यू आर माय वैलेंटाइन

यू आर माय वैलेंटाइन मैं और तुम दो अलग अलग चेहरे दिल शरीर जान आत्मा व्यक्तित्व परिवार दोस्त वातावरण फिर भी हम ऐसे एक दूसरे मे यूं समाहित हुए मेरा सब कुछ हुआ तेरा तेरा सब कुछ हुआ मेरा तेरा मान सम्मान स्वभिमान सुख दुःख सफलता धन सम्पत्ति परिवार जिम्मेदारी हुई मेरी और मेरी हुई…

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उजालों की ओर

उजालों की ओर सृष्टि के अविरल प्रवाह की वात्सल्य धारा में अवगाहन करता मनुष्य और उसके भावसुमनो के मुस्कान स्रोत से नि:सृत समाज के मन की कल्पना है आठ मार्च “अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस”। स्तम्भित होती हूं जो महिला प्रत्येक पल प्रणम्य है उसके लिये ३६५ दिन में एक दिन ? “मातानिर्माता भवति” नारी तो सृष्टा…

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ममता कालिया- एक कवयित्री के रूप मे

ममता कालिया- एक कवयित्री के रूप मे ममता कालिया का नाम यूं तो गद्य लेखन में अधिक है परंतु उन्होंने अपनी रचनाएंं कविताओं से ही आरंभ की थीं। ममता कालिया की पद्य रचनाएं भी उनकी गद्य रचना के समान ही विशिष्ट हैं। पेश हैं वाणी प्रकाशन की किताब ‘पचास कविताएं’ में छपीं उनकी कविताओं में…

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मनिहारिन 

मनिहारिन    रंग बिरंगी चूड़ियां किसे सम्मोहित नहीं करती । चाहे छोटी सी बच्ची हो,चाहे नवयौवना हो या फिर वो वैधव्य की अवस्था हो जिसमें समाज के द्वारा चूड़ियां पहनना निषिद्ध होता है, किन्तु चूड़ियों का आकर्षण कम नहीं होता। उनकी छनछन से तो बड़े बड़े विश्वामित्र सरीखे पुरुषों का ध्यान भी भंग हो जाता…

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Expectation

Expectation Empty chair by the Christmas table. Thousands of glittering flames Dance on colorful ornaments. The whole world trembles, it slowly rocks. Green spruce smells like the woods. Like Ariadne, I weave Angel hair into memories and silence. I return to happy hours, To events that are now but dreams. I listen to every murmur,…

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मजबूर मजदूर

मज़बूर मजदूर मैं स्वयं कृषक कन्या हूँ, मज़दूर और किसानो की स्थिति बहुत करीब से देखी हूँ और समझती हूँ,सभी मजदूरों की पीड़ा को मैं हृदय से महसूस करती हूँ और उनका बहुत सम्मान करती हूँ । इस कोरोना काल के संकट में सबसे भयावह और दिल दहला देने वाली स्थिति हमारे देश के मजदूरों…

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लिखती तो तू है ज़िन्दगी

  लिखती तो तू है ज़िन्दगी मैंने तो सिर्फ पकड़ रखा है हाथ में कलम , लिखती तो तू है ज़िंदगी ! देखा जाए तो लिखने वाले हर विधा पर कलम चला ही लेते हैं, पर जब बात खुद पर लिखने की हो तो यह बात रोचक भी हो जाती है और तनिक जोखिमपूर्ण भी…

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‘अब वतन भी कभी जाएंगे..’

‘अब वतन भी कभी जाएंगे..’ ‘अब वतन भी कभी जाएंगे तो मेहमां होंगे’ .. मशहूर शायर मोमिन खां के दिल का दर्द एक दम सच बैठा इंतजार हुसैन साहब पर। इंतजार हुसैन पाकिस्तान के बहुत बड़े अद़ीब हुए हैं। लेकिन उनके किस्से,कहानियों में हिंदुस्तान के प्रति भी उनके बेइंतहा लगाव को देखते हुए कहा जाना…

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रहस्यमयी रानी-मिस्र की क्लियोपेट्रा Vll

रहस्यमयी रानी-मिस्र की क्लियोपेट्रा Vll क्लियोपेट्रा मिस्र की सबसे सफल व खूबसूरत रानी थी। उसने अपनी सुंदरता , चतुराई , षड्यंत्रकारिता, कामुकता व बुद्धिमत्ता के बल पर कई वर्षों तक सफलतापूर्वक राज किया। आज भी इस रहस्यमयी शख्सियत के ऊपर शोध जारी है। यह सिलसिला थमा नहीं है। साथ ही, यह कहना भी न्याय संगत…

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जीतेंगे हम शान से

जीतेंगे हम शान से सप्तबधी अवधान से देह के व्यवधान से कोरोना के जंग में जीतेंगे हम शान से।। वीथियों में जो मिले खोल चेहरा जो चले कहें घरों में अब रहें नसीहतों की आन से।। देखने में व्यस्त हों वो ना भूख त्रस्त हो परिवेश भी सतर्क हो प्रतिवेशियों के ध्यान से।। अधीरता को…

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