मशाल

मशाल दरवाजे की घंटी बजी।मैंने किवाड़ खोला और सामने श्यामा खड़ी थी। वह चुपचाप घर में प्रवेश कर गई। मेरी निगाहें उसका पीछा करती हुई उसके मुखमंडल पर छाई भाव -भंगिमा को पढ़ने लगी। आज उसके चेहरे पर मुझे उल्लास की कोई रेखा दिख नहीं रही थी। उसकी चुप्पी में उदासी के बादल छाए हुए…

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प्रेरणादायक महात्मा गाँधी

प्रेरणादायक महात्मा गाँधी गुलामी की जंजीर से जकड़ी हुई भारतमाता को मुक्ति दिलाने वाले गाँधी जी युग पुरुष थे. शान्ति से क्रान्ति के सिद्धान्त का पालन कर विश्व में वे अमर हो गये ।अभिमन्यु जैसे हो सकोगे तुम तुम्हारा दर्द सारा खींच लूँगा मैं यही उनका सन्देश था , गांधीजी केवल एक देश के ही…

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यह_कैसी_शिक्षा

यह_कैसी_शिक्षा शिक्षा प्राप्त करना हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य होता है, न केवल ज्ञान अर्जित करने के लिए, अपितु रोजगार प्राप्ति के मुकाम की ओर अग्रसर होने के लिए भी यह खासतौर पर सहायक होता है। पर हमारे समाज में शायद इस दिशा में कुछ ज्यादा ही ध्यान दिया जा रहा है और मैं…

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प्यारी बेटी

    प्यारी बेटी हालाँकि सरकार ने कोरोना सम्बंधित नियमों में काफ़ी छूट दे दी थी, लेकिन अमित की बेटी अंकिता के ऑफिस वालों ने अभी भी घर से ही काम करने को प्राथमिकता दी थी।अमित की पत्नी सरला एक  स्कूल में अध्यापिका थीं और शाम होने से पहले घर आ जाती थीं ।इसलिए ऑफिस…

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ऐ वतन

ऐ वतन ऐ वतन! मेरे भारत! तेरी माटी से बनी हूँ मैं तेरी आबो हवा में ही मैं जिंदा हूँ मेरी साँसों में बसी है तेरी खुशबू रूह में इश्क हकीकी ख़ुदाया तेरा है नहीं दरकार मुझे मौसमों की तरहा प्यार के इज़हार की मेरा हर दिन मुबारक है तेरी आगोश में हर पल महफूज़…

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लौट आया मधुमास

लौट आया मधुमास देविका कहीं शून्य में घूरे जा रही थी लेकिन मस्तिष्क में लगातार उथल-पुथल चल रही थी। आज हर हालत में उसे एक निर्णय पर पहुंचना था। पिछले कई दिनों से वह अनवरत दिल और दिमाग के संघर्ष में बुरी तरह फंसी थी,उलझी थी….पर अब…अब और नहीं।कहीं दूर से आती माँ की आवाज़…

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मैं हूँ ना

मै हूँ ना हाँ, जिंदगी सिर्फ यादों का खेल ही तो है। एक उम्र के बाद ऐसा लगने लगता है जैसे जीने के लिए अब ज्यादा कुछ बचा ही नहीं ।बस अतीत की लम्बी गहरी सुरंग जैसी राहों पर मन भटकता रहता है हर-पल, हरदम । तनु के जीवन में भी ऐसा ही कुछ धा।…

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भारतीय संविधान और टी.टी. कृष्णामाचारी

भारतीय संविधान और टी.टी. कृष्णामाचारी टी.टी. कृष्णामाचारी का प्रारंभिक जीवन हमारा देश सन् 1947 में अंग्रेज़ों की अधीनता से स्वतंत्र हुआ। तब विविधताओं से सम्पन्न भारत के शासन संचालन के लिए एक सुव्यवस्थित शासन प्रणाली की आवश्यकता थी। इसी उद्देश्य से भारत के संविधान के निर्माण की आवश्यकता महसूस की गई। संविधान निर्माण के लिए…

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महारानी विक्टोरिया

महारानी विक्टोरिया यूँ तो माँ भारती की वीरभूमि में कई महानायिकाओं ने जन्म लिया है। किन्तु विश्वमंच भी ऐसी कई महान विभूतियों से भरा पड़ा है। झोपड़ी से लेकर महलों तक में इन वीरांगनाओं की प्रखर ओजस्वी गाथाएँ आज भी गाई जाती हैं। इनकी विशेषताओं और जज़्बे ने इतिहास रच डाला है। भारत की रानी…

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हम सबके थे प्यारे बापू

हम सबके थे प्यारे बापू राम और कृष्ण के बाद शायद गांधी ही हैं जिन्हें भारत ने आज भी अपनी चेतना में परोक्ष या अपरोक्ष रूप से जीवित रखा है, आदर्श और अपना बापू माना है । एक पिता की तरह उन्होंने 300 साल से पराधीन और अपंगु भारतीय चेतना के कानों में सत्य और…

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