“यत्र नार्यस्तु पूज्यते रमन्ते तत्र देवता”
“यत्र नार्यस्तु पूज्यते रमन्ते तत्र देवता” नारी के बिना इस सृष्टि की कल्पना करना संभव ही नही है। युवा हो या अधेड़ या हो वृद्ध। सभी पुरुषों को यह समझना जरूरी है। आज छोटी बच्चीयों से लेकर वृद्ध महिलाएं सुरक्षित नही है ,यह 21 वी सदी में रहते हुए भी बड़ी वेदना की बात है।…
मनीराम दीवान
मनीराम दीवान अठारहवीं शताब्दी में अंग्रेज चाय चीन से खरीदते थे। मगर उनकी व्यापार में बेईमानी और लाभांश पर सौ प्रतिशत कब्जा चीन को नष्ट किये दे रहा था। अतः एक बड़ा युद्ध हुआ जिसमे चीन ने अंग्रेजों को चाय देने से इंकार कर दिया।जिससे उनका चीन की चाय पर से एकाधिकार जाता रहा।उधर अमेरिका…
भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की-अहिल्याबाई होल्कर
अहिल्याबाई होल्कर वैसे तो भारत की वीर भूमि पर बहुत से शूरवीरों ने जन्म लिया, मगर कुछ ऐसे भी शूरवीर हुए जो हमेशा के लिए अमर हो गए, जिनमें से एक नाम अहिल्याबाई होल्कर का है, महाराष्ट्र के अहमदनगर के चौंडी गाँव में सन् 1725 में जन्मीं अहिल्याबाई होल्कर के पिता माकोंजी शिंदे सम्मानित धांगर…
Tale of Kashmir and Ukraine : Drawing Lessons From Unending Seize of Mariupol
Tale of Kashmir and Ukraine : Drawing Lessons From Unending Seize of Mariupol. Human history has shown that there cannot be smoke without fire.Both appear true about plight and exodus of Kashmiri Pandits in J & K in the past and that of helpless citizens of Mariupol and Kyiv for now over a month. A…
My Life
My Life My name is Peppe Altimare .I was born in Naples, Italy, to parents of humble origins. Since I was a child, I have always played with feelings, always carrying them in my heart and molding them according to circumstances. My cultural education has been seen since I was a child, when what happened…
स्वराज एवं एक भाषा के हिमायती – महर्षि दयानन्द सरस्वती
स्वराज एवं एक भाषा के हिमायती – महर्षि दयानन्द सरस्वती महर्षि दयानन्द सरस्वती के बारे में जब चिन्तन करने लगते है तो सामान्य मनुष्य अथवा महापुरूषों के व्यक्तित्व व कृतित्व के समान चिन्तन तो करना ही होता है किन्तु यहां पर एक विशेष चिन्तन की गहनता दिखती है, जो उनका ‘ऋषित्व’ होता है। गुजरात के…
क्रांतिवीरों का तीर्थ स्थल : सेल्युलर जेल
क्रांतिवीरों का तीर्थ स्थल : सेल्युलर जेल यह तीर्थ महातीर्थों का है.. मत कहो इसे काला पानी.. तुम सुनो यहाँ की धरती के.. कण कण से गाथा बलिदानी. प्रखर राष्ट्रभक्ति की ये पंक्तियां भारत वर्ष के स्वाधीनता संग्राम के अमर सेनानी श्री गणेश दामोदर सावरकर जी के होठों पर तब भी सजी हुई थी…