Online Food Order In Train

घर पर ही नहीं अब ट्रेन में भी मंगवायें खाना ऑनलाइन – जानें आसान तरीका

क्या आपने कभी पहियों पर रहते हुए अपने पसंदीदा भोजन का एक टुकड़ा ऑर्डर किया ? क्या आप अगली ट्रेन यात्रा में ऑर्डर फूड डिलीवरी करने की योजना बना रहे हैं ? एक विश्वसनीय और अच्छी तरह से मान्यता प्राप्त ई-खानपान सेवा प्रदाता को देखना चाहते है जो भोजन की समृद्धि और स्वाद सहित सभी…

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कोरोना की मार और 15 अगस्त

कोरोना की मार और 15 अगस्त 15 अगस्त … स्वतंत्रता-दिवस …खुशी और आनंद का दिवस…अंग्रेज़ी हुकूमत से भारत की आज़ादी का, बंधन-मुक्त होने का दिवस…… मुझे याद आते हैं, मेरे बचपन के दिन.. जब मैं स्कूल में थी और 15 अगस्त का दिन आता था… वह साठ का दशक था.. आज़ादी मिले चन्द साल ही…

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प्रेम -बंधन

प्रेम -बंधन दो प्राणों का है अटूट ये बंधन । दो श्वांसों का श्वांसों से अनुबंध । दो प्राणों की मधुर आलाप है दो प्राणों की ये वेदना है। प्रेम ..मौन की बोलती भाषा प्रेम …हृदय की है परिभाषा । दो नयनों का स्मित -हास जीवन का है जो दीर्घ श्वास। प्रेम … राधा का…

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मां की ममता

मां की ममता माँ मेरी माँ तूँ ममता की मूरत है, निश्छल और प्यारी हसीं तेरी सूरत है, वो एहसास आज भी मेरे पास है….. जब तूँ मुझे हर पल अपने आँचल में ही छुपा कर रखना चाहती थी, क्यूंकि तुम्हे डर था की किसी की नज़र न लग जाये मुझे,… मैं बड़ी हो गयी…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- अटल बिहारी वाजपेयी

अटल बिहारी वाजपेयी:भारतीय राजनीति के अजातशत्रु भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अपने नाम के ही समान अटल एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय नेता, प्रखर राजनीतिज्ञ, नि:स्वार्थ सामाजिक कार्यकर्ता, सशक्त वक्ता, कवि, साहित्यकार, पत्रकार और बहुआयामी व्यक्तित्व वाले व्यक्ति थे। अपने प्रारंभिक जीवन में खुद का परिचय देते लिखते है – “हिन्दू तन मन, हिन्दू जीवन, रग रग हिन्दू…

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Journey of life

Journey of life Delo Isufi, was born in Vlora, Albania, Europe. He has lived in Tirana since 1953. After graduating from high school, from 1962-1966 he completed his studies at the Higher Aviation Academy, where he graduated as a Fighter Pilot. He was appointed a lecturer at the Academy. He then completed his studies, specializing…

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माँ

माँ बच्चो के चुप होने से, वो बात समझ जाए बच्चो की उदासी पर, खुद आँसु बहाए वो हमारी माँ कहलाए… अपनी थकान को वो ना बताए दर्द को अपने छुपाती जाए एक आवाज देने पर वो उठ जाए वो हमारी माँ कहलाए… मायके की याद को सीने मे दबाए सबकी चिंता मे वो ना…

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शाश्वत प्रेम

शाश्वत प्रेम मचलती-बलखाती नदियाँ, किनारों से टकराती नदिया, अपनी रवानगी में बहती चली जाती है मौन सागर में समाने को। खुद को खो कर कुछ पाना है, हार में ही जीत है यह कहती जाती है नदियाँ! गुलाब खिला है खुश्बूओं से सुवासित है। पर खो देता है अपनी सुगंध मुरझाने पर। आखिर वो खुश्बू…

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