हमारी हिन्दी
हमारी हिन्दी हिन्दी भारत की हर श्वास है, इक नवीन विश्व की आस है। तन में बहता अरुण रक्त है, हर भारतवासी इसका भक्त है। हिंदी प्रेम-विजय की बोली, मानवता पनपी इसकी झोली। यही ग्रीष्म-शीत ऋतु बसंती, माँ देवी के माथे की बिंदी। वर्ण से शब्द, शब्द से वाक्य, हर भाव में भाषा महान है।…
एक लड़की थी…
एक लड़की थी… शरारती किस्से वो फ़ोन पर सुनाया करती थी एक लड़की थी मुझे गोद में सुलाया करती थी बिन बाबा के कैसे बीती थीं उसकी माँ की रातें कुछ बेचैनियाँ थीं सिर्फ़ मुझे बताया करती थी डर मेरी उल्फ़त से था, कोई और पसंद था उसे इसी बात पर ज़्यादा खुद को रुलाया…
गाँधी का शिक्षा दर्शन : कितना प्रासंगिक
गाँधी का शिक्षा दर्शन : कितना प्रासंगिक महात्मा गाँधी के विराट् व्यक्तित्व का प्रभाव भारतीय मानस पर मर्यादा पुरुषोत्तम राम के आदर्श जीवन से कम नहीं है. अल्बर्ट आइंस्टीन ने सही कहा था कि आने वाली सदियां विश्वास नहीं करेंगी कि गांधी जैसा हाड़ मांस का कोई पुतला इस धरती पर चला होगा।राष्ट्र पिता मोहन…
माँ! तेरी दुआ चाहिए
माँ! तेरी दुआ चाहिए ज़िन्दगी है क्या ….. ? गर पता चाहिए। बस दुआओं का इक सिलसिला चाहिए।। ज़िन्दगी के मसाइल से लड़ता रहूँ। ये ख़ुदा! मुझ को वो हौसला चाहिए।। ज़िन्दगी मौत से छीन लाऊँगा मैं। उमर भर माँ, तेरा आसरा चाहिए।। आ कभी मिल मिरे माँ से, फिर बता। मुझ को क्यों, ज़न्नत…
मेरा परिचय
मेरा परिचय मेरा नाम आशा मुखारया है।मैंने राजनीति शास्त्र से एम. ए. किया है।मेरे पति डा. पी. एस. मुखारया है।वो हिस्ट्री के प्रोफ़ेसर थे।मेरा बेटा विवेक कम्प्यूटर इंजीनियर है,यहाँ अमेरिका में सिटी बैंक में काम करता है और मेरी बहू निधि भी कम्प्यूटर इंजीनियर है।वो भी जॉब करती है।दो पोते हैं,बड़ा पोता इंजीनियर होकर अटलांटा…
यू आर माय वैलेंटाइन
यू आर माय वैलेंटाइन मैं और तुम दो अलग अलग चेहरे दिल शरीर जान आत्मा व्यक्तित्व परिवार दोस्त वातावरण फिर भी हम ऐसे एक दूसरे मे यूं समाहित हुए मेरा सब कुछ हुआ तेरा तेरा सब कुछ हुआ मेरा तेरा मान सम्मान स्वभिमान सुख दुःख सफलता धन सम्पत्ति परिवार जिम्मेदारी हुई मेरी और मेरी…
वीरांगना बीना दास
वीरांगना बीना दास आज से ठीक 88 वर्ष पूर्व 6 फरवरी 1932 का दिन था, जब कलकत्ता विश्वविद्यालय के कनवोकेशन हाल में बैठे सैकड़ों लोग एक युवती द्वारा लगातार चलायी जा रही गोलियों से स्तब्ध रह गए, जिनका निशाना कोई और नहीं बल्कि बंगाल का तत्कालीन गवर्नर स्टेनले जैक्सन था। हालाँकि जैक्सन बच गया पर…
भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- डॉ राम मनोहर लोहिया
डॉ राम मनोहर लोहिया भारत को ब्रिटिश हुकूमत से आजादी दिलाने के लिए अगणित स्वतंत्रता सेनानियों ने असंख्य बलिदान दिए। उन्ही सपूतों में से एक थे डॉ.राम मनोहर लोहिया ,जिन्होंने भारत माता को गुलामी की जंजीरों से मुक्त करने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया। वे बेहद साहसी, प्रगतिशील और आशावादी इंसान…