स्वतः एक बदलाव

स्वतः एक बदलाव आज पूरा विश्व कोरोना की महामारी से त्रस्त है। दुनियाभर को पीड़ित करने वाला कोरोना वायरस प्रकृति से ‘जूनेटिक’ है। इसका मतलब यह है कि यह जानवर से मनुष्यों में फैलता है लेकिन कोविड 19 जैसे कुछ कोरोना वायरस मनुष्यों से मनुष्यों में फैलते हैं। कोरोना एक खास प्रकार का वायरस है…

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रश्मिरथी: राष्ट्रकवि की रचनाओं में मेरी अति प्रिय रचना

रश्मिरथी: राष्ट्रकवि की रचनाओं में मेरी अति प्रिय रचना युगधर्मा, शोषण के विरुद्ध विद्रोह को अपनी कलम की वाणी बनाने वाले , जीवन रस को ओज और आशावादिता से पूरित करने वाले, सौंदर्य और प्रेम के चित्र को भी अपने कलम की कूची से रंगने वाले रामधारी सिंह ‘दिनकर’  हिन्दी के एक प्रमुख राष्ट्रवादी एवं प्रगतिवादी…

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एक पिता का संघर्ष

एक पिता का संघर्ष “बड़े भाग्य से बेटियाँ मिलती है।” ये कहते हुए माखनलाल जी अपनी पत्नी कमला के करीब बैठ गए। कमला :- “वो तो ठीक है मुझे खुद पहली सन्तान बेटी चाहिए लेकिन सासू माँ और ससुर जी वो तो लड़की का जन्म लेना बुरा समझते हैं।” माखनलाल :- “अरे चिंता ना करो…

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एकलव्य

एकलव्य ”आंटी जी!..आंटी जी!” कोई धीमे स्वरों में पुकार रहा था. मै टहलने लिए तैयार हो ही रही थी ..गेट पर झाँक कर देखा तो, रुन्छु था. मैंने गेट खोलकर पूछा -”अरे रंछु!..कहाँ था इतने दिन?दिखाई ही नहीं दिया?” ”आंटी जी बाहर गाँव चला गया था. बाबा के साथ काम करने. ..वहां सड़क बन रहा…

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यू आर माय वैलेंटाइन

यू आर माय वैलेंटाइन मैं और तुम दो अलग अलग चेहरे दिल शरीर जान आत्मा व्यक्तित्व परिवार दोस्त वातावरण फिर भी हम ऐसे एक दूसरे मे यूं समाहित हुए मेरा सब कुछ हुआ तेरा तेरा सब कुछ हुआ मेरा तेरा मान सम्मान स्वभिमान सुख दुःख सफलता धन सम्पत्ति परिवार जिम्मेदारी हुई मेरी और मेरी हुई…

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दिव्या माथुर का रचना संसार

दिव्या माथुर का रचना संसार दिनांक 19 दिसम्बर 2021 को केन्द्रीय हिंदी संस्थान, विश्व हिंदी सचिवालय, वैश्विक हिंदी परिवार एवं अन्य सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त ऑनलाइन आयोजन में प्रवासी साहित्यकार दिव्या माथुर का रचना संसार विषय पर एक साहित्यिक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता प्रवासी साहित्य के सशक्त हस्ताक्षर प्रो. कमल किशोर…

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‘आनंदी’ : मेरी प्रिय चरित्र

‘आनंदी’ : मेरी प्रिय चरित्र ‘कथा सम्राट’ मुंशी प्रेमचंद जयंती के अवसर पर, ‘गृहस्वामिनी’ पत्रिका के तत्वावधान में आयोजित आलेख एवं कथा प्रतियोगिता के अंतर्गत आलेख का विषय, “आपको प्रेमचंद की कौन सी कहानी सबसे अधिक पसंद है और क्यों?” पढते ही उम्र के इस पड़ाव पर भी मेरे जेहन में जो नाम आया वह…

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अमर शहीद अशफाक उल्ला खां

अमर शहीद अशफाक उल्ला खां हमारा भारतवर्ष सैकड़ों वर्षों तक गुलामी के दंश को झेलता रहा । इतिहास के पन्नों को पलट कर देखें तो यह स्पष्ट होता है कि कोई बहुत बड़ा आक्रमणकारी आकर हमें गुलाम नहीं बनाया। इसके पीछे का कारण हम सभी अच्छी तरह जानते हैं हमारा देश छोटे-छोटे राज्यों में बटा…

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एक दिन का सांता

एक दिन का सांता एक ही दिन सही चाहे कुछ पल सांता बन किसी के चेहरे की मुस्कान बन जाइए।मैरी क्रिसमस इसके साथ यह बताना ज़रुरी की जिंदगी के इस कारवां में बहुत किस्से हैं आपके हमारे, याद हैं बच्चें दोनो ही छोटे थे,तब बड़े दिन की तैयारी शुरू हो जाती थी,बच्चे दोनो ही मनपसंद…

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चाय

चाय चाय;तुझे गोरों ने लाया हमारी धरती, पहाड़ों और तराइयों पर बसाया बने हरे भरे चाय बगान हज़ारों कामगार को मिले रोज़गार। चाय, तेरे रूप अनेक रच बस गई इस धरती पर पूरब -पश्चिम उत्तर -दक्षिण अमीर -ग़रीब बन गई सबकी चाहत चाय तेरे भिन्न भिन्न रंग! कभी गोरी कभी काली सर्दी में अदरक वाली,…

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