माँ

माँ वो मां ही तो है, जिस ने सबसे पहले , सिखलाया धीरज रखना सिखलाया बिन व्याकुलता , भी संपन हो सकता है हर कार्य। सिखाया उसी ने, सरलता से जीना उलझनों के बीच रहकर भी, जीत हार के संग, समान व्यवहार का पाठ भी, सबसे पहले उसने ही पढ़ाया। मन जब दुख से घबरा…

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Another Taj Mahal

Another Taj Mahal Nestled below the lower Himalayas and the Barail ranges are the emerald green hills of Mizoram. Verdant forests, azure blue sky, brown and green rolling hills and sparkling waterfalls impart this magnificent land of the Mizos (Ram means land in Mizo) a unique charm. Sandwiched between Tripura on its west and Myanmar…

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बंद किताबें और खुलती पहचान

बंद किताबें और खुलती पहचान इंग्लैंड के सितंबर की गुलाबी सर्दियों की मीठी ठंडक के साथ एक खास सुबह की शुरुआत हुई। हल्की धुंध में ढकी सड़कें और पेड़ों से झरते सुनहरे, नारंगी और लाल रंग के पत्ते मानो प्रकृति का कोई जादुई कैनवास तैयार कर रहे थे। आसमान में उड़ते पक्षियों की चहचहाहट, पेड़ों…

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दिव्या माथुर-सुपर अचीवर

दिव्या माथुर -सुपर अचीवर वातायन- यूके की संस्थापक, रॉयल सोसाइटी ऑफ़ आर्ट्स की फ़ेलो, लंदन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन-2000 की सांस्कृतिक अध्यक्ष, यूके हिन्दी समिति की उपाध्यक्ष और कथा-यूके की अध्यक्ष­ रह चुकी, दिव्या माथुर का नाम ‘इक्कीसवीं सदी की प्रेणात्मक महिलाएं’, ‘ऐशियंस हूज़ हू’ और विकिपीडिया की सूचियों में भी सम्मलित है।  25 वर्षों तक नेहरु केंद्र-लन्दन में वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी के रूप…

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चलो, धरती को रहने योग्य बनाएँ

चलो, धरती को रहने योग्य बनाएँ प्रकृति और मनुष्य – दोनों जैसे न जाने कैसा लुका छिपी का खेल खेल रहे हैं। प्रकृति मनुष्य को बार-बार आगाह करती है और मनुष्य जैसे सब कुछ समझकर भी अनसुनी कर रहा है। पर्यावरण दिवस यानि कि 5 जून को हर वर्ष हम अपनी प्रतिज्ञा दोहराते हैं कि…

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यू आर माय वैलेंटाइन

यू आर माय वैलेंटाइन मैं और तुम दो अलग अलग चेहरे दिल शरीर जान आत्मा व्यक्तित्व परिवार दोस्त वातावरण फिर भी हम ऐसे एक दूसरे मे यूं समाहित हुए मेरा सब कुछ हुआ तेरा तेरा सब कुछ हुआ मेरा तेरा मान सम्मान स्वभिमान सुख दुःख सफलता धन सम्पत्ति परिवार जिम्मेदारी हुई मेरी और मेरी हुई…

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अपनेपन का पुष्प खिलाये रखना

अपनेपन का पुष्प खिलाये रखना समय की विषम आंधियों में आस का दीप जलाए रखना अपने उपायों और खूबियों से भारत को बचाये रखना धरती देखो नभ देखो हे ईश्वर! इस कहर से बचाए रखना हे लाड़लों! हम साथ है ये विश्वास बचाये रखना चलो साथियों एकजुट हो इस दानव से जिंदगी की जंग चलाए…

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इन्तजार

इन्तजार गत चार सालों से उर्मि रांची के मानसिक चिकित्सालय में जिन्दगी के मनहूस दिन काट रही है । हर शाम उसे किसी न किसी का इन्तजार रहता है । आँखें दरवाजे पर लगी रहती हैं शायद कोई आ जाय । किसी मरीज के घरवाले आते हैं किसी के रिश्तेदार मिलकर जाते हैं , पर…

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