तड़प

तड़प यादों की धूप में बैठी अंजली का मन साइबेरिया के पंछी की तरह इस शहर से उस शहर उड़ रहा है । अपनी बालकनी से ही न जाने कहाँ कहाँ की सैर कर रही है ।आज उसका मन फिर से विचलित हो रहा था। उसे आज राज की यादें आ रही थी । गाँव…

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करवा चौथ का चाँद आया

करवा चौथ का चाँद आया देख सखी दूर हुआ तमस मन कमल खिला उद्गार संग घिरी थी कालिमा चहुँ ओर नभ दमके सखी चाँद आया खिल रहा था चाँद हर माह निराशा भय का जैसा प्रहर अद्भुत ज्योति है हटा धुंध करवा चौथ का चाँद आया चाँदनी की ओढ़नी लहराते नयन खिले स्निग्ध मुस्कान अमृत…

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करिश्माई आईना

करिश्माई आईना राजा सिर्फ़ नाम का ही राजा था, वैसे अपने आपको रंक ही समझता था। ऐसा नहीं था कि वह एकदम मुफलिस खानदान में जन्मा था या मां बाप उसका खयाल नहीं रखते थे, पर उसका दुःख ये था कि हर मामले में वह बड़ा मामूली था – दिखने में, बोलने में, पढ़ने में,…

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सिर्फ एक देह नहीं है औरत

*सिर्फ एक देह नहीं है औरत* ================ ” *औरत काम पे निकली थीं* *बदन घर रख कर* *ज़िस्म खाली जो नज़र आए तो मर्द आ बैठे*  !! “ औरत की आजादी की बात जब भी की जाती है तो एक सवाल अब भी जेहन में कौंधता है कि क्या औरत का अस्तित्व सिर्फ एक शरीर…

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इंग्लिश  समुद्री  डाकू  और  मुग़ल  सल्तनत 

                                                                            इंग्लिश  समुद्री  डाकू  और  मुग़ल  सल्तनत           इंग्लैंड के संसद भवन में प्रमुख द्वार…

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Moments Of Love

Moments of Love As I hold my newborn to my breast… my heart is overflowing with Joy! As the baby suckles and nurses… my heart is filled… with so much love and tenderness! An awesome sense of responsibility floods over me… as I look upon the face of a helpless and innocent infant… that is…

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I Am Woman

“I Am Woman” Here I stand whole and complete in majestic beauty with Grace and Mercy about my loins and feet! I am gentle as a breeze blowing through the trees; A pillar of strength in times of difficulty and adversity! A well of emotions and passions are suckled from my breasts while the tears…

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वे

वे   दो विपरीत  बहते छोरों को अचानक गठबंधन में बाँध दिया गया ऐसे, जैसे कोई हादसा अचानक हो जाए न प्यार था न परिचय बस दो अजनबी… न वो सूरज था न वो किरन न वो दिया था न वो बाती। न वो चाँद था और न वो चाँदनी एकदम विपरीत थे वे दोनों……

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हिंदी अपने राजभाषा के गौरव से बहुत दूर

हिंदी अपने राजभाषा के गौरव से बहुत दूर वैचारिक संप्रेषण के लिए भाषा को आवश्यकता होती है। धरती पर जब से मनुष्य का अस्तित्व है तभी से वह भाषा का प्रयोग कर रहा है। ध्वनि एवं संकेत दोनों रूपों में वैचारिक आदान-प्रदान होता रहा है। भारत भाषा और बोलियों की दृष्टि से समृद्ध देश है।…

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एंटी रेप एक्ट

एंटी रेप एक्ट नया एंटी रेप एक्ट पर राष्ट्रपति की मंजूरी की मोहर लगते ही महिलाओं के साथ होने वाले हर तरह के अपराधों के लिए कड़ी सजाएँ तय हो गई हैं। सुधार के बाद इस विधेयक को पारित किया गया है ।एंटी रेप कानून ने आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम 2013 के रूप में अपनी…

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