शत शत नमन

शत शत नमन मन में इन दिनों एक बड़ी शांत सी निश्चिंतता है, पितर पक्ष जो चल रहा है! जो चले गए , वो इन दिनों आ गए हैं थोड़े से और करीब। बस यह एहसास कि इन सोलह दिनों में वो आसपास हैं, आसान सी कर दी है जिंदगी । महसूस होता है कि…

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मेरी मां

मेरी मां मेरी मां । तुमसा कोई नहीं इस जग में , सब से अच्छी हो तुम मां ! ! बचपन में जब चल नहीं पाता, गोदी में लेकर घुमाती थी तुम मां !! बचपन में जब पांव डगमगाते थे , मेरी बाहों को थाम- मेरा सहारा बन जाती थी तुम मां !! पढ़ते पढ़ते…

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हिन्दी

हिन्दी हिन्द के हिन्दोस्तां की बेटी है.हिन्दी। भारत के ललाट की शोभा बिन्दी है हिन्दी। देवभाषा संस्कृत की पुत्री बनकर उपजी हिन्दी। सभी भाषाओं की अग्रजा बनकर आई है हिन्दी। सभी बोलियाँ संग साथ ले हिल मिल संग चले । अपने और परायों बीच संवाद बनी हिन्दी। भाषा जोड़ रही है सबको एक छत्र के…

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चक्र

चक्र आठ मार्च आते ही निमंत्रणों का सिलसिला बढ़ जाता है। पिछले तीन फोन कॉल बस ‘विलासिनी, प्लीज, लड़कियाँ हैं, आप बोलेंगी तो अच्छा लगेगा’। विलासिनी ने सोचा कि ये आजकल की फेसबुक-द्विटर-इंस्टाग्राम की लड़कियों को सब पता है। उनके फेमिनिज्म की परिभाषा भी अलग है। वो अब दराजों में नहीं, गले में बोर्ड लगाकर…

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हम तुम

हम तुम हम तुम जब मिले थे कितने अंजान एक दूसरे से बिल्कुल दो अजनबी से धीरे धीरे हुई जान पहचान कभी नोंक झोंक कभी तीखी तकरार कभी गुस्सा कभी सुलह यूँ कब फिर बन गए दोस्त और रंग गये एक दूजे के प्यार में खबर भी न हुई यूँ वक्त लेता रहा इम्तिहान कई…

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Best Ever Performance

Best Ever Performance Close on the heels of superb or best ever performance by Indian sportspersons at the postponed 2020 Olympics at Tokyo,Japan recently, the Divyang athletes of track and field events of Bharat Varsh showed their remarkable prowess,confidence and acumen in the Paralympics that followed from 24th August to 5th September. Number wise, latter…

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शादी एक गुनाह

शादी एक गुनाह अभी पूजा करने के लिए आसन बिछा कर शांत चित्त होकर बैठी ही थी कि बाहर दो महिलाओं की तेज़ आवाज़ में बात करने की चिरपरिचित आवाज़ आने लगी। फ़िर भी उधर से अपना मन हटाकर मै पूजा करने लगी थोड़ी देर के बाद उन दोनों में से एक महिला ज़ोर ज़ोर…

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संवाद

संवाद “अरि ओ पिंकी,सुना है तेरे पड़ोस में एक नई फैमली रहने आई है,कैसा है वह परिवार?” रिंकी ने घर मे घुसते ही अपनी सहेली पिंकी से पूछा। पिंकी अपनी प्यारी सहेली को देख बहुत खुश हुई,और बोली” मैं सोंच ही रही थी तुम्हें इस नये पड़ोसी के विषय में बताऊँ, जैसा कि तुम्हें पता…

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खूब याद करती हूँ तुम्हे, कभी उदास मत होना

खूब याद करती हूँ तुम्हे, कभी उदास मत होना एक हमारे बड़े होते-होते छूट गए कई छोटे-छोटे सुख। मुट्ठी में छिपाये गए छोटे-छोटे चॉकलेट केएफसी और डोमिनो के पिज्जा-बर्गर से ज्यादा लजीज थे। खेल में बार-बार हार कर मेरे आउट होने पर तुम्हारा अचानक छोटे से बड़ हो जाना और मेरी जगह खेलकर मुझे जीता…

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