गणेश कौन हैं ?

गणेश कौन हैं ? तमाम काल्पनिक देवी-देवताओं और अंधविश्वासों के बीच भी हमारे पुराणों में ऐसी कुछ चीजें हैं जो अपनी दृष्टिसम्पन्नता और सरोकारों से चकित करती हैं। शिव और पार्वती के पुत्र गणेश पुराणों की ऐसी ही एक देन हैं। अपने पिता की तरह गणेश प्रकृति की शक्तियों के विराट रूपक है। उनका मस्तक…

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बचपन: उजला पक्ष

बचपन: उजला पक्ष उम्र के इस पड़ाव पर बचपन याद करना अच्छा लग रहा है। मेरा जन्म अपने बाबा के घर गोरखपुर में हुआ। हमारे बचपन में घर में खाने-पीने की सामग्री भरपूर होती थी मसलन दाल-चावल, आटा, दूध-दही मगर सजावट या प्रदर्शन के नाम पर कुछ नहीं था। हम बहुत अमीर नहीं थे पर…

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स्नेहमय व्यक्तित्व –ममता कालिया

स्नेहमय व्यक्तित्व –ममता कालिया ‘ममता कालिया, एक ऐसा नाम है जो हिंदी साहित्य लेखन में सर्व स्वीकृत है। उनका मुस्कुराता चेहरा और मिलनसारिता सभी को आकर्षित करती है। मेरे पिता हिंदी के साहित्यकार और आचार्य रहे हैं उपकुलपति भी। अतः उनके कारण ममता जी के लेखन और स्वभाव से परिचित रही। इनकी जोड़ी हिंदी साहित्य…

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नहीं जाती

नहीं जाती ख़ुदा के घर सड़क कोई नहीं जाती चलो पैदल वहाँ लारी नहीं जाती चली जाती है हँसने और हँसाने से दवा खाने से बीमारी नहीं जाती ज़ियादा सोचने से नींद जाती है मगर इससे परेशानी नहीं जाती मुआफ़ी माँ ने दे दी ख़्वाब में आकर मगर सर से पशेमानी नहीं जाती उसे जाने…

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सिर्फ एक देह नहीं है औरत

*सिर्फ एक देह नहीं है औरत* ================ ” *औरत काम पे निकली थीं* *बदन घर रख कर* *ज़िस्म खाली जो नज़र आए तो मर्द आ बैठे*  !! “ औरत की आजादी की बात जब भी की जाती है तो एक सवाल अब भी जेहन में कौंधता है कि क्या औरत का अस्तित्व सिर्फ एक शरीर…

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क्या खोया क्या पाया

क्या खोया क्या पाया (इस लॉकडाउन में) विश्वव्यापी कोरोना महामारी के कारण जिस दिन पूरी तरह से लॉकडाउन की घोषणा की गई, लगा जीवन थम गया। जीवन की बिल्कुल ही नई परिस्थिति और डर ने मिल कर एक अजीब सा माहौल बना दिया था जो खुशगवार तो नहीं था, सबकुछ उलट पुलट सा गया था।…

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मज़दूर की बेटी 

मज़दूर की बेटी विनायक अंकल आप मेरे पापा बनोगे? शैली के अप्रत्याशित सवाल से बुरी तरह से हड़बड़ा गए थे विनायक जी अरे बेटा मै तुम्हारे पिता जैसा ही हूँ ख़ुद को संयत करते हुए विनायक जी ने ज़वाब दिया। पिता जैसा होने में और पिता होने में काफ़ी फर्क़ होता है अंकल शैली की…

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