करिआ फुआ

करिआ फुआ माँ, आज करिया फुआ नहीं आई ? मैं शहर से उनके लिए उनके मनपसंद रंग की साड़ी लाया हूँ । सुमित मैं तुम्हें बताना भूल गई थी वह पिछले दो हफ्ते से घर पर नहीं आ रही है बहुत बीमार है। ठीक है, मैं उनके घर जाकर ही उनसे मिल कर आता हूँ।…

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‘सावन के झूले पड़े, तुम चले आओ’

‘सावन के झूले पड़े, तुम चले आओ’ सावन के मौसम में बड़े पैमाने पर वर्षा होती है जिसे मानसून कहा जाता है. “मानसून में तीन अलग-अलग कारक शामिल होते हैं – हवा, जमीन और समुद्र। मानसून का वर्णन प्राचीन काल से ही होता आ रहा है। ऋग्वेद और सिलप्पाधीकरम, गाथासप्तशती , अर्थशास्त्र, मेघदूत, हर्षचरित्र जैसे…

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‘आनंदी’ : मेरी प्रिय चरित्र

‘आनंदी’ : मेरी प्रिय चरित्र ‘कथा सम्राट’ मुंशी प्रेमचंद जयंती के अवसर पर, ‘गृहस्वामिनी’ पत्रिका के तत्वावधान में आयोजित आलेख एवं कथा प्रतियोगिता के अंतर्गत आलेख का विषय, “आपको प्रेमचंद की कौन सी कहानी सबसे अधिक पसंद है और क्यों?” पढते ही उम्र के इस पड़ाव पर भी मेरे जेहन में जो नाम आया वह…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की-विश्वनाथ प्रताप सिंह

विश्वनाथ प्रताप सिंह विश्वनाथ प्रताप सिंह जी का जन्म इलाहाबाद के जमींदार परिवार में 25 जून 1931 को हुआ था। आपके असली पिता का नाम राजा भगवती प्रसाद सिंह था। मांडा के राजा बहादुर राय गोपाल सिंह निःसंतान होने के कारण उन्होंने 1936 में 5 वर्ष की आयु में आपको गोद ले लिया था। 1941…

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सौभाग्यवती रहूँ सदा

सौभाग्यवती रहूं सद तेरे प्रेम के सिंदूर से मेरा जीवन हो सप्तरंग तेरे स्नेह की बिंदिया से फिले रहे मेरा मुख तेरे विश्वास की चुडिय़ां से खनकती रहे मन तेरा मंगल होना ही मेरा मंगलसूत्र रहे तेरी खुशियों ही मेरे पायल की छुनछुन रहे तेरी सफलता की खुशी से ओठ सुर्ख लाल रहे तुझे न…

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फागुन

                                                     फागुन                          माघ बीता फागुन आया, लाया रंगों की बौछार,  होली में…….                         कजरारे नैनों की भाषा,  कुंदन बदन की अभिलाषा,                           है वह निपट गंवार अनाड़ी, जो न समझे होली में…….                                कैरी टपकी, कोयल कूकी, टेसू दहका, भौंरा बहका,                            कनकनी दूर हुई,  पानी पर आया प्यार होली में…….                            छ्र्रर्र्र पिचकारी बरसे,  उड़े अबीर गुलाल के…

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हम सब एक चमन के फूल

हम सब एक चमन के फूल साक्षी है इतिहास हमारा गए नहीं हम भूल, हम सब एक चमन के फूल हम सब एक चमन के फूल। हम हैं हिंदू,हम हैं मुस्लिम,हम हैं सिख ईसाई, जाति धर्म के झूठे झगड़ों में हम पढ़े ना भाई, गीता,ग्रंथ,कुरान,बाइबिल सबका एक ही मूल, हम सब एक चमन के फूल…

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आदर्श सास

आदर्श सास रविवार का दिन था। बच्चे पिक्चर चलने की ज़िद कर रहे थे पर आज मेरी कहीं जाने की इक्छा नहीं हो रही थी। दस दिनों से गाड़ी का पेपर खोज खोज कर घर मे सब परेशान हो गए थे। गाड़ी बेचनी थी औऱ पेपर मिल नही रहा था। दिमाग उसी में उलझा हुआ…

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