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सिनेमा में होली उत्सवप्रियता का प्रतीक

सिनेमा में होली उत्सवप्रियता का प्रतीक कालिदास के अनुसार मनुष्य मात्र उत्सवप्रिय होता है। उन्होंने शताब्दियों पूर्व कहा था, ‘उत्सवप्रिया: हि मानवा:’। अधिकाँश उत्सव कृषि से जुड़े हैं। जब फ़सल लहलहा रही होती है, फ़सल कट कर आती है तो किसान अपनी मेहनत का फ़ल देख कर झूम उठता है, खुशी से नाचने-गाने लगता है।…

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Deteriorating Situation In Sri Lanka

Deteriorating Situation In Sri Lanka It’s the unfortunate period of political and acute economic crisis in some countries of Indian Sub- continent. Afghanistan reverted to Taliban rule from 15th August 2021 but after so many months common man is struggling for fulfilling his basic needs and children too are suffering on nutrition front.Women in general…

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कैसे रहा जाएं बी पॉजिटिव

कैसे रहा जाएं बी पॉजिटिव व्यथित मन परमात्मा की क्रूर करनी के आगे लाचार हूं,आहत हूं और उसकी निष्ठुरता से बेहद नाराज भी हूँ कि ऐसा क्यों किया। रोज इतने जनों को एक-एक कर जाते हुए देख कर, सुन कर मन मे न चाहते हुए भी निराशा आ ही जाती थी,पर थोड़ी देर बाद सोचती…

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माँ तेरे सोच जैसा

“माँ तेरे सोच जैसा….” मेरे सारे सपनों को , अपना ही मानकर मेरी परेशानियों में , हाथ मेरा थामकर मुझमें वह एक अटूट विश्वास भरती थी बस , हर वक़्त एक चमत्कार करती थी कब सोती, कब वह जगती , रब ही जाने पर , मिन्नतें दुआयें , वह हजार करती थी अपनी आंखों में…

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कवि,कविता और कोरोना

कवि, कविता और कोरोना सच ही कहा गया है कि ‘जहाँ न पहुँचे रवि वहाँ पहुचे कवि’ । आज कोरोना नामक महामारी वैश्विक स्तर पर फैल चुकी है । अमेरिका जैसी दुनिया की बड़ी-बड़ी महाशक्तियों ने इसके सामने घुटने टेक दिये हैं । ऐसी संकट की घड़ी में हमारे देश के हिन्दी, संस्कृत, उर्दू कलमकारों…

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I Am Woman

“I Am Woman” Here I stand whole and complete in majestic beauty with Grace and Mercy about my loins and feet! I am gentle as a breeze blowing through the trees; A pillar of strength in times of difficulty and adversity! A well of emotions and passions are suckled from my breasts while the tears…

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