ब्रैस्ट कैंसर

ब्रैस्ट कैंसर ब्रैस्ट कैंसर वह कैंसर है जो स्तन कोशिकाओं में विकसित होता है। आमतौर पर, कैंसर लोब्यूल्स या स्तन के नलिकाओं में बनता है। लोब्यूल्स ग्रंथियां हैं जो दूध का उत्पादन करती हैं, और नलिकाएं वे रास्ते हैं जो दूध को ग्रंथियों से निप्पल तक लाती हैं। कैंसर वसायुक्त ऊतक या आपके स्तन के…

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रश्मिरथी: राष्ट्रकवि की रचनाओं में मेरी अति प्रिय रचना

रश्मिरथी: राष्ट्रकवि की रचनाओं में मेरी अति प्रिय रचना युगधर्मा, शोषण के विरुद्ध विद्रोह को अपनी कलम की वाणी बनाने वाले , जीवन रस को ओज और आशावादिता से पूरित करने वाले, सौंदर्य और प्रेम के चित्र को भी अपने कलम की कूची से रंगने वाले रामधारी सिंह ‘दिनकर’  हिन्दी के एक प्रमुख राष्ट्रवादी एवं प्रगतिवादी…

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बेचारी शिक्षा

बेचारी शिक्षा पुस्तकों की गलियों में भटकते – भटकते, मुलाकात हो गई शिक्षा से, मैंने पूछ लिया उससे, यूंही हाल उसका। रूआंसी होकर बोली वह, मत पूछो क्या हाल है मेरा, पहले रहती थी गुरुकुलों में, सादगी और संस्कारों के संग, पर अब हो गईं हूँ बाजारू, कभी पैसों के बल पर बेची और खरीदी…

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एक होली ऐसी भी

एक होली ऐसी भी हो उठता है आसमान लाल पीले गुलाबी रंगों से सराबोर जब फागुनी बयार और शुष्क पत्तों का शोर हृदय को देता है झकझोर जब फगुआ के गीतों के बीच अश्रुओं की अविरल धारा नयनों को देती है सींच जो मां की आंखों का तारा था एक पत्नी का अभिमान सारा था…

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मन के मोड़

मन के मोड़ कहते हैं राह तो सीधी होती है, मोड़ तो सारे मन के हैं। पहाड़ों के मोड़ों पर लिखा होता है कि मोड़ तीखे हैं, हार्न बजाएँ। जिंदगी में शायद कोई नहीं बताता कि आगे मोड़ है, यहाँ से निकलना मुश्किल होगा और आगे ना बढ़ें। मालती खिड़की से बाहर देखती हुई सोच…

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निर्मला

निर्मला मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित प्रसिद्ध हिन्दी उपन्यास निर्मला का प्रकाशन१९२७ में हुआ था । यह उपन्यास मुझे बहुत ही ज़्यादा पसंद है। निर्मला उपन्यास बेमेल विवाह एंव दहेज प्रथा पर आधारित है।यह बेहद मार्मिक कहानी जो दिल को छू जाती है।यह एक प्रकार से मनोवैज्ञानिक उपन्यास है। मानस पटल पर एक छाप छोड़ देती…

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Christmas

CHRISTMAS The happiest season is here again, shielded faces can’t stop us from recapturing, that brightest star that led to the three wise men, to find the Christ that was born in Bethlehem. Heaven and nature sing; Joy to the World the Lord has come! Christmas, it’s Christmas, time to love! Humanity is wanting for…

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यू आर माय वैलेंटाइन

यू आर माय वैलेंटाइन मैं और तुम दो अलग अलग चेहरे दिल शरीर जान आत्मा व्यक्तित्व परिवार दोस्त वातावरण फिर भी हम ऐसे एक दूसरे मे यूं समाहित हुए मेरा सब कुछ हुआ तेरा तेरा सब कुछ हुआ मेरा तेरा मान सम्मान स्वभिमान सुख दुःख सफलता धन सम्पत्ति परिवार जिम्मेदारी हुई मेरी और मेरी हुई…

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काश यूँ भी कभी

काश….. यूँ भी कभी सोचती हूँ काश मैं भी सांता बन पाती । हर जीवन में प्रेम अमृत की गंगा मैं बहाती । रोतें बच्चों के आँखों से सारे आसूँ छीन लाती उनके कोमल अधरों पर गीत बन गुनगुनाती।। जीनव धूप में थके किसान पिता की चिंता मैं मिटाती धरती माँ की आँखों से दर्द…

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