फिर नयी सुबह तो आयेगी ‌

फिर नयी सुबह तो आयेगी ‌ दिसंबर की शीत लहर और एक वायरस ने चीन के वुहान शहर को अपने आलिंगन में ले लिया और फिर उसका आगोश कसता गया,बढ़ता गया।सुना गया कि वुहान की प्रयोग शाला में किसी छीना झपटी में यह वायरस लाखों लाख की संख्या में ज़मीन पर गिरा तो आदमी के…

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विस्थापित

विस्थापित इंसानों के भीतर एक अग्नि, जठराग्नि… बहुत तेज ताप वाली अग्नि का, धीमे – धीमे जलना, इसी जठराग्नि के वशीभूत हो, उसका चलायमान हो जाना, एक चकाचौंध भरी जादू नगरी की ओर, पर उसकी आत्मा तो वहीं रह जाती है, खेत के किसी कोने में, या गली के नुक्कड़ पर। आत्मा बहुत कम जगह…

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कथनी और करनी

कथनी और करनी अलार्म घड़ी ने जैसे ही सुबह पांच बजे का अलार्म बजाया,परेश ने आधी नींद में ही घड़ी टटोल कर उसका अलार्म बंद किया।उठ जाऊं- न उठूं , इसी उधेड़बुन में पांच- सात मिनट जाया करके आखिर उठने का फैसला किया। रोज की भांति नित्य कर्म, स्नानादि से निवृत्त होकर पूजा के कमरे…

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कोरोना और मैं

कोरोना और मैं 12 अप्रैल 2021 को मैं कानपुर से एक मुशायरा कर के वापस आई ।कहीं भी जाने से पहले मैं अपनी माता जी को जरूर बता कर और उनका आशीर्वाद लेकर जाया करती हूँ पर उस दिन मुझे डर था ,कोरोना फैल चुका था और मुझे पक्का पता था कि मेरे मम्मी मुझे…

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तीज के बहाने

तीज के बहाने तीज के बहाने स्त्रियां महीनों पहले से देखने लगती हैं पंचांग करनी होती हैं उसे कई तैयारियां नयी साड़ी, सिंदूर की डिब्बी, बिंदी, चुड़ियां और भी कई सुहाग की निशानियां तीज के बहाने बनाती है परम्परागत पकवान गुजिया ठेकुआ में मिलाती हैं अपने संस्कारों की मिठास फल फूल और पूजा सामग्री से…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की-डॉ श्रीकृष्ण सिन्हा

बिहार केसरी डा.श्रीकृष्ण सिन्हा “डा. श्रीकृष्ण सिन्हा” यानी “श्री बाबू” को आधुनिक बिहार का प्रणेता कहा जता है। उनका बिहार में अवतरण मानो एक ईश्वरीय आशीर्वाद था क्योंकि वे अग्रिम विचारों के पोषक एक ऐसे नायक थे जिन्होंने एक प्रबुद्ध एवं समृद्ध बिहार की परिकल्पना की और उसे साकार रूप देने में ताउम्र जीवट रहे।…

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समर्पित जीवन

समर्पित जीवन जब से होश संभाला स्वयं को शिक्षकों के बीच पाया | हिंदी के प्रखण्ड विद्वान्-दादा डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव राजेन्द्र कॉलेज छपरा के प्राचार्या थे जिन्होंने अपने ज्येष्ठ पुत्र शैलेन्द्र की शादी हिन्दी स्नातकोत्तर की गोल्ड मेडलिस्ट वीणा से बिना कुण्डली देखे बिना उपजाति पूछे ,सिर्फ अंक पत्र देखकर की थी | शैलेन्द्र और…

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गणतंत्र का सबसे मजबूत अस्त्र शिक्षा

गणतंत्र का सबसे मजबूत अस्त्र शिक्षा 72 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर विशेष शुभकामनाएं। 21वीं सदी का पहला गणतंत्र, युवा भारत के सपनों का गणतंत्र, अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपनी पहचान बनाता, राज करता भारतीय गणतंत्र, जन गण मन तक राष्ट्रीयता के संदेश पहुंचाता गणतंत्र । हमारी शैक्षणिक विरासत पर हमें गर्व है…. नालंदा तक्षशिला…

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जात न पूछो साधू की….

जात न पूछो साधू की…. वातावरण की गंभीरता को अपने अंदर समेटते हुए मंत्र गूंज रहा था… न जायते म्रियते वा कदाचित् नायं भूत्वा भविता वा न भूयः। अजो नित्यः शाश्वतोऽयं पुराणो न हन्यते हन्यमाने शरीरे॥ गंगा जब यह मंत्र पढ़कर नानाजी की तेरहवीं के कर्मकांड करवा रही थी, तब मुझे लगा कि अब नानाजी…

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जी ले कुछ पल अपने लिए

जी ले कुछ पल अपने लिए थम चुका वक़्त की बर्फीली हवाओं का दौर पिघल चुकी संघर्षों की बदली भागमभाग की चट्टानें शोर था विकट, घनघोर निकट, एक सूक्ष्मतम तंतु ने भेद डाले, असमंजसों के जाल अर्श से पाताल? मनुष्य! कुछ थमो तुम, करो आत्ममंथन मथा ज्यूं समुद्र को, पाया अमृत समुद्रमंथन असुर है! यह…

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