हेयर केयर- मानसून

गर्मी के बाद मानसून वाला मौसम सभी को बहुत सुहाना और रोमेंटिक लगता है। इस बारिश को देखते ही इसमें भीगने का मन करता है। लेकिन बारिश में भीगने से बालों को काफी नुकसान पहुंचता है क्योंकि यह मौसम बहुत चिपचिपा और ऑयली होता है। इसमें बाल बहुत जल्दी गंदे और ऑयली हो जाते हैं।…

Read More

कैसे कहूँ!

कैसे कहूँ! कैसे कहूँ कि मैं तुमसे कितना प्यार करता हूँ? कैसे कहूं! हर वक़्त पास आने का – तुम्हारा, मैं इंतेजार करता हूँ। बिना कुछ कहे ही तुम कितना कुछ कह जाती हो? फिर भी तुम्हारे मुस्कुराने का, मैं इंतेजार करता हूँ। कैसे कहूँ कि मैं तुमसे कितना प्यार करता हूँ? कैसे कहूं! तुम्हारे…

Read More

मेरी माँ

मेरी माँ ऐसी मेरी माँ , ऐसी मेरी माँ नहीं किसी के जैसी मेरी माँ गुणों की खदान, मेरे परिवार की पहचान, जीवन के मूल्यों का पाठ पढ़ाती, शिक्षक होने का सही अर्थ दर्शाती ऐसी मेरी माँ, ऐसी मेरी माँ नहीं किसी के जैसी मेरी माँ।। इसका जीवन संघर्षों की कहानी, हँस हँस कर सुनाती,…

Read More

जयति जय माँ शारदे

जयति जय माँ शारदे जयति जय माँ शारदे। जयति जय माँ शारदे। मां बागेश्वरी,वीणापाणि, ज्ञान की देवी,हँसवाहिनी, बुद्धि का मां वर दे, जयति जय माँ शारदे। जयति जय माँ शारदे। धवल वस्त्र है, सौम्य स्वरूपा, कमलदलआसन,विद्द्यारूपा, चरणों में ये शीश झुका दूँ, तन,मन, धन सर्वश्व लुटा दूँ, अंधकार इस पूरे जग का, ज्योतिर्मय कर हर…

Read More

ज्ञान की बात

ज्ञान की बात टेलीविजन पर शंकराचार्य और मंडन मिश्र के शास्त्रार्थ का प्रसंग चल रहा था। जीत और हार के लिए जो मानक निर्धारित किए गए थे मुझे उस समय वह बड़े हास्यास्पद लग रहे थे। दोनों के गले में फूलों की एक-एक माला थी और जिस की माला मुरझा जाएगी उसी को हारा हुआ…

Read More

कमली

कमली “कमली….अरे कमलिया! कहाँ मर गयी रे? तुझे कहा था इन बकरियों को बाड़े में बांधने… सारी साग चबा गयीं…ये लड़की तो मेरे जी का जंजाल ही बन गयी है”. कमली की चाची भुनभुनाती हुई बकरियों को हाँकने में लग गयी. उधर चाची की घुड़की औऱ बड़बड़ाहट सुनकर कमली भागती हुई आई. उसे पता था…

Read More

अनाथ लड़की

अनाथ लड़की यह तो निर्विवाद सत्य है कि साहित्य समाज का आईना है, और सच्चा साहित्यकार वहीं है, जो तत्कालीन परिस्थितियों के परिवेश में समाज में व्याप्त आचरण, सभ्यता और कुरीतियों से आपको परिचित कराता है। पर यही वह साहित्यकार है, जो आपको समाज के कटु यथार्थ के साथ साथ उसके लिए खूबसूरत आदर्शों की…

Read More

विजयी भारत

विजयी भारत आप में से बहुतों ने १९६२ का युद्ध देखा होगा व उसकी कहानियां भी सुनी होंगी।मेरे भी ज़हन में आज कई दिनों से वो १९७५ का पाकिस्तान व भारत के युद्ध जिसके “सायरन” की गूंज,वो मेरे घर की छत से जहाजों की फर्राटेदार उड़ानें और उस पर हम दोनों बहनों को मां और…

Read More