हम जीतेंगे

हम जीतेंगे हम जीतेंगे, हम जीतेंगे लाज़िम है कि हम ही जीतेंगे वो दिन कि जिसका अरमां है हम सारे जनों का फ़रमां है जब ये भय, ये दहशत का आलम बन इक गुबार उड़ जाएंगे बेशक़ हम दिलों को जोड़ेंगे औऱ ज़ंजीरों को तोड़ेंगे लेकिन, लेकिन……. ना रखे दुश्मन कोई भरम नहीं है मुश्किल…

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युद्ध लड़ रही हैं लड़कियाँ

युद्ध लड़ रही हैं लड़कियाँ कविता संग्रह- युद्ध लड़ रही हैं लड़कियाँ कवि-वीरेंदर भाटिया प्रकाशक- संभव प्रकाशक, प्रेमचंद्र पुस्तकालय तितरम, कैथल-136027 (हरियाणा) प्रथम संस्करण- 2020 स्वतंत्र सदी में युद्ध लड़ रही स्त्रियाँ : पर-तंत्रता यह समय पुस्तक समीक्षा का एक ऐसा दौर है जहां हर समीक्षाकार व्यक्तिगत तौर पर ध्यान रखकर समीक्षा करने पर आमादा…

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महामारी में भी ओछी राजनीति

महामारी में भी ओछी राजनीति एक बड़े शायर का शेर है लू भी चलती थी तो बादे-शबा कहते थे, पांव फैलाये अंधेरो को दिया कहते थे। उनका अंजाम तुझे याद नही है शायद, और भी लोग थे जो खुद को खुदा कहते थे।। महाभारत काल में अखंड भारत के मुख्यत: 16 महाजनपदों कुरु, पंचाल, शूरसेन,…

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एक और स्वप्न

एक और स्वप्न बाहर तेज गर्जना के साथ बारिश हो रही थी, रात गहराने लगी थी। मैं भी रसोई और अन्य सारे कार्यों से निपट कर बस बिस्तर पर पड़ ही जाना चाह रही थी कि अचानक फोन की घंटी बज उठी। उधर नयना दीदी थी, भर्राई हुई आवाज में उन्होंने कहा-“प्रोफ़ेसर साहब नहीं रहें।”मैं…

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Ashes

Ashes My soul, do not be in pain smile heroically Where you are Wherever you go Fight your way to the front Do not be afraid Life belongs to the brave To the audacious courageous Not to the common and humble mortals And if you are in pain, do not show it, do not cry…

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दुख के बादल

दुःख के बादल कोरोना काल चल रहा था।रीमा भी लॉकडाउन का बहुत अच्छी तरह से पालन कर रही थी। लॉकडाउन को चलते दो महीने हो चुके थे।रीमा ने बिल्कुल भी हार नहीं मानी थी।शुरु-शुरु में विचलित जरूर हुई थी,जब टेलीविजन मर मरने वालों को संख्या देखती थी। लॉकडाउन में रीमा ने वो सब काम किए…

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लॉकडाउन

लॉकडाउन कोरोना वैश्विक महामारी ने हम सब के जीवन को रोक सा दिया है । सब कुछ बंद है, आवागमन ,व्यापार , पर्यटन , उद्योग धन्धे , होटल रेस्टोरेंट , सिनेमा उद्योग , नौकरियां आदि । सब कुछ वर्क फ्रॉम होम हो गया है चाहे वह शिक्षा यो या सरकारी , प्राइवेट काम काज ।…

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ऐ वतन

ऐ वतन ऐ वतन! मेरे भारत! तेरी माटी से बनी हूँ मैं तेरी आबो हवा में ही मैं जिंदा हूँ मेरी साँसों में बसी है तेरी खुशबू रूह में इश्क हकीकी ख़ुदाया तेरा है नहीं दरकार मुझे मौसमों की तरहा प्यार के इज़हार की मेरा हर दिन मुबारक है तेरी आगोश में हर पल महफूज़…

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आया बसंत

आया बसंत खेतों में सरसों के फूल, बागों में गेंदे के फूल- प्रकृति की यह अनुपम छटा बसंत के आगमन का संकेत है। ऋतुओं का राजा बसंत तन-मन को गुदगुदा देने वाला संदेश लेकर आता है। बसंत पंचमी को सरस्वती पूजा की जाती है। ज्ञान, बुद्धि और संस्कार की देवी सरस्वती को आह्वान करते हुए…

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मंजिल मिलेगी, चुनैतियों के पार

मंजिल मिलेगी, चुनैतियों के पार बात पुरानी है, यही कोई साठ साल पहले की… मैं अपने घर की चुलबुली, सुन्दर, हँसने-हंसाने वाली सबकी लाड़ली गुडिया थी …मेरी बड़ी बहन मुझसे ठीक विपरीत, गंभीर, शान्त, पढ़ाकू …. एक दिन मेरे ताऊ जी ने मेरी बहन का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से मुझसे कहा, “ज़रा अपना हाथ…

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