अयोध्या:इतिहास के आईने में

अयोध्या:इतिहास के आईने में हे राम, जीवन एक कटु यथार्थ है और तुम एक महाकाव्य ! तुम्हारे बस की नहीं उस अविवेक पर विजय जिसके दस बीस नहीं अब लाखों सर – लाखों हाथ हैं, और विभीषण भी अब न जाने किसके साथ है. इससे बड़ा क्या हो सकता है हमारा दुर्भाग्य एक विवादित स्थल में…

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उनको ना भूल पाएँगे

उनको ना भूल पाएँगे स्वतंत्रता के 75वें साल को मनाते हुए अचानक उन सबकी याद आना जरूरी है। उनके त्याग एवम्‌ बलिदान को कैसे भूल सकते हैं। उनकी जवानी को उन्होंने कुर्बान कर दिया। कर्नाटक राज्य में एक परम्परा का परिपालन किया जाता है जिसमें उन स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान दिया जाता है। उनको आमंत्रित…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की-भगत सिंह

शहीद भगत सिंह “गुलामी की तोड़ने जंजीर फैला रहे पंछी अब पंख हुकुमरान सजग हो जाओ बजा रहे विश्व भारती अब विजय शंख” -वंदना खुराना इन पंक्तियों से मैं चित्रण करती हूँ उस दौर का, जब हमारे वीर क्रांतिकारियों ने माँ भारती को अंग्रेजी शासनकालों से मुक्त कराया होगा। कुछ इसी तरह का विजय घोष…

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मासिक धर्म को हीन दृष्टि से देखने वाले समाज में रोशनी के किरण बनते ये युवा

मासिक धर्म को हीन दृष्टि से देखने वाले समाज में रोशनी के किरण बनते ये युवा मासिक धर्म एक सामान्य प्रक्रिया है और प्रकृति की महिलाओं को देन है , महिलाओं को प्रकृति ने नव सृजन का जो वरदान दिया है वह मासिक धर्म के बग़ैर संभव नहीं है । परंतु उसी मासिक धर्म के…

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मजदूर

मजदूर जबसे लॉकडाउन शुरू हुआ है मोंटी की तो चांदी ही चांदी हो गई है। होमवर्क, स्कूल से पूरी छुट्टी।आराम से पूरा दिन घर में मम्मी पापा के साथ मजा ही मजा।जो मन हो वही मम्मी से बनवा के खाओ। और तो और शूटिंग का भी सिरदर्द नहीं। नहीं तो पढ़ाई के साथ साथ शूटिंग…

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