छत से छाये पिता

छत से छाये पिता माँ के आशीष-फूल में तुम मनका से जड़ते रहे पिता मौसम की बौछारों में भी तुम छत से छाये रहे पिता रोके थे अपने दम-खम से दिन के सब झंझावातों को गिरने से बचा लिया हरदम तुमने सपनों के पातों को विपरीत दिशा से धूलों की रोकते रहते आँधियों को जगते…

Read More

फिर से वहीं

फिर से वहीं बैंक खुलने का समय तो दस बजे है लेकिन छोटे से गाँव के बैंक में कौन देखता है। आधा-एक घंटा देरी तो मामूली-सी बात है। अभी चार छह लोग आ गए हैं। बिनय है, उसे अपनी दुकान के लिए लोन चाहिए। आशा देवी हैं, जिन्‍हें सिलाई मशीन खरीदने के लिए लोन चाहिए…

Read More

हिंदी दिवस

हिंदी दिवस हिंद देश की हिंदी भाषा कितनी है आसान, सूरज जैसी बिंदिया है मेरे भारत की शान। बनाओ राष्ट्र भाषा, करें हम सब अभिलाषा। सबसे प्यारी सबसे मीठी हिंदी हिंद की आन, सूर कबीरा और रसखाना मीरा की पहचान। बनाओ राष्ट्र भाषा, करें हम सब अभिलाषा। भाषाओं की बड़ी बहिन है नहीं किसी से…

Read More

देश अपना

देश अपना देश हो चाहे जैसा भी, अपना देश होता है अपना l बहुतों जाते विदेश आजकल, ले आँखों में समृद्धि का सपना l है अवश्य पूर्ण अधिकार उनको, करने का अपने भाग्य की रचना l परन्तु, देश हो चाहे जैसा भी, अपना देश होता है अपना l हजारों अपने स्वार्थ के लिए, करते स्वीकार…

Read More

चीन और विश्व स्वास्थ्य संगठन की संदेहास्पद भूमिका

चीन और विश्व स्वास्थ्य संगठन की संदेहास्पद भूमिका आज पूरा विश्व कोरोना महामारी की चपेट में है।यह महामारी चीन के वुहान शहर से शुरू होकर पूरे विश्व को अपनी चपेट में ले लिया।लक्षण देखें तो तेज बुखार सरदर्द, बदन दर्द, निरन्तर खाँसी, स्वास नली में संक्रमण तथा सांस लेने में तकलीफ इसके मुख्य लक्षण है।…

Read More

रमजीता पीपर

रमजीता पीपर रमजीता पीपर से गाँव की पहचान है या गाँव से इस पीपल के पेड़ की इसके बारे में दद्दा से ही पता लग सकता है। दद्दा की उम्र बहुत अधिक नही है, यही 70 के लगभग, पर लोग उन्हें दद्दा कहने लगे हैं, शायद उनके ददानुमा कहानियों और बातों के कारण हो, या…

Read More

ढूँड़ो अगर मिलता भी है

ढूँड़ो अगर मिलता भी है तूफ़ाँ भी है ठहरा हुआ, दर पे दिया रक्खा भी है रास्ता भी है, मौक़ा भी है, देखें कोई आता भी है क्या क्या सितम,क्या क्या ग़ज़ब, क्या क्या ख़लिश, क्या क्या तलब अब तो हम ज़िन्दा भी हैं अब तक तो दिल प्यासा भी है हर इक क़दम भटके…

Read More

एकल परिवार

एकल परिवार   नीलेश बहुत अच्छी कंपनी में मैनेजर था। वह अपनी सहकर्मी रीटा को पसंद करता था। माता-पिता भी दोनों की शादी के लिए तैयार हो गए… और रजिस्ट्रर्ड शादी करवाकर 150-200 लोगों को पार्टी दे दी। क्योंकि माता-पिता दोनों ही अपने नौकरी एवं कार्यक्षेत्र में व्यस्त होने की वजह से शादी की व्यवस्थाओं…

Read More

औरत ,औरत की दुश्मन

प्रायः यह जुमला सुनने को मिल ही जाता है जब कभी किसी औरत को दूसरी औरत द्वारा प्रताड़ित या परेशान किया जाता है। काफ़ी लोगों का यह मानना है कि अधिकतर औरत ही औरत की परेशानी का कारण होती है। यदि हम आस – पास नज़र डालें और औरतों के प्रति हो रहे अपराधों के…

Read More

सीता

सीता सीता थी स्वभिमानी। अभिमानी नही। रक्षा की,अपने स्वभिमान की। राम ने सीता को त्यागा। सीता ने अयोध्या त्याग दी। वन की शरण ली। जंगल को ही मंगल किया। राम की व्याहता सीता। राजा राम की बेकसूर रानी। भोली-भाली सब से अनजान। गर्भवती बेचारी। राम की मनसा को जान, कितना दुख हुआ होगा? कितनी आहत…

Read More