मंजुला अस्थाना महंती की कविताएं
मंजुला अस्थाना महंती की कविताएं 1.तृषित आत्मा नैन बावरे इत उत् निहारे न जाने किस को पुकारे प्यासे नैना मरम न जाने तृष्णा क्योंकर ना पहचाने अनजानी अव्यक्त सी मूरत कैसी होगी उसकी सूरत मन में हल चल फ़िर भी बेकल तिष्णगी सी बढ़ती जाती हर क्षण, पल पल उत्सुकतावश…