फागुन में

फागुन में रंग उड़ने लगे हैं लाल पीले सखी री फागुन में गीत कोयल भी गाये सुरीले सखी री फागुन में मौसम लेता है अँगड़ाई पेड़ों पर नव कोंपल आई कलियाँ अपने घूँघट खोले गुन गुन करते भँवरे डोले रंग फूलों के हुए चटकीले सखी री फागुन में रंग उड़ने लगे हैं लाल पीले सखी…

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Howdy 

Howdy  Woman, mother of the universe. Queen, is every woman. She gives life to the human being, she is to be loved with loving gestures and words of respect. She is the bone of the family and of society, the pillar. Yet, more and more often, a treatment treats them not as a pillar but…

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सूरज की ऊर्जा.. बरगद की छांव .. मेरे पापा

सूरज की ऊर्जा.. बरगद की छांव .. मेरे पापा सूरज कभी भी अपने आने का शोर नहीं मचाता, वो तो चुपचाप पूर्व दिशा में प्रकट हो जाता है और उसी से सम्पूर्ण विश्व ऊर्जावान हो उठता है। विशाल बरगद का वृक्ष कभी भी शोर मचा कर अपनी विशालता का बखान नहीं करता, उसकी उपस्थिति ही…

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नई राष्ट्रीय शैक्षिक नीति और उच्च शिक्षा प्रणाली

नई राष्ट्रीय शैक्षिक नीति और उच्च शिक्षा प्रणाली नई राष्ट्रीय शैक्षिक नीति (NEP) 2020 भारत में शिक्षा के सभी स्तरों पर परिवर्तनों लागू करने का प्रयास है, जिसमें देश में शिक्षा की nai समझ- स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के दृष्टिकोण में बदलाव की आवश्यकता पर बल है एनईपी ने मानव संसाधन विकास…

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दिव्या माथुर की कहानियों में संवेदना और शिल्प

दिव्या माथुर की कहानियों में संवेदना और शिल्प दिव्या माथुर वर्षों से साहित्यिक रचना में संलग्न हैं। उनकी रचनात्मक प्रतिभा के विविध आयाम कविता, कहानी और उपन्यास की विधाओं में प्रतिफलित हुए हैं। द क्राफ्ट ऑफ फिक्शन में पर्सी लबक ने ‘कथ्य का अधिकतम प्रयोग’ द्वारा संवेदना और शिल्प के संबन्ध का स्पष्टीकरण किया है।…

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अबला से आत्मनिर्भरता की राह

अबला से आत्मनिर्भरता की राह ये कहानी है शशिकला जी की जो हर लड़की की तरह एक खुशहाल और जिम्मेदार लड़की थी। छोटे छोटे सपनों ने आँखों में जगह बनानी शुरू ही की थी कि १७ वर्ष के उम्र में विवाह के बंधन में बांध दिया गया। अपनी सारी जिम्मेदारिओं को भली भांति निभाते हुए…

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मौन से मुखरता तक- माया एन्जोलो

मौन से मुखरता तक- माया एन्जोलो “मौन जब भी मुखर हुआ तो एक सशक्त स्वर आन्दोलन का जन्म हुआ”। आज आपको एक ऐसी सशक्त महिला से परिचित कराना चाहती हूँ जिसने दुःख और संघर्ष को असीम साहस के साथ न सिर्फ पार किया, बल्कि दुनियां के सामने एक मिसाल भी बनकर सामने आयी ! इन्हे…

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डॉ श्रीमती कमल वर्मा की कविताएं 

डॉ श्रीमती कमल वर्मा की कविताएं  १.राष्ट्रीय चेतना और जागृति  भारत मांँ पर जो कुर्बान,उनके जज्बों को प्रणाम, भारत मांँ के वो सपूत,भारत मांँ की वो है शान| भारत मांँ पर जो कुर्बान,उनके जज्बों को प्रणाम॥ कहाँ गये वो माँ के बेटे,माँ पर करते जां कुर्बान, एक हाथ में गीता रहती, दुजे में पकडे कुरान।…

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रुदाली-गुलाबो

“रुदाली-गुलाबो” रुदाली अपने समय की चर्चित फिल्म रही है। फिल्म देखने वालों को पता है कि राजस्थान में रुदाली उन महिलाओं को कहा जाता है जो रईस लोगों के मरने पर रोने का स्वांग करती हैं। जो जितना बड़ा स्वांग रच सके वह उतनी बड़ी रुदाली , और जिसके न रहने पर रोने का स्वांग…

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