फूलों की वर्षा
फूलों की वर्षा सुबह-सुबह प्रधानमंत्री की घोषणा सुनाई दी- “कल हैलीकाप्टर से सिंगापुर का झंडा फहराया जाएगा और नर्सों-डाक्टरों पर फूलों की वर्षा की जाएगी।” घोषणा सुनकर “टियन” तिलमिला उठी…अभी तो उसे देश भर के अस्पतालों और क्मयूनिटी केयर सेंटरस के लिए कितनी सारी चीजों की ज़रूरत है! यह क्या नौटंकी सूझी है सरकार को?…
मानवता का शव
मानवता का शव इतिहास के खडंहरों,में क्षतविक्षत पडा है मानवता का शव… सदियों,का सन्नाटा.. और ..दिलों दिमाग पर गूंजतीं …भयानक चीखें… सरसराहट …दरकते रिश्ते क्रदंन कराहती रुहों का.. पुराने दिनो की आखों से बहती धार में… बताऔ..भविष्य की आँख में काजल सजाऊं कैसे??? दूर बहुत दूर ले आती कोकिला की आवाज़ किन्तू पास ..बहुत पास…..
युगदृष्टा प्रेमचंद
युगदृष्टा प्रेमचंद प्रेमचंद युग भारत की दासता का युग था। उस समय देश का जीवन जीर्ण शीर्ण हो गया था ।आडंबर और सामंतवाद का बोलबाला था। वह भारत की अधोगति का समय था किंतु धीरे धीरे अंग्रेजों के अधीन होते हुए भी देश में पुनरुत्थान की भावना जागृत होने लगी।प्रेमचंदजी ने एक सजग, ईमानदार और…
तेरे संग का रंग
तेरे संग का रंग होली में हमारे घर भांग पिसी जाती और उसे छुपा कर ठंडई में, पुआ में डाल दिया जाता ताकि देवरों नंदो को पता न चल पाए भाभी के मज़ाक का, और पति को भी आनंद के रंग में डुबो दिया जाए। उन दिनों परिवार बड़ा था और होली में मायका ससुराल…
सुना तो सिर्फ दिल का
सुना तो सिर्फ दिल का मेरा जन्म 22 फरवरी को हुआ । मैं दूसरे नम्बर पर थी। बहन के एक साल बाद ही मेरे आगमन से कोई ज्यादा खुशी नहीं हुई थी मेरे परिवार को।और फिर मेरे बाद दो और बहनें , तब एक भाई। मम्मी भी नौकरी में थे और दादी का…
स्वतंत्रता उर्फ़ स्वाधीनता या स्वछंदता,.?
स्वतंत्रता उर्फ़ स्वाधीनता या स्वछंदता,.? स्वतंत्रता क्या है,..? स्वतंत्रता का अर्थ क्या है,..? अपने मन मुताबिक चलने की आज़ादी,..? या मनमानी करने की आज़ादी,..? या अभिव्यक्ति की आज़ादी,..? आखिर क्या है स्वतंत्रता?? एक पतंग जो खुले आकाश में उड़ती है आज़ाद होती है? या एक पंछी जो अपनी काबिलियत और सामर्थ्य के दम पर उड़ता…