The Storm and the Boat

The Storm and the Boat हम लाये हैं तूफ़ान से किश्ती निकाल के , (We have navigated the ship from a fierce storm,) इस देश को रखना मेरे बच्चों संभाल के | (Keep this country safe, my dear children.) तुम ही भविष्य हो मेरे भारत विशाल के , (You alone are the future of my…

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शजर

शजर इक पिता सा छाँव करता था शजर कमनिगाही भी वो सहता था शजर । (शजर:वृक्ष कमनिगाही : उपेक्षा) ख़ुद की तो उसने कभी परवाह न की, दूसरों के सुख से सजता था शजर । उसकी बाहों में तसल्ली पाते थे, आसरा पंछी का बनता था शजर । नाच उठता था हवा की ताल पे,…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की-भगत सिंह

शहीद भगत सिंह “गुलामी की तोड़ने जंजीर फैला रहे पंछी अब पंख हुकुमरान सजग हो जाओ बजा रहे विश्व भारती अब विजय शंख” -वंदना खुराना इन पंक्तियों से मैं चित्रण करती हूँ उस दौर का, जब हमारे वीर क्रांतिकारियों ने माँ भारती को अंग्रेजी शासनकालों से मुक्त कराया होगा। कुछ इसी तरह का विजय घोष…

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पटना विमेंस कॉलेज और मेरा क्रिकेट का खेल

पटना विमेंस कॉलेज और मेरा क्रिकेट का खेल साल १९७६: मैट्रिकुलेशन के रिजल्ट आ गए थे . मार्क्स बहुत अच्छे थे और लगता था पटना साइंस कॉलेज में एडमिशन हो जायेगा . घर में इसकी चर्चा थी. घर में लोग मुझे डॉक्टर का करियर चुनने की सलाह दे रहे थे.पहले से भी मेरे अपने चाचा…

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भूदान आंदोलन के प्रणेता – आचार्य विनोबा भावे

भूदान आंदोलन के प्रणेता – आचार्य विनोबा भावे भारत में भूदान तथा सर्वोदय आन्दोलनों के लिए सुपरिचित सन्त विनोबा भावे भगवद गीता से प्रेरित जनसरोकार वाले नेता थें। वे महात्मा गाँधी से बहुत प्रभावित थे तथा गाँधीजी के साथ उन्होंने देश के स्वाधीनता संग्राम में बढ़ चढ़कर भाग लिया था। सन्त स्वभाव के बावजूद उनमें…

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होली जोगीरा

होली जोगीरा आयो है मधुमास, छायो है प्रभास, सुरभित है उपवन, अली करे रसपान, बजाकर बांसुरी सी तान, मैं कैसो करूं बखान, जोगीरा सा रा रा रा…. जोगीरा सा रा रा रा…. पधारे ब्रज में अनंग, देखन को रास रंग, गोपीयन के अंग, थिरकत हैं श्याम संग, हर्षित वृंदावन धाम, मैं कैसो करूं बखान, जोगीरा…

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एक खत मेरे डैडी के नाम

एक खत मेरे डैडी के नाम लोग कह रहें हैं आज पिता दिवस है आज बेशक आप हमारे बीच शारीरिक रूप से नहीं आप तना बन कर रहे मेरे जीवन वृक्ष का वो सुबह पार्क से चमेली के फूलों को तोड कर लाना और मेरे सिराहाने रख उनकी खुशबू मुझे जागने पर मजबूर कर देना…

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नई शिक्षा नीति :एक चिरप्रतीक्षित अनिवार्य कदम

नई शिक्षा नीति :एक चिरप्रतीक्षित अनिवार्य कदम भारत ऋषियों – मुनियों, योग,ध्यान और प्राणायाम की धरती रही है। सदियों पहले से यहां पृथ्वी के अध्ययन वाले विषय को ‘भूगोल’ और जिसकी गति हो उसे, ज+गत=’जगत’ कहा गया। अपनी इसी सभ्यता और समृद्धि के कारण, भारत हमेशा से ही विदेशी आक्रमणों का शिकार और दुश्मनों के…

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