संदेशे आते हैं

संदेशे आते हैं   नव वर्ष के अनेक सन्देश मेरे मोबाईल पर दोस्तों और रिश्तेदारों के आये। सबों को यथोचित धन्यवाद ,शुभकामनाएं भेजती जा रही थी। कुछ ऐसे भी नंबर थे जो अपरिचित थे पर शुभकामनाएं ही तो दे रहा है बेचारा जो भी है यह सोच कर प्रत्युत्तर दे रही थी। अचानक एक सन्देश…

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स्वराज एवं एक भाषा के हिमायती – महर्षि दयानन्द सरस्वती

स्वराज एवं एक भाषा के हिमायती – महर्षि दयानन्द सरस्वती महर्षि दयानन्द सरस्वती के बारे में जब चिन्तन करने लगते है तो सामान्य मनुष्य अथवा महापुरूषों के व्यक्तित्व व कृतित्व के समान चिन्तन तो करना ही होता है किन्तु यहां पर एक विशेष चिन्तन की गहनता दिखती है, जो उनका ‘ऋषित्व’ होता है। गुजरात के…

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गात्री

गात्री दूर-दूर तक हरियाली से भरी तराई और ऊँचे-ऊँचे नियमराजा के बोलनेवाले पर्वत! नियमराजा ही उन्हें जीने के नियम देता है। गात्री आम की घनी छाँह में खड़ी पर्वतों को निहार रही है। उम्र कोई पंद्रह-सोलह। बड़ी-बड़ी आँखें उदास, सवाल करतीं सी, साँवली चमक से भरा पानीदार चेहरा,घने बाल और सीधी माँग जैसे घने जंगल…

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मानसिक तनाव-एक मंथन

मानसिक तनावः एक मंथन दोस्तों, हम सभी इस बात से भली-भाँति वाकिफ हैं कि मानसिक तनाव एक प्रकार का असंतुलन है जो कि हमारे दैनिक वातावरण, साथ रहने वाले लोगों के व्यवहार और इन सब के साथ, हमारे मन मस्तिष्क की प्रतिक्रियाओं का, सामंजस्य न बिठा पाने का परिणाम है, फलस्वरूप मन की शांति, भावनाओं…

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यू आर माय वैलेंटाइन

यू आर माय वैलेंटाइन मैं और तुम दो अलग अलग चेहरे दिल शरीर जान आत्मा व्यक्तित्व परिवार दोस्त वातावरण फिर भी हम ऐसे एक दूसरे मे यूं समाहित हुए मेरा सब कुछ हुआ तेरा तेरा सब कुछ हुआ मेरा तेरा मान सम्मान स्वभिमान सुख दुःख सफलता धन सम्पत्ति परिवार जिम्मेदारी हुई मेरी और मेरी हुई…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- डाॅ बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर

डॉ भीमराव अम्बेडकर के अनुप्रयोग भीमराव रामजी अम्बेडकर (14 अप्रैल 1891 – 6 दिसंबर 1956) एक भारतीय विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री , समाज सुधारक और राजनीतिक नेता थे, जिन्होंने संविधान सभा की बहसों से भारत के संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति का नेतृत्व किया, जिसने पहले कैबिनेट में कानून और न्याय मंत्री के रूप में…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- सुभद्रा कुमारी चौहान

अग्रणी महानायिका “हिंदी साहित्य हमेशा समाज से सम्बद्ध रहा है। साहित्य मात्र मनोरंजन का माध्यम नहीं वरन सामाजिक समस्याओं और विसंगतियों का आईना भी है।” आधुनिक हिंदी साहित्य के क्षेत्र में शुरुआत से ही देश की स्वतंत्रता की आवश्यकता और गुलामी की विवशता पर लेखकों ने खुल कर कलम चलाया था।भारतेन्दु हरिश्चन्द्र से लेकर आज…

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अंतरिक्ष की धरोहर .. कल्पना चावला

अंतरिक्ष की धरोहर .. कल्पना चावला   कुछ कर गुजरने की तमन्ना थी , कुछ जीने का नया तराना था । चांद सितारों से मिलने भरी उड़ान, किसे पता था जिंदगी खत्म करने आ जायेगा तूफान ।। भारत की वह बेटी जिसने प्रथम बार अंतरिक्ष पर अपने पाँव रखे, जिसने अपने मन की कल्पना को…

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