हमारी लड़ाई

हमारी लड़ाई नर्स आकर जब कुलवंती के कान में यह कहने लगी तो कुलवंती को मूर्छा आ गई| उसका पूरा शरीर कांपने लगा| … “यह क्या हुआ” कहते हुए वह थहरा कर बैठ गई | कुलवंती को दांत लग गया| नर्स अपना पूरा जोर लगा कर कुलवंती को पकड़ कर सामने पड़े ओसारे के पर…

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कैसे कहूँ!

कैसे कहूँ! कैसे कहूँ कि मैं तुमसे कितना प्यार करता हूँ? कैसे कहूं! हर वक़्त पास आने का – तुम्हारा, मैं इंतेजार करता हूँ। बिना कुछ कहे ही तुम कितना कुछ कह जाती हो? फिर भी तुम्हारे मुस्कुराने का, मैं इंतेजार करता हूँ। कैसे कहूँ कि मैं तुमसे कितना प्यार करता हूँ? कैसे कहूं! तुम्हारे…

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क्षितिज की ओर

क्षितिज की ओर     मुग्ध हो कर देख रहा हूं और बह रहा हूं अस्तित्व की बाढ़ में तेरी अविजित मुस्कान इधर झनझनाती तंत्रियों में शुरू सामूहिक गान।   तू झुलसा रही मेरे अहं को मेरी दुर्बलता को उमड़ रहा न जाने क्या झुकती नज़र, कभी उठती नज़र पर इसके माने क्या? फुलवारी कुछ…

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यू आर माय वैलेंटाइन

यू आर माय वैलेंटाइन मैं और तुम दो अलग अलग चेहरे दिल शरीर जान आत्मा व्यक्तित्व परिवार दोस्त वातावरण फिर भी हम ऐसे एक दूसरे मे यूं समाहित हुए मेरा सब कुछ हुआ तेरा तेरा सब कुछ हुआ मेरा तेरा मान सम्मान स्वभिमान सुख दुःख सफलता धन सम्पत्ति परिवार जिम्मेदारी हुई मेरी और मेरी हुई…

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“कुछ कही, कुछ अनकही”

“कुछ कही, कुछ अनकही” जीवन में अनेक पहलू ऐसे आते हैं जो अंतस में खलबली तो मचाते हैं पर उसको बाहर लाना सरल नहीं होता और यही बात कई बार अंदर घुटन उत्पन्न करती है तो अनेकों बार हम उसी में खुशी ढूंढ लेते हैं। ज़िन्दगी के यही चढ़ते-उतरते पड़ाव हमारे जीवन की कहानी बन…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- सैम मानेकशॉ

एक अद्वितीय योद्धा-सैम होर्मूसजी फ़्रेमजी जमशेदजी मानेकशॉ हम सब भारतीय सेना की वीरता और पराक्रम की हमेशा प्रशंसा करते हैं जब भी सेना कोई ऐसा काम करती है जिससे हमारे देश का सामर्थ्य दिखता हैं तो हमारा सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। कुछ ऐसे ही थे सैम मानेकशॉ जिन्हें देश का पहला फील्ड…

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नवसृजन

नवसृजन “प्रकृति जैसे बदला ले रही है” टेलीविजन पे उद्घोषिका बारबार यह वाक्य बोले जा रही थी। यह सुनकर नियति सोच में पड़ गई “क्या माँ अपने संतानों से बदला लेती है?” परंतु परिस्थिति ऐसी तो ज़रूर है कि माँ अपने संतानों को मिल रहे कुकर्मों के फल को सकपकाकर, मूकदर्शक बन देख रही है।…

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The Body

The Body With eyes half-closed and a headache that won’t be purged by aspirin’s priests, which I eject from my body — My body that I don’t like so much, but I don’t mock it as it should be mocked. Or love it as it should be loved. I never sip drowsiness all at once,…

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अयोध्या- ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत

अयोध्या- ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत अयोध्या को प्राचीन धार्मिक सप्तपुरियों में से एक माना जाता है। सरयू नदी के तट पर बसी अयोध्या नगरी एक प्राचीन तीर्थ है,जिसका उल्लेख रामायण में मिलता है– “अयोध्या नाम नगरीतत्रासील्लोकविश्रुता”। मनुना मानवेंद्रेण या पुरी निर्मिता स्वयम् ।। (रामायण१-५-६) कहते हैं यह नगरी सूर्य के पुत्र,वैवस्वत मनु द्वारा स्थापित की…

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पेच्ची

पेच्ची कितना मुश्किल है जीवन का यथार्थ ये तो सभी जानते हैं। इतना कि दुःख ही सत्य लगता है सुख नहीं! हाट की चहल-पहल व धूल के बीच पेच्ची उदास बैठी है।साथ में लचकी खड़ी है।उसकी बड़ी-बड़ी आँखें ख़ुशी व्यक्त कर रहीं हैं या उदासी कहना कठिन है। सत्य यही है कि दोनों की आँखों…

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