दंगों के बाद

दंगो के बाद दंगो के बाद वाला आसमान काला होता है कालिख बहुत दिन तक गिरती रहती है समाज के सर दंगो के बाद खतरनाक होता है राजनीति करना दंगो के बाद की राजनीति लेकिन सबसे खतरनाक होती है एक जली इमारत दूसरी को देखती है पूछती है तुम्हे क्यों जलाया जली इमारत रुआंसी है…

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नन्हा फरिश्ता

नन्हा फरिश्ता राम-लक्ष्मण जैसे दो भाईयों के बीच जमीन- जायदाद को लेकर लड़ाई हुई थी और बंटवारा हुआ था। बड़ा भाई सुखदेव यूँ तो बहुत समझदार था और अपने छोटे भाई ज्ञानदेव को प्यार भी करता था परंतु जबसे दुलारी पत्नी बनकर उसके घर आई थी,एक-दो सालों में हालात कुछ ऐसे होने लगे थे और…

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Biography Of Elisa Mascia

Biography of Elisa Mascia Elisa Mascia was born in Santa Croce di Magliano (Cb), on 13/04/1956, she lives and works in San Giuliano di Puglia (Cb). Retired teacher. Writing is a real need for life and draws inspiration from anything or any surrounding event. She has participated in various national and international poetry competitions obtaining…

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स्वास्थ्य ही धन है

स्वास्थ्य ही धन है हे मानव! जो करते हो अपने जीवन से प्यार, तो सदा ही बनाना अनुशासित आधार। सुबह सवेरे उठकर करना थोड़ा सैर, देर तक सोने से रखना सदा बैर। नित्यकर्म से होकर निवृत्त तुम, थोड़ा करना कसरत योगासन भी तुम। तन को भोजन सदा सरल देना, पानी जूस पदार्थ तरल पीना। खान-पान…

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एमेनोरिया

कई बार पीरियड्स आने अचानक बंद हो जाते हैं । इसे हल्के में ना लें। यह रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स या हार्मोन्स से जुड़ी समस्या हो सकती है। किसी युवती के पीरियड्स आने अचानक बंद हो जाएं और यह स्थिति 6 महीने तक बनी रहे, तो इसे डॉक्टरी भाषा में एमेनोरिया कहते हैं। जमशेदपुर की सीनियर कंसलटेंट…

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The Myriad Colors of Holi

The Myriad Colors of Holi- From Brij bhoomi to Imphal in Manipur The stage is aesthetically decorated and well illuminated. An adolescent Krishna enters stealthily with his friends. All are dressed as cowherds. Krishna has a peacock feather in his hair while ‘gopas’ have shaven heads with a distinctive tuft of hair. From their conversation…

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कलयुगी सावित्री

कलयुगी सावित्री रोज की तरह उस दिन भी धनिया काम करने आई तो बहुत बुझी बेजान सी दिख रही थी ।मैं अभी अभी स्कूल से लौटी थी इसलिए मैंने उस पर ध्यान नहीं दिया वह जूठे बर्तन उठाकर उन्हें साफ करने चल पड़ी ।मैं थोड़ी देर आराम करने के लिए बिस्तर पर लेट गई अक्सर…

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भूख

भूख मुझे बेशक गुनहगार लिखना साथ लिखना मेरे गुनाह, हक की रोटी छीनना । मैंने मांगा था, किंतु, मिला तो बस, अपमान, संदेश, उपदेश, उपहास, और बहुत कुछ । जिद भूख की थी, वह मरती मेरे मरने के बाद । इन, अपमानों, संदेशों, उपदेशों, उपहासों, से पेट न भरा, गुनाह न करता तो मर जाता…

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आखिर कब होगीं आजाद

आखिर कब होगीं आजाद इस बार का स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि इस बार हमारे देश को एक सूत्र में बांधने के लिए सरकार द्वारा एक विशेष कदम उठाया गया, जिससे आज जाकर हम सब एक हैं । यह कहावत चरितार्थ हुई है। आजाद हुए 70 साल हो गए हैं लेकिन…

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