कोरोना और करूणा
कोरोना और करूणा पिछले एक साल में एक छोटे वायरस ने जिंदगी बिल्कुल ही बदल डाली। और इस बार तो इसने ठान ली है कि दुनिया को अपना लोहा मनवा कर ही दम लेगा। कोरोना की इस लड़ाई में अकेले नहीं हैं। दुनिया मे इसके व्यवहार की चर्चा हो रही है, रिसर्च चल रहे हैं।…
प्रवासी महिला साहित्यकार और स्त्री चेतना
प्रवासी महिला साहित्यकार और स्त्री चेतना हिन्दी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो मान्यता मिली है उसका एक मूल कारण है प्रवासी भारतीय लेखक, जो एक लम्बे समय से भारत की भाषा, कला और संस्कृति को विदेशों में फैलाने का महत्वपूर्ण प्रयास करते आ रहे हैं। समय तेज़ी से बदल रहा है, ज़ाहिर है कि हमारे…
भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- डाॅ वर्गीस कुरियन
नए दौर की नई कहानी – डाॅ. वर्गीज कुरियन डाॅ. वर्गीज कुरियन से मेरा पहला परिचय हुआ था यू.पी.एस.सी. की परीक्षा की तैयारी करते हुए। उनके ‘अमूल’ और ‘श्वेत क्रांति’ की चर्चा किताबों में थी। 1948 से लेकर 1965 तक मैनेजर ‘अमूल’ की जबाबदारी उन्होंने बड़ी बखूबी निभाई और उस आदमी की सूझ बूझ और…
ईमानदार कोशिश करें
ईमानदार कोशिश करें आजादी के सत्तर साल बाद भी हम कई परेशानियों से जूझ रहे हैं ।सपने में भी जिसके बारे में हम सोचना नहीं चाहते, उस से दो -चार होना पड़ रहा है । दीमक की तरह चाट कर देश को खोखला करने वाली बुराइयाँ हमारे खून में रच-बस गयी हैं ।इनसे निजात पाना…
कथा, कथाकार और पाठक
अंतरराष्ट्रीय कथा महोत्सव कथा, कथाकार और पाठक 4 जुलाई संध्या 7 बजे (IST), दोपहर 2.30 बजे (GMT) https://youtube.com/@grihaswamini7913 उपन्यास – तिलिस्म उपन्यासकार – दिव्या माथुर-लंदन,ब्रिटेन समीक्षक शिखा वार्ष्णेय-लंदन, ब्रिटेन डॉ रीता दास राम-मुंबई, भारत अनिल शर्मा जोशी- दिल्ली, भारत अध्यक्ष प्रो जितेन्द्र श्रीवास्तव- दिल्ली, भारत संचालन – पूजा अनिल, स्पेन 1
जागरूकता ही बचाव है
जागरूकता ही बचाव है एम्स के प्रोफेसर डॉ. अनुराग श्रीवास्तव जी वर्षों अपना जीवन अस्पतालों की चारदीवारी , बीमारी से जूझते हुए चेहरे और शरीर, क्या बच्चें, क्या बूढ़े और क्या जवान। डॉ. अनुराग श्रीवास्तव जी हमेशा उन गरीब, असहाय, लाचार, सतर्कता एवं ज्ञान के अभाव में ब्रेस्ट कैंसर के आखिरी स्टेज़ पर असहनीय पीड़ा…
रोटी ,कपड़ा और मकान
रोटी ,कपड़ा और मकान कदम बढ़ चले कदम ना चिलचिलाती धुप ना भींगने का डर. सर्द हवाएं भी नही हिलाती दम नही चुभती मिलता जो भी हो दर्द लिंग से परे पत्थर तोड़े या चढ़ जाएँ ऊँची इमारते ना अँधेरे का भय बहुत कुछ को नकारते हमसब हैं निकलते हंसते खिलखिलाते अपने खोली से अपनी…
अपनी शक्ति पहचानो
अपनी शक्ति पहचानो निर्भया ! अब जागो डरो नहीं, तुम उठो अपनी शक्ति पहचानो कब तलक दामिनी सी अपना मुँह छुपाओगी कोई राम हनुमान नहीं आएँगे बचाने वानर सेना भी तुम बना नहीं पाओगी कृष्ण भी चीर ना बढ़ाएगा राम के रहते भी हरी गई थी सीता दुःशासनी दुनिया में अंधे तो थे ही अब…
गणतंत्र का सबसे मजबूत अस्त्र शिक्षा
गणतंत्र का सबसे मजबूत अस्त्र शिक्षा 72 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर विशेष शुभकामनाएं। 21वीं सदी का पहला गणतंत्र, युवा भारत के सपनों का गणतंत्र, अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपनी पहचान बनाता, राज करता भारतीय गणतंत्र, जन गण मन तक राष्ट्रीयता के संदेश पहुंचाता गणतंत्र । हमारी शैक्षणिक विरासत पर हमें गर्व है…. नालंदा तक्षशिला…