क्षमायाचना

क्षमायाचना हे नेता सुभाष बोस जी-तुम्हे शत शत नमन्न हमारा है। गुनाहगार ये है देश आपका-जिसने यूं मौन को धारा है।। तेरे क्रान्ति के जज़्बे को-और हम तेरे साहस को भूल गए। हम तो उन्हे भी भूले हैं-जो हंस हंसकर फांसी झूल गए।। आज़ादी के दिवानों का-नही हमने है कोई प्रतिकार किया। प्रतिकार तो क्या…

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डॉ जसबीर कौर की कविताएं

डॉ जसबीर कौर की कविताएं 1.नारियां मानवता का गौरव, वात्सल्य प्रेम सौरभ, सृजन की मृदुल परिभाषा हैं ये नारियां सहिष्णुता को निहित कर, शक्ति पराकाष्ठा बन अद्भुत करूणाकलित अभिलाषा हैं ये नारियां। मानवता का गौरव…..   जीवन सुरभित करें , प्रेम सानिध्य बन पीयूष शक्ति सी ,जग उत्थान करें नारियां ईश की ये प्रतिध्वनि, धर…

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सरला मेहता की कविताएं

  सरला मेहता की कविताएं 1.ये ध्वज कभी झुका नहीं स्वतंत्रता की चाह में शताब्दी गुजार दी इक सिपाही पांडे ने चिंगारी जो सुलगाई थी सर पे कफ़न बांधकर बादल पे होकर सवार लक्ष्मी अकेली चल पड़ी जागीरों के मोह में घर के भेदिये छुपे रहे रानी कभी थकी नहीं ये ध्वज कभी झुका नहीं…

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तुम में ही खुद की तलाश है

तुम में ही खुद की तलाश है लोग कहते है तू मेरी परछाई है मैं कहती हूँ तू मुझमे है मैं तुझमे हूँ ये क्या एहसास है कि तुम में ही खुद की तलाश है ज़ब भी देखूँ तुम्हे मेरा अक्स नज़र आये आइना है मेरा तू ,तुझे देख ही श्रृंगार हो जाये ये क्या…

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Food In Train

जाने क्या है IRCTC की यत्रीयों के लिए खाने की ऑनलाइन बुकिंग की नयी योजना

ट्रेन मेंअपनी सीट पर मंगवाना चाहते हैं फ़ूड , IRCTC एप्रूव्ड के इस ऐप से करें ऑनलाइन ऑर्डर। लंबी दूरी की यात्रा में IRCTC ट्रेन में भी भोजन मंगवाने की सुविधा देता है।  इसके लिए इसने देशभर में बहुत से रेस्टोरेंट्स के साथ पार्टनरशिप की है।  यात्रा शुरू करने या यात्रा के दौरान आप Food…

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पहली मुलाकात

पहली मुलाकात प्रेम आकर्षण है, एक एहसास और समर्पण है l दुनिया में आप हजारों लाखों लोगों से मिलते हैं परंतु किसी एक के आ जाने से आप की दुनिया ही बदल जाती है l यह एहसास मुझे भी हिला गया था l मैं बचपन से ही बहुत बिंदास बेपरवाह स्वभाव की थी, मेरे मस्त…

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बदला सावन

बदला सावन इस बार सावन, कुछ बदला-बदला है। ना उमंग है,ना तरंग है। लागे सब देखो वेरंग है। चारों ओर हाहाकार मचा है। मुँह खोल बिकराल खड़ा है इस बार सावन, कुछ बदला बदला है। बगियाँ फूलों से भरी, पर सूनी-सूनी हैं। ताल-तलैया तृप्त हुऐ, पर प्यासी-प्यासी हैं। इस बार सावन, कुछ बदला-बदला हैं। काले-काले…

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पीली कोठी

पीली कोठी आज सुबह से पीली कोठी के पिछले भाग में खूब सारी हलचल मची थी। पीली कोठी का पिछला हिस्सा अब पीला भी कहाँ रहा। हल्के गुलाबी और हरे रंगों में सराबोर वह अब इस पीली कोठी का हिस्सा ही नहीं लगता। शायद कोई ब्याह शादी होगी। प्रतिभा का मन हुआ कि उधर जाए…

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अबल पुरुष

अबल पुरुष पहले रहे होंगे पुरुष प्रबल और प्रभावशाली, पर आजकल वे बड़े अबल होते जा रहे हैं। सच में, क्या कहा? आप नहीं मानते? चलिए तो मैं बताती हूं।जब से सोशल मीडिया और डेटिंग साइट का बोलबाला हुआ है तब है पुरुष, जो है, बेचारा होता चला जा रहा है।ये हम सभी को ज्ञात…

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कहानी ‘मेला’ एक वैचारिक दृष्टिकोण

कहानी ‘मेला’ एक वैचारिक दृष्टिकोण साहित्य संसार की प्रतिष्ठित कथाकर, जो, केवल कहानियों में ही नहीं, नाटक, उपन्यास, कविता, निबंध, पत्रकारिता,लगभग साहित्य की अधिकांश विधाओं में अपना हस्तक्षेप रखतीं हैं और अपने लेखन के लिये अनेक साहित्य सम्मान से नवाज़ी गईं हैं। प्रबुद्ध, सरल -सहज, सौम्य, चेहरे पर,निर्बाध, निश्छल हँसी ऐसे दिखती है,जैसे पूस में…

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