आधी आबादी- पूरी आबादी की जननी

आधी आबादी- पूरी आबादी की जननी आधी आबादी पूरी आबादी की जननी है । पर फिर भी हर युग में इन्हें अपना स्थान बनाने और बचाये रखने में संघर्ष ही करना पड़ा है।खैर आज की परिस्थिति काफी अलग है या यों कहूं कि पहले से संतोषजनक है क्योंकि सुखद परिवर्तन हुआ है ।खैर…. संघर्ष आज…

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कोरोना

कोरोना कोरोना को रोक दो , सुनो सभी तुम आज । इसे महामारी कहें , या करना कुछ काज ।। सभी साफ रहना सदा , भीड़ भाड़ से दूर । साफ सफाई हाथ की , रहे वायरस दूर ।। सादा जीवन हो सदा , रखना उच्च विचार । शाकाहारी हो सुनो , सुंदर हो आचार…

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प्रेमचंद – कलम के महान सिपाही

प्रेमचंद – कलम के महान सिपाही प्रेमचंद (31 जुलाई 1880 – 8 अक्टूबर 1936) हिन्दी और उर्दू के महानतम भारतीय लेखकों में से एक थे । आनन्दी देवी तथा मुंशी अजायबराय के घर ३१ जुलाई १८८० को बालक धनपत राय का जन्म हुआ जो कालांतर में प्रेमचंद, नवाब राय और मुंशी प्रेमचंद के नाम से…

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वर्ल्ड हेल्थ डे

वर्ल्ड हेल्थ डे सात अप्रैल यानी विश्वभर के लोगों के स्वास्थ्य को समर्पित साल का महत्वपूर्ण दिवस। आज ही के दिन साल 1948 में विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना हुई थी। केवल शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ होना एक व्यक्ति के लिए आवश्यक है।लेकिन आज परिस्थिति यह है कि…

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बुलंदियों के गगन में लहराएँ तुझे शान बान से

“बुलंदियों के गगन में                लहराएँ तुझे शान बान से” हम कौन थे ,क्या हो गये हैं और क्या होंगे अभी, आओ विचारें आज मिलकर ये समस्यायें सभी । सोने की चिड़िया कहा जाने वाला भारत देश अगर गरीबी, अशिक्षा ,बेरोजगारी आदि मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है तो…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- राम प्रसाद बिस्मिल

राम प्रसाद बिस्मिल सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है देखना है जोर कितना बाजूए-कातिल में है इन पंक्तियों को आत्मा में उतार कर कोई जिया हो तो वे हैं राम प्रसाद बिस्मिल। भले ऐसा समझा जाता है इनके रचयिता वास्तव में बिस्मिल अजिमाबादी थे। ११जून १८९७ को शाहजहाँपुर गाँव में पंडित मुरलीधर और…

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दिवाली का घरौंदा

दिवाली का घरौंदा मान्यताओं के अनुसार दीपावली प्रभु राम के चौदह वर्ष के वनवास के बाद पुनः अयोध्या नगरी लौटने पर मनाया जाता है। घर घर मिट्टी के दिए, वंदनवार ,रंगोली की सजावट से उनके आगमन की खुशी का इजहार करना ही उद्देश्य होता है। उस वक़्त को आज भी कुछ नए तौर तरीकों से…

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संदेशे आते हैं

संदेशे आते हैं   नव वर्ष के अनेक सन्देश मेरे मोबाईल पर दोस्तों और रिश्तेदारों के आये। सबों को यथोचित धन्यवाद ,शुभकामनाएं भेजती जा रही थी। कुछ ऐसे भी नंबर थे जो अपरिचित थे पर शुभकामनाएं ही तो दे रहा है बेचारा जो भी है यह सोच कर प्रत्युत्तर दे रही थी। अचानक एक सन्देश…

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मुंशी प्रेमचंद

मुंशी प्रेमचंद मुझे नहीं लगता जिनकी रुचि साहित्य में होगी वो इस नाम से वाकिफ नहीं होंगे !! मुंशी प्रेमचंद मेरे प्रिय कथाकारों में से एक हैं सच कहूं तो उनकी कहानी “पूस की रात”और “ईदगाह”जब विद्यालय जीवन में पढ़ा था तभी से उनकी मुरीद हो गई!! कहना ग़लत नहीं होगा कि अगर लिखने- पढ़ने…

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मेरी बेटियाँ:मेरी शान

मेरी बेटियाँ:मेरी शान लोग गलत थे जो कहते थे अक्सर, बेटों से चलता परिवार है, जो कहते थे मेरा बेटा मेरे घर की शान है, आज उनका घर खाली पड़ा श्मशान है, बेटियों से ही बढ़ती हर घर की शान है, बेटियाँ ही माता पिता का अभिमान हैं। खुद रहते हैं वो अब वृद्धाश्रम में…

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