माता तुम अनुपम प्यार

माता तुम अनुपम प्यार प्रकृति का अनुपम उपहार मातृत्व से भरी कोमल नार जननी ममतायी अमृत रसी कोमलांगी माता शक्ति सार नित्य कष्ट सह जाती है माते संतान की पीड़ा हरती हजार ममता रोम रोम में बसता क्या व्याख्या कैसे हो उद्गार समर्पण माँ का अद्भुत भाव जिसको ना हो माप व् भार माँ तो…

Read More

दिखता

दिखता घर के बाहर गली गली में सन्नाटा सा पसरा दिखता बन्द हो गया हाथ मिलाना करे दूर से सभी नमस्ते शोर शराबा कहाँ खो गया पूछ रहे हैं हमसे रस्ते समय भूलकर अपनी गति को एक जगह ही ठहरा दिखता ऑफिस घर में स्कूल घर में बदल गई दिनचर्या सारी उलझन अब तक सुलझ…

Read More

आखिर माँ है क्या ?

आखिर माँ है क्या ? भगवान!!! तुमने क्या खूब कमाल दिखया खुद सब जगह नहीं हो सकते इसलिये “”माँ ” बनाया। आखिर माँ है क्या??? क्या वो? जिसने जीव का दुनिया से परिचय कराया, इक मांस के लोथड़े को “जिंदगी” का जामा पहनाया या फिर वो जिसने हर कदम पर अपनी औलाद का हौसला बढाया,…

Read More

मेरे दृष्टिकोण मेंः मेरे जीवन का एक अध्याय

मेरे दृष्टिकोण मेंः मेरे जीवन का एक अध्याय हममें से हर किसी का जीवन अनुभवों और संस्मरणों की एक किताब है,खजाना है बीते पलों का।जीवन की किताब में जिंदगानी के अलग-अलग पड़ावों से जुड़े अध्याय- कुछ पारिवारिक तो कुछ व्यवसायिक; कुछ संवेदनात्मक तो कुछ व्यवहारिकता के विषय से संबंधित।पर मैं जब अपने जीवन रूपी पुस्तक…

Read More

बेबाकी और उन्मुक्तता का सशक्त स्वर : ममता कालिया

बेबाकी और उन्मुक्तता का सशक्त स्वर : ममता कालिया कुछ कहानियां श्रृंखलाबद्ध रूप में एक जगह एकत्रित मिली और जब पढ़ना शुरू किया तो पढ़ती ही चली गई । थोड़ा सा प्रगतिशील, अपत्नी, निर्मोही ,परदेशी, पीठ, बड़े दिन की पूर्व सांझ, बीमारी , कामयाब,बोलने वाली औरत ,मेला, आपकी छोटी लड़की इत्यादि-गजब का आकर्षण था कहानियों…

Read More

सिंदूर की रेखा

सिंदूर की रेखा   आज चंद्रमुखी 65 वर्षीय महिला, अपने किरायेदार विक्की बाबू के साथ बैंक जा रही थी, वर्ष में एक बार लाइफ सर्टिफिकेट के लिए जरूरी होता है जाना।तिमंजले घर मे चार किरायेदारों के परिवार के साथ अकेली ही जीवन बीता रही हैं।   सुबह 11 बजे बैंक पहुँच गयी। पूछताछ करने के…

Read More

मिथिला का लोक पर्व “सामा- चकेवा”

मिथिला का लोक पर्व “सामा- चकेवा” सामा-चकेवा एकमात्र मिथिला में मनाया जाने वाला लोक पर्व है. यह पर्व मिथिला की संस्कृति से जुड़े होने के साथ ही इसकी पौराणिक मान्यता भी है. बहनो द्वारा भाई के लिए मनाया जाने वाले इस त्यौहार का शुभारम्भ कार्तिक शुक्ल सप्तमी, छठ के पारण यानि सुबह के अर्घ के…

Read More
Online Food Order In Train

घर पर ही नहीं अब ट्रेन में भी मंगवायें खाना ऑनलाइन – जानें आसान तरीका

क्या आपने कभी पहियों पर रहते हुए अपने पसंदीदा भोजन का एक टुकड़ा ऑर्डर किया ? क्या आप अगली ट्रेन यात्रा में ऑर्डर फूड डिलीवरी करने की योजना बना रहे हैं ? एक विश्वसनीय और अच्छी तरह से मान्यता प्राप्त ई-खानपान सेवा प्रदाता को देखना चाहते है जो भोजन की समृद्धि और स्वाद सहित सभी…

Read More

हिन्दी दिवस : चुनौतियां व प्रोत्साहन

हिन्दी दिवस : चुनौतियां व प्रोत्साहन आजादी के 76 वर्ष पूरे हो गए परन्तु हिन्दी राजभाषा से राष्ट्रभाषा का सफर नहीं तय कर पाई। विविध भाषाओं एवं संस्कृतियों की संगमस्थली भारत में आज की वर्तमान तिथि तक हिंदी जन – जन की भाषा है भी नहीं।कई प्रांतों में उनकी स्थानीय भाषाएं ही जन को जन…

Read More