ऐसी कोई रात कहाँ
ऐसी कोई रात कहाँ ऐसी कोई रात कहाँ है, जिसकी कोख से सुबह ना निकले ! दुख का सीना चीर के सुख का सूरज तो हर हाल में निकले ! ऐसा कोई दर्द कहाँ है, जिससे कोई गीत ना निकले ! ऐसी कोई बात कहाँ है जिससे कोई बात ना निकले ! कहाँ कभी एक…
हिन्दी भाषा – आज के परिवेश में
हिन्दी भाषा – आज के परिवेश में अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी दिवस हाल में ही मनाया गया है | बधाइयों का दौर देश विदेश भर में चलें और सोशल मीडिया की भी शान बना | हिन्दी को अक्षुण्ण रखने की कसमें भी खूब खाई गईं | अनेकानेक चिंतायें प्रकट की जा रही थी कि इस दौर मे…
डॉ. सच्चिदानंद जोशी से अलका सिन्हा का संवाद
डॉ. सच्चिदानंद जोशी से अलका सिन्हा का संवाद वातायन-वैश्विक की 91वीं वार्ता संगोष्ठी में प्रसिद्ध रंगकर्मी, संस्कृति साधक, व्यंग्यकार, निबंधकार एवं शिक्षाविद् श्री सच्चिदानंद जोशी जी के साथ अक्षरम साहित्यिक संस्था की महासचिव प्रसिद्ध कथाकार एवं कवयित्री अलका सिन्हा जी का आत्मीय संवाद सकारात्मक रचनात्मकता के भाव से मन को समृद्ध करने वाला रहा।…
दिव्या माथुर का रचना संसार
दिव्या माथुर का रचना संसार दिनांक 19 दिसम्बर 2021 को केन्द्रीय हिंदी संस्थान, विश्व हिंदी सचिवालय, वैश्विक हिंदी परिवार एवं अन्य सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त ऑनलाइन आयोजन में प्रवासी साहित्यकार दिव्या माथुर का रचना संसार विषय पर एक साहित्यिक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता प्रवासी साहित्य के सशक्त हस्ताक्षर प्रो. कमल किशोर…
World Mental Health Day 2021: Mental Health in an unequal world.
World Mental Health Day 2021: Mental Health in an unequal world. Like every year, we are here, back on 10th October to celebrate World Mental Health Day. It is confusing to if we should celebrate this day or mourn it. Mourn for the human losses we have faced this year due to mental health issues…
हिंदी का आधुनिक इतिहास
हिंदी का आधुनिक इतिहास हे मातृरुपेण हिंदी!! हमारी मातृभाषा, हम सब की ज्ञान की दाता हो, जब से हमने होश संभाला, तूने ही ज्ञान के सागर से, संस्कारों का दीप जलाया, भाषा से परिचय कराया, आन ,बान और शान हमारी, देश का अभिमान जगाती, हर गुरुजनों की शान हो तुम, उनकी कर्मभूमि हो तुम, जिसने…