मुझे नहीं मिले गुलाब

“मुझे नहीं मिले गुलाब” आँखों की पुतलियों का रंग कत्थई था होंठों की फ़लियाँ मूंगिया रंगीं थीं गालों पर चम्पई असर लिये मैं प्रेमिका बनी शब्दों की चाल ढाल भाषा मेरे लिए हमेशा शालीन रही सिंगार और श्रंगार हमेशा सौम्य रहा प्रथम पुरूष की तरफ आकर्षण प्रकृति की तरह हुआ और प्रेम में मैं पृथ्वी…

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चुनौतियाँ हमसे बड़ी नहीं

चुनौतियाँ हमसे बड़ी नहीं मैं पुष्पांजलि मिश्रा जीवन के चार दशक पार करने के बाद जब अपने जीवन के बारे में सोचती हूँ तो इसे ईश्वर की कृपा मानती हूँ और भविष्य के लिए आशावादी हूँ ।ईश कृपा, माता-पिता व गुरु जनों का आशीष, अपनों के प्यार से सजे, नकारात्मकता और निराशा से दूर अपने…

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तू धरती पर ख़ुदा है माँ

तू धरती पर ख़ुदा है माँ, पंछी को छाया देती पेड़ों की डाली है तू माँ. सूरज से रोशन होते चेहरे की लाली है तू, पौधों को जीवन देती है मिट्टी की क्यारी है तू. सबसे अलग सबसे जुदा, माँ सबसे न्यारी है तू. तू रोशनी का खुदा है माँ, बंजर धरा पर बारिश की…

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नवरात्रि दक्षिण में – एक सामाजिक झांकी

नवरात्रि दक्षिण में – एक सामाजिक झांकी नाम ही स्पष्ट कर देता है कि यह नौ दिनों का उत्सव जो शरद और वसंत दोनों कालों में आता है संध्याकालीन पूजा का द्योतक है जैसे कृष्ण जन्माष्टमी अर्धरात्री की पूजा है। केरल में विशु नामक पर्व वर्षारंभ का शुभ समय सूर्योदय से पूर्व होता है। होलिका…

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रंगभूमि

रंगभूमि प्रेमचंद ने अपने लेखन की शुरुआत आदर्शात्मक रुझान से की थी। प्रेमचंद अपने संक्षिप्त रचना काल में कई मार्गों पर चले और कुछ दूर चलकर अगर उन्हें खटका होता था तो राह बदल लेते थे। सुधार वाद ,आदर्शवाद ,गांधीवाद और साम्यवाद यह सभी उनके मार्ग रहे। हिंदी कथा साहित्य को जीवन की यथार्थता और…

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जीत जाएंगे हम

जीत जाएंगे हम सुबह-सुबह कोयल की मधुर धून सुनकर यूं लगा जैसे कह रही हो थोड़े दिन की ही तो है बात कुछ वक्त बितालो साथ माना हर वक्त है कीमती पर अभी घर पर रहने में ही है सबकी सलामती इन लम्हों को न भूलें हम सकारात्मक सोच के साथ ऐसा कुछ कर दिखाएं…

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संघर्ष अदृश्य शत्रु से

संघर्ष अदृश्य शत्रु से कोविद 19 एक सूक्ष्म जीवाणु जो वैश्विक आपदा के रूप में समस्त विश्व के मानव जाति को धीरे धीरे अपने शिकंजे में जकड़ता जा रहा है।एक अदृश्य शत्रु आज मानव सभ्यता के समक्ष एक चुनौती है, न केवल मानव जीवन के लिए बल्कि मानव सभ्यता द्वारा निर्मित प्रत्येक क्षेत्र पर घातक…

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माँ

(माँ…) नौ महीने माँ के गर्भ में एक ख्वाब पनपता है मन्द मन्द पल दिन और महीने माँ का सुखद वज़ूद साकार होता है. 🌱 गुजरना वो नौ महीने का आह !! वो पहला !!! …अहसास सकुं भरा.. दुसरा उलझनों का सहना.. अपने होने का अहसास दिलाना.. हर चेहरे पर नई खुशी भर जाना. गर्भ…

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मास्टर साहब कहिन

मास्टर साहब कहिन किस्सा एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के मास्टर साहब की है।आज मास्टर साहब के घर पर अफरा-तफ़री का माहौल है।श्रीमती जी कपड़े प्रेस कर रही, सुपुत्र जूता पॉलिश कर रहा , स्वयं मास्टर साहब दाढ़ी बनाने में व्यस्त।कुल मिलाकर घर का माहौल बड़ा गर्म था।कोई और दिन होता तो बिना प्रेस कपड़ा, बिना…

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वज़न कम करने के आसान तरीके 

वज़न कम करने के आसान तरीके  वजन कम करना इतना ज्यादा मुश्किल भी नहीं है यदि आप दृढ़ संकल्प व मेहनत करते है तो जल्दी ही अपने वजन पर नियंत्रण पा सकते हैं और घर बैठे ही वजन कम कर सकते हैं। १. फल और सब्जियों का अधिक सेवन फल और सब्जियों में फाइबर, पोषक…

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