तेरे जैसा दोस्त कहाँ ‘

‘ तेरे जैसा दोस्त कहाँ ‘ मित्रता किसी भी इन्सान के जीवन की एक बेशकीमती धरोहर है।ईश्वर ने जिन्हें रक्त सम्बंध से नहीं बाँधा, उसे हमने प्रेम और अपनेपन से सींचा है और उसे ताउम्र विश्वास के धागे में पिरोकर हीरा की भांति सँजो कर रखा है। मित्रता ऊंच-नीच,जात-पांत,धर्म और उम्र के बंधन से परे…

Read More

हिन्दी : कल, आज और कल

हिन्दी : कल, आज और कल हिन्दी हमारी मातृभाषा और हमारी राष्ट्रभाषा है। हमारे राष्ट्र के माथे की बिन्दी है। भाषा संप्रेषण का सशक्त साधन होता है। जीवंतता, स्वायत्तता तथा लचीलापन भाषा के प्रमुख लक्षण हैं। इसलिये देश में हिन्दी बोली जाने के आधार पर 14 सितंबर 1949 को संविधान की भाषा समिति ने हिंदी…

Read More

एक दूजे के लिए

प्र.-  शादी के बाद कितनी बदली आप लोगों की जिंदगी???  उ.- शादी के बाद कुछ परिवर्तन आतें तो है परंतु हम दोनों एक दूसरे से पहले से परिचित थे और परिवार भी बहुत अच्छा और प्रेम करने वाला रहा इसलिये ज्यादा मुश्किलें नही आयी। दोनों ही परिवारों में मैं सबसे छोटी थी इसलिये मुझपर किसी…

Read More

लौहपुरुष

लौहपुरुष मेरा भारत बिखरने के लिए नहीं बना है – सरदार पटेल सरदार पटेल भारत के देशभक्तों में एक अमूल्य रत्न थे। वे आधुनिक भारत के शक्ति स्तम्भ थे। आत्म-त्याग, अनवरत सेवा तथा दूसरों को दिव्य-शक्ति की चेतना देने वाला उनका जीवन सदैव प्रकाश-स्तम्भ की अमर ज्योति रहेगा। वे मन, वचन तथा कर्म से एक…

Read More

सिमोन द बोउवार

  सिमोन द बोउवार 20वीं सदी की महान् दार्शनिकों में से एक, स्त्रीवादी विमर्शों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली सिमोन द बोउवार । वैश्विक नारीवादी आंदोलन की एक महत्वपूर्ण किरदार हैं। सिमोन द बोउआर इनका जन्म जनवरी 1908 में एक अमीर घराने में,फ़्रांस के पेरिस में हुआ था। प्रथम विश्वयुद्ध के बाद उनके घर…

Read More

लक्ष्मी 

    लक्ष्मी    बहुत प्यार करता था घनश्याम अपनी नई नवेली दुल्हन लक्ष्मी से और क्यों न करे, लक्ष्मी थी ही सर्वगुण – सम्पन्न। एक तरफ तो सास – ससुर का मान सम्मान रखती,मन भर सेवा करती तो दूसरी तरफ पूरे गांव में पहली मैट्रिक पास बहु थी ,पूरा गांव उसका आदर करता था।…

Read More

जीवन का सफरनामा

जीवन का सफरनामा मेरे साहित्यिक क्षेत्र में ही नहीं अपितु जीवन में भी जो प्रेरणापुंज हैं उनके लिए आज शब्दों के जरिये मन के हर कोने को खंगालकर जो भाव निकले उन्हें व्यक्त करने की कोशिश कर रही हूँ। मेरा जन्म दुर्ग(छग) में हुआ लेकिन मेरे मां पापा गाँव में रहते थे, तब वहां अच्छे…

Read More

भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- विक्रम साराभाई

भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक: पद्मविभूषण डॉ. विक्रम साराभाई “वे संकट और संदेह के क्षणों में, असफलता और सफलता के क्षणों में, मेरे साथ खड़े रहे, मेरा मार्गदर्शन करते रहे। आवश्यकता पड़ने पर उन्होंने मुझे सही रास्ता दिखाया। वह एक विशालकाय व्यक्तित्व थे,और मैं भाग्यशाली था कि मैं उनकी छाया में विकसित हो सका।” –…

Read More