प्रकाशोत्सव
प्रकाशोत्सव ताल ठोक रहा तम का दानव लिए अँधेरा मन का दूर खड़ा मानव दिखावे के रोशनी सजती सबके घर – द्वारे मन का तम मिटा ना सका तू मानव, प्यारे ……….. ताल ठोक रहा ………. रात – रात पूरी चला मंज़िल ना पाया लौट बुद्धू घर को आया चला जिस डगर वह भी निकला…
STRUGGLE OF ARUNA SHANBAG
STRUGGLE OF ARUNA SHANBAG Today is the DEATH ANNIVERSARY of ARUNA SHANBAG.Does this name ring a bell? I don’t think most people from this generation have heard the name, but actually, with the demise of ARUNA SHANBAG on this day in 2015..,well & truly, an era had elapsed. Whenever there is talk of EUTHANASIA, her…
औरत ,औरत की दुश्मन
प्रायः यह जुमला सुनने को मिल ही जाता है जब कभी किसी औरत को दूसरी औरत द्वारा प्रताड़ित या परेशान किया जाता है। काफ़ी लोगों का यह मानना है कि अधिकतर औरत ही औरत की परेशानी का कारण होती है। यदि हम आस – पास नज़र डालें और औरतों के प्रति हो रहे अपराधों के…
एक दूजे के लिए
प्र.- शादी के बाद कितनी बदली आप लोगों की जिंदगी??? उ.- शादी के बाद कुछ परिवर्तन आतें तो है परंतु हम दोनों एक दूसरे से पहले से परिचित थे और परिवार भी बहुत अच्छा और प्रेम करने वाला रहा इसलिये ज्यादा मुश्किलें नही आयी। दोनों ही परिवारों में मैं सबसे छोटी थी इसलिये मुझपर किसी…
“आज़ाद हूँ……”
“आज़ाद हूँ……” पल दो पल की बातें नहीं, ख़्यालात लिख रहा हूँ उठ रहे मन में अनेकों सैलाब, बहाव लिख रहा हूँ आज़ाद हूँ , आज़ादी की जज़्बात लिख रहा हूँ अबकी आज़ादी, खुद को “आज़ाद” लिख रहा हूँ “आज़ाद हूँ”…, “आज़ाद” लिख रहा हूँ……….!! किसने क्या कहा, किसने क्या किया कल पर छोड़ता हूँ,…
माँ तू अनमोल है
माँ तू अनमोल है न जाने कितनी ही बार लड़खडाते कदमो को संभाली होगी माँ न जाने कितनी ही बार गिरने से बचाई होगी माँ न जाने कितनी ही बार गोद में लेकर थपकी दी होगी माँ न जाने कितनी ही बार कितने जतन की होगी मेरी हंसी खुशी के लिए माँ न जाने कितनी…
You Are My Valentine
On the Wedding Day They came to a wooden village church, she in a borrowed dress, its white sprinkled grey by time, he in his elder brother’s suit. Both beautiful and young, ready to grapple with fate. They vowed love in voices trembling with emotion, faith and hope sealed the solemn words. They took for…
प्रभु राम की अयोध्यापुरी
प्रभु राम की अयोध्यापुरी अयोध्या में राम लला की घर वापसी पर प्रभु राम को समर्पित कुछ पंक्तियाँ आज अयोध्या धाम सजा है दीपों से राम हर दीप में जगमग करता है प्रभु का नाम धरती पुण्य दिशायें गुँजे देखो है आकाश पावन सरजू लहर कहे पुनीत हुआ ये काम । भारतवर्ष के इतिहास में…