एक दूसरे के साथ जीना

एक दूसरे के साथ जीना प्रेम करने से पूर्व मैं तुम्हें जानती नहीं थी , मैं तुम्हें नहीं जान पाई प्रेम करने के बाद भी , पर इस जानने और न जानने के बीच , रास्ते में आई रिश्तों की पगडंडी ने, थक चुके मेरे मन को ये सिखा दिया है कि , प्रेम का…

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मजदूर

मजदूर परेशानी हो या आँधी हो दिन रात श्रम करते हैं। बोझा सर पे लेकर चलते हम मजदूर नहीं थकते हैं।। फिर भी दो जून की रोटी को कभी कभी तरसते हैं। मैं मजदूर हूं हां बहुत मजबूर हूं बस यही कहते हैं।। ग़रीबी कहो या लाचारी , किस्मत की है मारी । तपते तन…

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जब आप जंग पे निकली थीं, अस्पताल को

    जब आप जंग पे निकली थीं, अस्पताल को मेरे बाग़ में फलों से भरा एक दिव्य वृक्ष है, वृक्ष यह वृक्ष मेरे बाग़ की मुस्कुराहट है; मुस्कुराहट यह मुस्कुराहट जा रही है कल अवकाश पर! अवकाश उस अवकाश पर जहाँ सँवारा जाएगा मेरे पसंद की मुस्कुराहट की शाख़ को, शाख़ उस शाख़ को…

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यू आर माय वैलेंटाइन

यू आर माय वैलेंटाइन मैं और तुम दो अलग अलग चेहरे दिल शरीर जान आत्मा व्यक्तित्व परिवार दोस्त वातावरण फिर भी हम ऐसे एक दूसरे मे यूं समाहित हुए मेरा सब कुछ हुआ तेरा तेरा सब कुछ हुआ मेरा तेरा मान सम्मान स्वभिमान सुख दुःख सफलता धन सम्पत्ति परिवार जिम्मेदारी हुई मेरी और मेरी हुई…

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उल्टा पुराण

उल्टा पुराण नेहा शादी कर जब पहली बार अपनी ससुराल आई ,तब उसे पता चला उसके ससुराल वालों का विचार उससे कितना भिन्न है। नेहा अपनी माँ बाप की इकलौती संतान थी। यौवन के दहलीज पर वो कदम रखी ही थी, कि उसकी शादी हो गई। दरअसल एक अच्छा खाते पीते घर का लड़का उसके…

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वीरता और विद्वत्ता का अद्भुत समन्वय

वीरता और विद्वत्ता का अद्भुत समन्वय मेरे जीवन की क्षुधा, नहीं मिटेगी जब तक मत आना हे मृत्यु, कभी तुम मुझ तक… भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन भारतीय इतिहास का स्वर्णिम युग है। भारत की धरती पर जितनी भक्ति और मातृभावना उस युग में थी, उतनी कभी नहीं रही। 1857 की क्रांति के बाद हिंदुस्तान की धरती…

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महामारी के दिनों में प्यार !

महामारी के दिनों में प्यार ! कुछ दिनों पहले एक खबर पढ़ी थी कि बिहार के सिवान के एक प्रेमी को मुंगेर में रहने वाली अपनी प्रेमिका याद आई तो वह लॉकडाउन को धत्ता बताते हुए पैदल ही निकल पड़ा मुंगेर की ओर। करीब तीन सौ किमी की पदयात्रा कर वह अपने गंतव्य तक तो…

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Online Food Order In Train

घर पर ही नहीं अब ट्रेन में भी मंगवायें खाना ऑनलाइन – जानें आसान तरीका

क्या आपने कभी पहियों पर रहते हुए अपने पसंदीदा भोजन का एक टुकड़ा ऑर्डर किया ? क्या आप अगली ट्रेन यात्रा में ऑर्डर फूड डिलीवरी करने की योजना बना रहे हैं ? एक विश्वसनीय और अच्छी तरह से मान्यता प्राप्त ई-खानपान सेवा प्रदाता को देखना चाहते है जो भोजन की समृद्धि और स्वाद सहित सभी…

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मैं ख़ुद ही हूँ एक गुलाब

मैं ख़ुद ही हूँ एक गुलाब प्रतीक्षा तो थी मिलेगा मुझे भी गुलाब मन मसोस कर रह गयी जब बिन कुछ कहे चले गए वो, मायूस हो जा खड़ी हुई आईने के सामने क्या सचमुच उम्र हो चली अब ? क्या नहीं हक़ एक गुलाब का भी ? तभी आई अंतस से आवाज़ न हो…

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बड़े घर की बेटी

बड़े घर की बेटी भारतीय समाज में भारतीय संस्कारों को सही स्वरूप में जन मानस के समक्ष लाने में मुंशी प्रेमचंद के अवदान को हम “मील का पत्थर” मानते हैं । उनका साहित्य उस आम समाज की कहानी कहता है जो रहता तो हर काल में है परन्तु उसे कलम बद्ध करना अपनी जिम्मेदारी समझी…

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