वर्ल्ड हेल्थ डे

वर्ल्ड हेल्थ डे सात अप्रैल यानी विश्वभर के लोगों के स्वास्थ्य को समर्पित साल का महत्वपूर्ण दिवस। आज ही के दिन साल 1948 में विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना हुई थी। केवल शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ होना एक व्यक्ति के लिए आवश्यक है।लेकिन आज परिस्थिति यह है कि…

Read More

अयोध्या केस

अयोध्या केस (1528 विवादित ढांचा के निर्माण से लेकर 2024 भव्य राम मंदिर तक…) अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। 22 जनवरी को भव्य राम मंदिर में रामलला को विराजमान कराया जाएगा। इस कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई दिग्गज नेता, अभिनेता, कलाकार व उद्योगपतियों…

Read More

Be positive …The Gita

Be positive …The Gita Many pandemics have come and gone wreaking havoc on humanity. It is the choices we as civilizations have made that has brought on these calamities on ourselves. From 1918, the influenza type pandemics started. Remember the H1N1 pandemic in 1918 followed by years of pandemics in 1957,1968, 1977 the Spanish flue,…

Read More

तिरंगा

  तिरंगा पले जब खौफ़ दिल में तो ,मिटेगी खाक़ फिरअपनी। निभाओ रस्म माटी की , बचाओ साख फिर अपनी। कभी सरहद बुलाये तो , तिरंगा बांध तुम लेना– जमी के आखरी तल पर , बहाओ राख़ फिर अपनी।। तभी लेंगें वतन वाले , तुम्हारा नाम दुनिया में। निभाना फ़र्ज अपना तुम, दिखेगा काम दुनिया…

Read More

नारी बिन संसार

नारी बिन संसार गर जग में नारी ना होती, चैन से सारी दुनिया सोती, ना बाजार, न दफ़्तर होते, लोग सिर्फ़ पेड़ों पर सोते, माल ना होटल कुछ न होते, घास-पूस के जंगल होते, ट्रेन न मोटर, बोट न रिक्शा, स्वयं लोग करते निज रक्षा, ना मकान, ना फ़्लैट न खोली, करवाचौथ, न ईद, न…

Read More

शिक्षक दिवस

शिक्षक दिवस एक सतत प्रक्रिया है विद्यार्थी और शिक्षक होना। एक श्रेष्ठ शिक्षक कल एक जिज्ञासु विद्यार्थी था।जिज्ञासा सीखने की अदम्य इच्छा है और जन्म से ही इस प्रवृत्ति के साथ हम धरती पर आते हैं। शिशु के सीखने की सतत क्रिया उसकी जिज्ञासा का ही प्रतिफल है।इसमें दो मत नहीं कि परिवार ही होता…

Read More

हिन्दी है अभिमान

हिंदी है अभिमान हिंदी हिंदी प्यारी हिन्दी हिन्दी है अभिमान जग जग में गूंजे ये है, हमको हैअभिमान मीठे बोली लगती हिन्दी, प्रेम रस बरसाती है अनजाने भी मीठे कंठ से बोले है हिंदी महान प्रेम पाठ पढ़ाती है देश को, देश से मिलाती है हिंदी देश की शान है हम सबको अभिमान है भाषाओं…

Read More

कोरोना और पर्यावरण

कोरोना और पर्यावरण : एक अवसर या सौगात इस कोरोना काल में भविष्‍यत: महात्मा गाँधी की कही दो बातें बहुत ही स्मरणीय हैं। एक यह, कि जो बदलाव तुम दूसरों में देखना चाहते हो वह पहले खुद में लाओ। दूसरा कथन तो शायद पहले से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है – वह यह कि संसार में…

Read More

गांधी गुजरात का!!

गांधी गुजरात का!! ना मानी हार जो करता गया वार वो, बंदूक ना गोली से प्यार की बोली से वो संत अहिंसा का करता रहा चमत्कार जो!! मन में था जिसके कुछ भी कर जाने की, हर सांस में थी उसके धुन आज़ादी पाने की, लाज बचाने भारत मां की त्याग दिया घर -बार जो,…

Read More

बुलंदियों के गगन में लहराएँ तुझे शान बान से

“बुलंदियों के गगन में                लहराएँ तुझे शान बान से” हम कौन थे ,क्या हो गये हैं और क्या होंगे अभी, आओ विचारें आज मिलकर ये समस्यायें सभी । सोने की चिड़िया कहा जाने वाला भारत देश अगर गरीबी, अशिक्षा ,बेरोजगारी आदि मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है तो…

Read More