भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- नरेंद्र मोदी

  नरेन्द्र दामोदरदास मोदी युग –  प्रवर्तक और नव राष्ट्रचेतना के संवाहक    नरेन्द्र मोदी का नाम लेते ही मानस पटल पर स्पष्ट काल विभाजन उभर आता है – एक सन २०१४ के पहले का भारत और दूसरा सन २०१४ के बाद का भारत। यह ठीक वैसा ही है जैसे कि मोहनदास करमचंद गाँधी का…

Read More

भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- खुदीराम बोस

खुदीराम बोस जीवन परिचय : खुदीराम बोस का जन्म 03 दिसम्बर 1889 को बंगाल के मिदनापुर जिले के हबीबपुर गांव में त्रैलोक्यनाथ बोस के यहां हुआ था. उनकी माता का नाम लक्ष्मीप्रिया देवी था. केवल 6 वर्ष की उम्र में ही उन्होंने अपने माता पिता को खो दिया था. उनका लालन पालन उनकी बहन करती…

Read More

हिन्दवासी हिंदी बोलो

हिन्दवासी हिंदी बोलो हम हिंद में रहने वाले हैं हिंदुस्तानी ही कहलाते हैं हिंदी हमारी मातृभाषा है यह देश की राजभाषा है राष्ट्रभाषा भी बन जाएगी ए हिंदवासियों हिंदी बोलो जननी जन्मभूमि ये हमारी स्वर्ग से भी महान होती है तीसरी माँ है ये मातृभाषा प्रथम पूजनीय को त्याग क्यूँ पहने विदेशी ये जामें सबसे…

Read More

नागरिकता संशोधन कानून

नागरिकता संशोधन कानून   नागरिकता संशोधन कानून के बारे पढें और समझे । एक बहुत बड़ी भ्रांति फैलाई जा रही है कि यह बिल माइनॉरिटी के खिलाफ है, यह बिल विशेषकर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ है।किसी के बहकावे में ना आएं।हम एक हैं हमें कुछ राजनीतिक दलों के बहकावे में नहीं आना है। नागरिकता (संशोधन)…

Read More

नज़रिया

नज़रिया   कोरोना काल में समय कैसे गुजर जाता है पता ही नही चलता, एक दिन नीलू ने सोचा कि क्यों ना आज सुबह सुबह माया दीदी से बात की जाये ,फोन उठाया –दीदी कैसे हो,जीजाजी कैसे है,आपके शहर में कोरोना की स्थिति कैसी है? माया –अरे साँस तो लेने दो,कितने सवाल करोगी?? हम सब लोग…

Read More

लैंडलाइन प्रेम

लैंडलाइन प्रेम   यह प्रेम कहानी उस ज़माने की है जिस वक़्त मोबाइल फोन नहीं थे और लैंड लाइन के फोन के तारों के इर्द-गिर्द घूमती थी यह दुनिया। लैंड लाइन का फोन भी हर किसी के घर में नहीं होता था और लैंड लाइन का फोन रखना एक रुतबे की बात मानी जाती थी।…

Read More

देश की शान तिरंगा।

देश की शान तिरंगा। लहराये उतुंग शिखर पर देश की शान तिरंगा हमारा।। विश्व पटल पर विजयी है दे शांति का संदेशा प्यारा।। हम स्वतंत्रता के रंग में डूबे कश्मीर से कन्याकुमारी।। धर्म है सबकी मानवता एक राष्ट्र,एक नीति हमारी।। राष्ट्रभाक्ति है सबसे बढ़कर प्रेम से रहते हमसब मिलकर।। बलिदान हुए जो देश के लिए…

Read More

परिणति

परिणति   अभी थोड़ी देर पहले जाकर घर का काम निपटा है। चलो अच्छा हुआ महरी भी आकर चली गई। चैन की सांस ली मैंने।अब दो घंटों की छुट्टी। रोहित चार बजे तक आएगा और उसके पापा आठ बजे तक।अपने कमरे में आकर मैंने एक पत्रिका उठाई और पेज पलटने लगी।तभी मोबाइल बज उठा।किसका हो…

Read More